सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Doctor sentenced to jail after 15 years; consequences of fraudulently obtaining a medical seat us

Bhopal News: 15 साल बाद डॉक्टर को जेल की सजा, दस्तावेज से मेडिकल सीट हथियाने का अंजाम, कोर्ट का कड़ा संदेश

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Tue, 27 Jan 2026 10:02 PM IST
विज्ञापन
सार

फर्जी डोमिसाइल के जरिए गांधी मेडिकल कॉलेज में सरकारी सीट लेने वाले डॉक्टर को भोपाल कोर्ट ने दोषी ठहराया। 15 साल पुराने मामले में अदालत ने धोखाधड़ी और जालसाजी की चार धाराओं में अधिकतम 3 साल की सश्रम कैद और जुर्माना सुनाया।

Bhopal News: Doctor sentenced to jail after 15 years; consequences of fraudulently obtaining a medical seat us
जीएमसी भोपाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

भोपाल की अदालत ने फर्जी डोमिसाइल के जरिए गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में सरकारी सीट हासिल करने वाले डॉक्टर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। करीब 15 साल तक चले इस मामले में 23वें अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना की कोर्ट ने आरोपी डॉक्टर को धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी चार धाराओं में दोषी माना। अदालत ने अधिकतम तीन साल की सश्रम कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
Trending Videos


राज्य कोटा का गलत इस्तेमाल, जांच में खुला फर्जीवाड़ा
यह मामला वर्ष 2010 का है। आरोपी डॉक्टर सुनील सोनकर ने पीएमटी परीक्षा पास करने के बाद खुद को मध्यप्रदेश का मूल निवासी बताकर राज्य कोटा का लाभ लिया। इसके लिए उसने नकली निवास प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर उसे मेडिकल कॉलेज में सरकारी सीट मिल गई। कुछ समय बाद इस गड़बड़ी की शिकायत व्यापमं तक पहुंची और फिर जांच STF को सौंपी गई। जांच में साफ हुआ कि आरोपी का मूल निवास प्रमाणपत्र फर्जी था और उसी के जरिए उसने शासकीय लाभ हासिल किया। वर्तमान में आरोपी बीना में रह रहा है, जबकि दस्तावेजों में स्थायी पता रीवा दर्शाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार धाराओं में सजा तय
कोर्ट ने आरोपी को IPC की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी करार दिया। 
धारा 420: 3 साल सश्रम कारावास व 500 रुपए जुर्माना
धारा 467: 3 साल सश्रम कारावास व 500 रुपए जुर्माना
धारा 468: 3 साल सश्रम कारावास व 500 रुपए जुर्माना
धारा 471: 2 साल सश्रम कारावास व 500 रुपए जुर्माना
योग्य छात्रों के हक पर डाका: अभियोजन पक्ष

यह भी पढ़ें-पंचमढ़ी नजूल क्षेत्र अभयारण्य से बाहर,सिंचाई-रोजगार-वन विकास पर हजारों करोड़ की मंजूरी

किसी योग्य छात्र का हक भी छिना
सरकार की ओर से STF भोपाल के विशेष लोक अभियोजक आकिल खान और सुधा विजय सिंह भदौरिया ने मामले की पैरवी की। अभियोजन ने तर्क दिया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए मेडिकल सीट लेना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इससे किसी योग्य छात्र का हक भी छिन जाता है। विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि इस फैसले से साफ संदेश गया है कि शैक्षणिक संस्थानों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी लाभ लेने वालों को देर-सबेर कानून के कटघरे में आना ही होगा, चाहे आरोपी डॉक्टर ही क्यों न हो।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed