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Bhopal News: सड़क हादसों में गोल्डन ऑवर फोकस, एम्स के डॉक्टरों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय ट्रॉमा लाइफ प्रशिक्षण
Sun, 28 Jun 2026 06:29 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 28 Jun 2026 06:29 PM IST
सार
एम्स भोपाल में 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट प्रोवाइडर कोर्स आयोजित होगा। इसमें डॉक्टरों को गंभीर दुर्घटना और अन्य ट्रॉमा मरीजों के त्वरित आकलन व वैज्ञानिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और मजबूत होंगी तथा सड़क हादसों में मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों के मामलों में मरीजों की जान बचाने के लिए सबसे अहम माने जाने वाले गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए एम्स भोपाल 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट प्रोवाइडर कोर्स आयोजित करेगा। इस प्रशिक्षण में डॉक्टरों को गंभीर रूप से घायल मरीजों के त्वरित आकलन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उपचार की आधुनिक तकनीकें सिखाई जाएंगी।
आपातकालीन इलाज की गुणवत्ता होगी बेहतर
यह प्रशिक्षण अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स के प्रमाणित एटीएलएस इंडिया कार्यक्रम के तहत होगा। इसमें सड़क हादसे, ऊंचाई से गिरने, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर चोटों के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर इलाज करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
एम्स के अनुसार प्रशिक्षित डॉक्टर गंभीर मरीजों की स्थिति का तेजी से आकलन कर सही समय पर जीवनरक्षक उपचार दे सकेंगे। इससे दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने और उन्हें जल्दी स्वस्थ करने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही अस्पतालों में ट्रॉमा केयर और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
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चिकित्सकों के कौशल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण
एम्स भोपाल का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना और प्रदेश में बेहतर, सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह प्रशिक्षण भविष्य में गंभीर दुर्घटना पीड़ितों के उपचार को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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आपातकालीन इलाज की गुणवत्ता होगी बेहतर
यह प्रशिक्षण अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स के प्रमाणित एटीएलएस इंडिया कार्यक्रम के तहत होगा। इसमें सड़क हादसे, ऊंचाई से गिरने, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर चोटों के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर इलाज करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
एम्स के अनुसार प्रशिक्षित डॉक्टर गंभीर मरीजों की स्थिति का तेजी से आकलन कर सही समय पर जीवनरक्षक उपचार दे सकेंगे। इससे दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने और उन्हें जल्दी स्वस्थ करने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही अस्पतालों में ट्रॉमा केयर और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
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चिकित्सकों के कौशल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण
एम्स भोपाल का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना और प्रदेश में बेहतर, सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह प्रशिक्षण भविष्य में गंभीर दुर्घटना पीड़ितों के उपचार को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
