{"_id":"69d6547f9e397519b801ce1b","slug":"bhopal-news-buildings-at-risk-due-to-underground-metro-excavation-residents-in-panic-over-lack-of-notice-di-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: मेट्रो की अंडरग्राउंड खुदाई से खतरे में इमारतें,बिना नोटिस दहशत में लोग, जर्जर होटल ढहने का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: मेट्रो की अंडरग्राउंड खुदाई से खतरे में इमारतें,बिना नोटिस दहशत में लोग, जर्जर होटल ढहने का खतरा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 08 Apr 2026 06:47 PM IST
विज्ञापन
सार
भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर की खुदाई से रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड क्षेत्र की जर्जर इमारतों पर खतरा बढ़ गया है। करीब 25 मीटर गहराई में चल रही टनल खुदाई के कारण कुछ पुराने होटलों के ढहने की आशंका जताई गई है। दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला और वे डर के माहौल में कारोबार कर रहे हैं।
जर्जर इमारत
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
राजधानी भोपाल में मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर का काम शुरू होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खुदाई के चलते रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के आसपास की कई पुरानी और जर्जर इमारतों पर खतरा मंडराने लगा है। खासतौर पर दो होटल रेडसी प्लाजा और राजश्री को लेकर हालात गंभीर बताए जा रहे हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत टनल बोरिंग मशीन (TBM) दुर्गावती ने 30 मार्च से करीब 24-25 मीटर गहराई में खुदाई शुरू कर दी है। यह मशीन 3.39 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल तैयार कर रही है, जो घने आबादी वाले इलाके से होकर गुजरेगी। रोजाना 10 से 15 मीटर तक खुदाई की जा रही है।
एजेंसी ने जताया खतरा, नोटिस पर सवाल
मेट्रो निर्माण एजेंसी ने फरवरी में ही नगर निगम को पत्र लिखकर रेडसी प्लाजा और होटल राजश्री को अस्थायी रूप से खाली कराने की चेतावनी दी थी। सर्वे में इन इमारतों में बड़ी दरारें और कमजोर स्ट्रक्चर सामने आया था, जिससे खुदाई के दौरान ढहने का खतरा बताया गया।
हालांकि, यहां रह रहे दुकानदारों और लोगों का कहना है कि उन्हें किसी तरह का कोई नोटिस नहीं मिला। उनका आरोप है कि उन्हें सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए ही इस खतरे की जानकारी मिली।
यह भी पढ़ें-कॉलेज के पास शराब दुकान का विरोध, ABVP का हंगामा, सड़क किया जाम, दुकान पर हमला, पुलिस से झड़प
डर के साए में कारोबार
इलाके के व्यापारी और रहवासी इन दिनों दहशत में हैं। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें तक नहीं खोलीं। उनका कहना है कि अगर कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बिना पूर्व सूचना के इस तरह का काम शुरू होना चिंता का विषय है।
सीवेज और जर्जर हालत ने बढ़ाई मुश्किल
स्थिति और गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि इन इमारतों में पहले से ही सीवेज का पानी भर रहा है। 40-50 साल पुरानी ये बिल्डिंग्स पहले से कमजोर हैं और दीवारों-पिलर्स में दरारें हैं। ऐसे में नीचे हो रही खुदाई से इनके गिरने का खतरा और बढ़ गया है।
यह भी पढ़ें-नौकरी पर संकट का डर,सड़कों पर उतरे शिक्षक,भोपाल में DPI घेराव,TET आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन
घने इलाके में बन रही टनल
यह अंडरग्राउंड कॉरिडोर भोपाल रेलवे स्टेशन से पुल बोगदा होते हुए सिंधी कॉलोनी तक बनेगा, जिसमें दो भूमिगत स्टेशन भी शामिल हैं। काम को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन शुरुआत में ही सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट जहां शहर के विकास की बड़ी योजना है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की सुरक्षा और भरोसे पर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन
एजेंसी ने जताया खतरा, नोटिस पर सवाल
मेट्रो निर्माण एजेंसी ने फरवरी में ही नगर निगम को पत्र लिखकर रेडसी प्लाजा और होटल राजश्री को अस्थायी रूप से खाली कराने की चेतावनी दी थी। सर्वे में इन इमारतों में बड़ी दरारें और कमजोर स्ट्रक्चर सामने आया था, जिससे खुदाई के दौरान ढहने का खतरा बताया गया।
हालांकि, यहां रह रहे दुकानदारों और लोगों का कहना है कि उन्हें किसी तरह का कोई नोटिस नहीं मिला। उनका आरोप है कि उन्हें सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए ही इस खतरे की जानकारी मिली।
यह भी पढ़ें-कॉलेज के पास शराब दुकान का विरोध, ABVP का हंगामा, सड़क किया जाम, दुकान पर हमला, पुलिस से झड़प
डर के साए में कारोबार
इलाके के व्यापारी और रहवासी इन दिनों दहशत में हैं। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें तक नहीं खोलीं। उनका कहना है कि अगर कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बिना पूर्व सूचना के इस तरह का काम शुरू होना चिंता का विषय है।
सीवेज और जर्जर हालत ने बढ़ाई मुश्किल
स्थिति और गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि इन इमारतों में पहले से ही सीवेज का पानी भर रहा है। 40-50 साल पुरानी ये बिल्डिंग्स पहले से कमजोर हैं और दीवारों-पिलर्स में दरारें हैं। ऐसे में नीचे हो रही खुदाई से इनके गिरने का खतरा और बढ़ गया है।
यह भी पढ़ें-नौकरी पर संकट का डर,सड़कों पर उतरे शिक्षक,भोपाल में DPI घेराव,TET आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन
घने इलाके में बन रही टनल
यह अंडरग्राउंड कॉरिडोर भोपाल रेलवे स्टेशन से पुल बोगदा होते हुए सिंधी कॉलोनी तक बनेगा, जिसमें दो भूमिगत स्टेशन भी शामिल हैं। काम को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन शुरुआत में ही सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट जहां शहर के विकास की बड़ी योजना है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की सुरक्षा और भरोसे पर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

कमेंट
कमेंट X