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Bhopal: नर्सिंग कर्मचारी एकजुट, प्रदेशभर के संगठनों ने बनाया महासंघ, बोले-मांगें नहीं मानीं तो होगा आंदोलन
Sun, 05 Jul 2026 07:46 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 05 Jul 2026 07:46 PM IST
सार
भोपाल में प्रदेश के विभिन्न नर्सिंग संगठनों की बैठक में नर्सिंग महासंघ बनाने पर सहमति बनी। तीन प्रमुख मांगों को लेकर सरकार के सामने संयुक्त रूप से आवाज उठाने और जल्द आंदोलन की रणनीति तय करने का फैसला किया गया है।
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विभिन्न नर्सिंग संगठनों की प्रदेशस्तरीय बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में नर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुटता का बड़ा संदेश दिया है। भोपाल में आयोजित प्रदेशस्तरीय बैठक में विभिन्न नर्सिंग संगठनों ने मिलकर नर्सिंग महासंघ के गठन पर सहमति जताई। बैठक में तय किया गया कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो आगामी बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में मेडिकल एंड हेल्थ नर्सिंग एसोसिएशन, मध्य प्रदेश और नर्सेस एसोसिएशन, मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ मेडिकल कॉलेजों और जिला चिकित्सालयों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी संगठनों ने नर्सिंग कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रूप से संघर्ष करने का फैसला किया।
तीन प्रमुख मांगों पर बनी रणनीति
बैठक में नर्सिंग कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर रणनीति बनाई गई। इनमें चिकित्सा शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए एम्प्लॉय कोड जारी करना, सातवें वेतनमान का लाभ स्वास्थ्य विभाग की तरह 1 अप्रैल 2018 के बजाय 1 जनवरी 2016 से लागू करना तथा अन्य राज्यों की तर्ज पर ग्रेड पे का पुनरीक्षण प्रमुख हैं।
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय, आधे प्रदेश में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
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जल्द तय होगी आंदोलन की रणनीति
बैठक में निर्णय लिया गया कि नर्सिंग महासंघ के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए जल्द फिर बैठक आयोजित की जाएगी। यदि मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है तो चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर प्रदेशभर में संयुक्त रूप से आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में मेडिकल एंड हेल्थ नर्सिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष धनराज नागर, महासचिव जलजा नायर, प्रदेश सचिव उत्तरा तिवारी सहित विभिन्न संभागों और जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं नर्सेस एसोसिएशन मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ ग्वालियर, रीवा, विदिशा, शिवपुरी, शहडोल, रतलाम, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, सागर समेत प्रदेश के कई जिलों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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तीन प्रमुख मांगों पर बनी रणनीति
बैठक में नर्सिंग कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर रणनीति बनाई गई। इनमें चिकित्सा शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए एम्प्लॉय कोड जारी करना, सातवें वेतनमान का लाभ स्वास्थ्य विभाग की तरह 1 अप्रैल 2018 के बजाय 1 जनवरी 2016 से लागू करना तथा अन्य राज्यों की तर्ज पर ग्रेड पे का पुनरीक्षण प्रमुख हैं।
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जल्द तय होगी आंदोलन की रणनीति
बैठक में निर्णय लिया गया कि नर्सिंग महासंघ के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए जल्द फिर बैठक आयोजित की जाएगी। यदि मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है तो चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर प्रदेशभर में संयुक्त रूप से आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में मेडिकल एंड हेल्थ नर्सिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष धनराज नागर, महासचिव जलजा नायर, प्रदेश सचिव उत्तरा तिवारी सहित विभिन्न संभागों और जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं नर्सेस एसोसिएशन मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ ग्वालियर, रीवा, विदिशा, शिवपुरी, शहडोल, रतलाम, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, सागर समेत प्रदेश के कई जिलों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
