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Bhopal: भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी, 15 हजार करोड़ की परियोजना से 7 घंटे में पूरा होगा सफर
Fri, 14 Aug 2026 04:04 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 14 Aug 2026 04:04 PM IST
सार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद भोपाल से आगरा का सफर 12-13 घंटे से घटकर करीब 7 घंटे रह जाएगा।
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भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को मंजूरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को अधिक सुगम बनाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार इस नए एक्सप्रेस वे के निर्माण से भोपाल से आगरा की दूरी केवल सात घंटे में पूरी होगी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना दोनों राज्यों के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को नया आयाम देगी।
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एनएचएआई के विस्तृत परियोजना विवरण के मुताबिक यह फोरलेन एक्सप्रेस वे मध्य प्रदेश के विदिशा और सागर जिलों से होते हुए उत्तर प्रदेश के महोबा तथा झांसी सीमा से गुजरेगा। मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि वर्तमान में भोपाल से आगरा तक की दूरी तय करने में यात्रियों को 12 से 13 घंटे का समय लगता है। नए मार्ग के बन जाने से यात्रा का समय घटकर लगभग आधा रह जाएगा। परियोजना अधिकारियों का कहना है कि इससे बुंदेलखंड क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों को सीधे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
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मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस कॉरिडोर के निर्माण से माल ढुलाई की लागत में भारी कमी आएगी। कृषि उत्पादकों और स्थानीय व्यापारियों के लिए अपनी उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। एनएचएआई के रिकॉर्ड के अनुसार मार्ग पर विभिन्न आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें विश्राम स्थल, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन और आपातकालीन चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इस एक्सप्रेस वे के आसपास नए औद्योगिक गलियारे और लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य विभिन्न चरणों में चल रहा है। एनएचएआई के प्रवक्ताओं का कहना है कि पर्यावरण मंजूरी और अन्य आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कॉरिडोर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के आधार पर डिजाइन किया गया है। इसमें स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बहुत कम होगी।
इस परियोजना पर कुल 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों का दावा है कि इसका निर्माण कार्य आगामी तीन वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
