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Bhopal News: सीएम-पीसीसी चीफ की जुबानी जंग तेज, पटवारी ने कार्यकर्ताओं से कहा- पुतले नहीं, फूलों से करें विरोध
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 01 Jun 2026 03:01 PM IST
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सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बनती दिख रही है। हालांकि विवाद के बीच पटवारी ने कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण विरोध का संदेश देकर राजनीतिक तापमान कम करने की कोशिश की है, लेकिन दोनों दलों के नेताओं के लगातार आ रहे बयानों से यह मुद्दा फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश की सियासत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेती जा रही है। शाजापुर के शुजालपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पटवारी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें दो कौड़ी का प्रदेशाध्यक्ष तक कह दिया। इसके बाद कांग्रेस ने प्रदेशभर में विरोध शुरू कर दिया, लेकिन खुद जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं से पुतला दहन न करने की अपील करते हुए गांधीवादी तरीके से जवाब देने का संदेश दिया।
शुजालपुर से शुरू हुआ विवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों का भी विरोध किया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस संगठन और उसके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए जीतू पटवारी के राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर भी कटाक्ष किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं।
कांग्रेस में बढ़ा आक्रोश
मुख्यमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बयान की आलोचना की। कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए और मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी जताई।
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पटवारी की अपील- विरोध हो, लेकिन अहिंसक
विवाद बढ़ने के बीच जीतू पटवारी ने वीडियो संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा गांधीवादी है और किसी भी प्रकार का पुतला दहन या उग्र प्रदर्शन पार्टी की संस्कृति का हिस्सा नहीं है।पटवारी ने कहा कि विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भाजपा नेताओं को फूल और माला देकर प्रतीकात्मक विरोध करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद की गरिमा का सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।
घृणा का जवाब घृणा नहीं
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस किसानों, युवाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी, लेकिन जवाब हिंसा या आक्रोश से नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घृणा का जवाब घृणा नहीं हो सकता और राजनीतिक लड़ाई विचारों के स्तर पर लड़ी जानी चाहिए।
यह भी पढ़ें-नशे का काला कारोबार बेनकाब, 50 लाख की नशीली कफ सिरप बरामद, STF की रेड में ड्रग नेटवर्क का बड़ा खुलासा
पुराने बयान से भड़का नया विवाद
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को तंज कसते हुए मोहन लाल अभिनंदन यादव कहा था। माना जा रहा है कि उसी बयान के जवाब में मुख्यमंत्री ने शुजालपुर की सभा में तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया।
शुजालपुर से शुरू हुआ विवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों का भी विरोध किया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस संगठन और उसके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए जीतू पटवारी के राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर भी कटाक्ष किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं।
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कांग्रेस में बढ़ा आक्रोश
मुख्यमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बयान की आलोचना की। कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए और मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी जताई।
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घृणा का जवाब घृणा नहीं
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस किसानों, युवाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी, लेकिन जवाब हिंसा या आक्रोश से नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घृणा का जवाब घृणा नहीं हो सकता और राजनीतिक लड़ाई विचारों के स्तर पर लड़ी जानी चाहिए।
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पुराने बयान से भड़का नया विवाद
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को तंज कसते हुए मोहन लाल अभिनंदन यादव कहा था। माना जा रहा है कि उसी बयान के जवाब में मुख्यमंत्री ने शुजालपुर की सभा में तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया।

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