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Deadly Cough Syrup: वही दवा... वही लक्षण, दोनों किडनी फेल, दो मौत के बाद अब मासूम हर्ष लड़ रहा जिंदगी की जंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 07 Oct 2025 01:22 PM IST
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सार
Cough Syrup Deaths in MP: डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाओं, खासकर कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी। पहले भी निहाल और गर्मित धुर्वे की इसी दवा के सेवन के बाद मौत हो चुकी है।
मासूम हर्ष यदुवंशी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में कफ सिरप पीने से दो बच्चों की मौत के बाद अब एक और बच्चा जिंदगी की जंग लड़ रहा है। तीसरे बच्चे की किडनी पूरी तरह फेल हो गई हैं। वह इस समय नागपुर मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं के सेवन से बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
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पहले दो मामले बैतूल जिले के ही थे, जहां निहाल धुर्वे (2 वर्ष) और गर्मित धुर्वे (2 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दोनों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित डॉक्टर प्रवीण सोनी द्वारा किया गया था। परिवारों का कहना है कि डॉक्टर ने कोल्ड्रिफ सिरप सहित अन्य दवाएं दी थीं, जिन्हें लेने के बाद बच्चों की तबीयत और बिगड़ गई।
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अब बैतूल के टिकाबर्री गांव में रहने वाले हर्ष यदुवंशी नामक बच्चे की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि उसका इलाज भी परासिया के डॉक्टर अमित ठाकुर के क्लीनिक में हुआ था।
दवा पीने के बाद बढ़ गई परेशानी
हर्ष के चाचा श्याम यदुवंशी ने बताया कि एक अक्तूबर को हम हर्ष को डॉक्टर अमित ठाकुर के पास ले गए थे। डॉक्टर ने जो दवाइयां दीं, उन्हें देने के कुछ ही घंटों बाद बच्चे की तबीयत और खराब हो गई। उसे बैतूल ले गए, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने भर्ती नहीं किया। इसके बाद नागपुर ले जाना पड़ा। वहीं, हर्ष के दादा देवा यदुवंशी का कहना है की डॉक्टर प्रवीण सोनी और अमित ठाकुर दोनों ने ही बच्चे को कोल्डड्रिफ सिरप दिया था, जिसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी।
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दोनों किडनियां पूरी तरह फेल
नागपुर के अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं। फिलहाल वह मेडिकल कॉलेज, नागपुर में इलाजरत है। परिवार ने बताया कि अब तक 2.50 लाख रुपये तक का खर्च हो चुका है और बच्चे की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
जांच टीम सक्रिय, कार्रवाई की मांग तेज
तीनों मामलों में एक जैसी परिस्थितियां सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट पर है। निहाल और गर्मित के परिवार पहले ही डॉक्टर की लिखी पर्चियां और दवा की बची हुई शीशियां जांच दल को दे चुके हैं। अब हर्ष का मामला भी जांच में शामिल किया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि सभी मामलों से संबंधित सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह दवाओं की गुणवत्ता थी या किसी और कारण से यह घटनाएं हुईं।
प्रशासन सख्त निगरानी
लगातार तीन बच्चों की जान खतरे में पड़ने के बाद जिले में दवा विक्रेताओं और डॉक्टरों की जांच शुरू हो गई है। स्वास्थ्य अमला निजी क्लीनिकों, मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं से दवाओं के रिकॉर्ड खंगाल रहा है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा तीनों मामलों में दवाओं और लक्षणों की समानता देखी जा रही है। फिलहाल जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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