MP News: 49 हजार नशीली कफ सिरप कांड में बड़ा खुलासा, 30 हजार का इनामी आरोपी एसटीएफ के शिकंजे में
भोपाल में 49,920 बोतल ऑनरेक्स कफ सिरप बरामदगी मामले में एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को बैतूल से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ था और एक परिचित से मिलने बैतूल पहुंचा था, जहां एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नशीली कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बहुचर्चित 49,920 बोतल ऑनरेक्स कफ सिरप बरामदगी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के जयपुर में छिपकर रह रहा था, लेकिन अपने एक परिचित से मिलने बैतूल पहुंचते ही एसटीएफ ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना से मिली सफलता
एसटीएफ भोपाल के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार गांधी नगर क्षेत्र में संचालित अवैध कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद जांच में अर्जुन मालवीय का नाम सामने आया था। इसके बाद से एसटीएफ उसकी गतिविधियों, संपर्कों और संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखे हुए थी। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई। जैसे ही उसके बैतूल पहुंचने की सूचना मिली, एसटीएफ की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
ड्रग लाइसेंस का दुरुपयोग कर तैयार किए जा रहे थे दस्तावेज
जांच के दौरान एसटीएफ को यह भी पता चला कि बागसेवनिया स्थित सुरेंद्र पैलेस में अर्जुन ट्रेडर्स के नाम से एक ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया गया था। इसी लाइसेंस का उपयोग ऑनरेक्स कफ सिरप की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज तैयार करने में किया जा रहा था।
हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित दुकान केवल औपचारिकता और दिखावे के लिए खोली गई थी। करीब दस महीने पहले लाइसेंस हासिल करने के उद्देश्य से दुकान स्थापित की गई थी, लेकिन एसटीएफ की जांच के दौरान वहां से ऑनरेक्स कफ सिरप की एक भी शीशी बरामद नहीं हुई।
एसटीएफ को आशंका है कि इस लाइसेंस का इस्तेमाल अवैध कारोबार को वैध स्वरूप देने, कागजी रिकॉर्ड तैयार करने और पूरी सप्लाई चेन को छिपाने के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एसटीएफ अब उससे तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन, वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में प्रदेश में सक्रिय नशीली कफ सिरप तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है और कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले के खुलासे के बाद गांधी नगर थाना क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस इलाके में अवैध कफ सिरप फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वहां लंबे समय तक इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों का कारोबार चलता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस स्थिति ने पुलिस गश्त, खुफिया तंत्र और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मामले को लेकर अब स्थानीय पुलिस की भूमिका और सतर्कता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
तस्करों में मचा हड़कंप, और गिरफ्तारियों की संभावना
एसटीएफ की इस बड़ी कार्रवाई के बाद नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल तस्करों के बीच हड़कंप की स्थिति है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही प्रदेश में फैले नशीली कफ सिरप तस्करी के पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा होने की भी संभावना जताई जा रही है। एसटीएफ अब इस अवैध कारोबार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति और कड़ी तक पहुंचने के लिए जांच को लगातार आगे बढ़ा रही है।

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