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Bhopal News: भोपाल में शिक्षक भर्ती पर बवाल, पद बढ़ाने की मांग पर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प, कई अभ्यर्थी घायल

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 17 Apr 2026 02:57 PM IST
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सार

भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें कई अभ्यर्थी घायल हो गए और एक की उंगली फ्रैक्चर हो गई। इसके बाद भी अभ्यर्थियों ने हार नहीं मानी और DPI पहुंचकर विरोध जारी रखा।

Bhopal News: Uproar over Teacher Recruitment in Bhopal; Protests Demanding an Increase in Vacancies Lead to Cl
भोपाल में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर शुक्रवार को माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। वर्ग-2 (माध्यमिक) और वर्ग-3 (प्राथमिक) भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर से सैकड़ों अभ्यर्थी पॉलिटेक्निक चौराहे पर एकत्र हुए थे। शुरुआत में शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा यह प्रदर्शन अचानक उस समय उग्र हो गया, जब अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
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 CM हाउस की ओर बढ़ते ही बढ़ा तनाव
अभ्यर्थी अपनी मांगों को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए CM हाउस की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की तैयारी कर रखी थी। जैसे ही अभ्यर्थियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। धीरे-धीरे यह स्थिति झड़प में बदल गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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 गाड़ियों में भरकर हटाया, अभ्यर्थियों ने लगाए आरोप
झड़प के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई अभ्यर्थियों को जबरन गाड़ियों में बैठाकर वहां से हटाया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें खींचते हुए और धक्का देकर हटाया गया, जबकि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने पुलिस पर ज्यादती करने के आरोप भी लगाए।

 झड़प में कई घायल, एक अभ्यर्थी की उंगली फ्रैक्चर
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान हुई झड़प में कई अभ्यर्थियों को चोटें आई हैं। कुछ को हल्की चोट लगी, जबकि एक अभ्यर्थी की उंगली फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। घायल अभ्यर्थियों ने पुलिस की कार्रवाई को “बर्बरता” करार देते हुए नाराजगी जताई और कहा कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।

 महिला अभ्यर्थियों में भी दिखा आक्रोश
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं। झड़प और पुलिस कार्रवाई के बाद उनमें भी भारी नाराजगी देखने को मिली। कई महिला अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उनकी बात सुनी नहीं जा रही है। पुलिस कार्रवाई के बावजूद अभ्यर्थियों का आंदोलन थमा नहीं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी DPI (लोक शिक्षण संचालनालय) पहुंच गए, जहां उन्होंने दोबारा इकट्ठा होकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। यहां भी उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग दोहराई।

 महीनों से जारी है संघर्ष, नहीं मिला समाधान
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। नवंबर 2025 से लेकर अब तक कई बार भोपाल आकर धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल, मुण्डन और अलग-अलग तरीकों से विरोध जताया गया, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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 खाली पदों के बावजूद कम भर्ती पर उठे सवाल
अभ्यर्थियों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में हजारों शिक्षक पद खाली पड़े हैं। कई स्कूलों में एक या दो शिक्षक ही काम कर रहे हैं, फिर भी भर्ती में बहुत कम पद निकाले गए हैं। उनका कहना है कि पदों की संख्या बढ़ाने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा।
 
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें


- वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) में कम से कम 10,000 पद बढ़ाए जाएं
- वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) में पद बढ़ाकर 25,000 किए जाएं
- विशेष शिक्षक के लिए अलग से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए
- जल्द दूसरी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए

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 आगे और बड़े आंदोलन की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाएंगे। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल उनकी नौकरी की नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की भी है।
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