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राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में मतभेदः मीनाक्षी की उम्मीदवारी पर सवाल,कमलनाथ से मिलीं,विधायक दल की बैठक कल
Fri, 05 Jun 2026 07:58 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 05 Jun 2026 07:58 PM IST
सार
मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने कमलनाथ से मुलाकात की, वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने उम्मीदवार चयन पर सवाल उठा दिए हैं। कांग्रेस जहां एकजुटता का दावा कर रही है, वहीं पार्टी के भीतर से उठे सुरों ने राजनीतिक चर्चाएं तेज कर दी हैं।
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मीनाक्षी नटराजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाकर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन उम्मीदवार घोषित होने के बाद पार्टी के भीतर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। एक ओर मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की, वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने उम्मीदवार चयन को लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर कर दी है।
कमलनाथ से मुलाकात के निकाले जा रहे राजनीतिक मायने
उम्मीदवार घोषित होने के बाद मीनाक्षी नटराजन दिल्ली स्थित कमलनाथ के निवास पर पहुंचीं और उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवारों की चर्चा के दौरान कमलनाथ का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में शामिल था। प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना था कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने अंततः मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताया। ऐसे में उम्मीदवार घोषित होने के तुरंत बाद कमलनाथ से हुई मुलाकात को संगठनात्मक समन्वय और वरिष्ठ नेतृत्व के समर्थन से जोड़कर देखा जा रहा है।
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ज्ञानचंदानी ने उठाए उम्मीदवार चयन पर सवाल
इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हुजूर विधानसभा सीट से दो बार प्रत्याशी रह चुके नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में पार्टी से बड़ी चूक हुई है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी नेतृत्व को उम्मीदवार चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी थी, क्योंकि प्रदेश में क्रॉस वोटिंग की आशंका बनी हुई है।
दिग्विजय सिंह को बताया बेहतर विकल्प
ज्ञानचंदानी ने दावा किया कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को दोबारा उम्मीदवार बनाया जाता तो कांग्रेस की सीट अधिक सुरक्षित रहती। उनके मुताबिक दिग्विजय सिंह की विधायकों पर मजबूत पकड़ है और उनके नाम पर व्यापक सहमति भी थी। उन्होंने यह भी कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नाम पर सभी नेताओं की राय एक जैसी नहीं है।
यह भी पढ़ें-मानसून से पहले बदला मौसम, तेज आंधी-बारिश से प्रदेशभर में गिरा पारा, 45 जिलों में आज भी अलर्ट
विधायक दल की बैठक, एकजुटता पर जोर
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने भोपाल में विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। पार्टी ने सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की है। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधायकों को एकजुट रखना और राज्यसभा चुनाव में किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को समाप्त करना है। विधायकों को मतदान प्रक्रिया और चुनावी रणनीति की भी जानकारी दी जाएगी।
यह भी पढ़ें-झीलों का शहर भोपाल पर्यावरणीय संकट की ओर, बिगड़ते पर्यावरण के ये 5 सबसे बड़े कारण
कांग्रेस का दावा- सभी विधायक साथ
हालांकि कांग्रेस के कई नेता और विशेष रूप से छिंदवाड़ा के विधायक पार्टी नेतृत्व के फैसले के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। उनका कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन को सभी कांग्रेस विधायकों का समर्थन मिलेगा।
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कमलनाथ से मुलाकात के निकाले जा रहे राजनीतिक मायने
उम्मीदवार घोषित होने के बाद मीनाक्षी नटराजन दिल्ली स्थित कमलनाथ के निवास पर पहुंचीं और उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवारों की चर्चा के दौरान कमलनाथ का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में शामिल था। प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना था कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने अंततः मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताया। ऐसे में उम्मीदवार घोषित होने के तुरंत बाद कमलनाथ से हुई मुलाकात को संगठनात्मक समन्वय और वरिष्ठ नेतृत्व के समर्थन से जोड़कर देखा जा रहा है।
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ज्ञानचंदानी ने उठाए उम्मीदवार चयन पर सवाल
इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हुजूर विधानसभा सीट से दो बार प्रत्याशी रह चुके नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में पार्टी से बड़ी चूक हुई है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी नेतृत्व को उम्मीदवार चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी थी, क्योंकि प्रदेश में क्रॉस वोटिंग की आशंका बनी हुई है।
दिग्विजय सिंह को बताया बेहतर विकल्प
ज्ञानचंदानी ने दावा किया कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को दोबारा उम्मीदवार बनाया जाता तो कांग्रेस की सीट अधिक सुरक्षित रहती। उनके मुताबिक दिग्विजय सिंह की विधायकों पर मजबूत पकड़ है और उनके नाम पर व्यापक सहमति भी थी। उन्होंने यह भी कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नाम पर सभी नेताओं की राय एक जैसी नहीं है।
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विधायक दल की बैठक, एकजुटता पर जोर
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने भोपाल में विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। पार्टी ने सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की है। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधायकों को एकजुट रखना और राज्यसभा चुनाव में किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को समाप्त करना है। विधायकों को मतदान प्रक्रिया और चुनावी रणनीति की भी जानकारी दी जाएगी।
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कांग्रेस का दावा- सभी विधायक साथ
हालांकि कांग्रेस के कई नेता और विशेष रूप से छिंदवाड़ा के विधायक पार्टी नेतृत्व के फैसले के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। उनका कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन को सभी कांग्रेस विधायकों का समर्थन मिलेगा।
