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भोपाल मानसून के स्वागत को तैयारः10 साल का रिकॉर्ड, इस बार कितनी होगी बारिश और क्या हैं निगम की तैयारियां?
Thu, 11 Jun 2026 07:27 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 11 Jun 2026 07:27 PM IST
सार
भोपाल में मानसून जल्द दस्तक दे सकता है। इस बार शहर में 900 से 1050 मिमी बारिश होने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में कम रह सकती है। बारिश से पहले नगर निगम नालों की सफाई और जलभराव वाले क्षेत्रों की तैयारियों में जुटा है।
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मानसून की दस्तक से पहले तैयारियां तेज।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल में मानसून की दस्तक से पहले मौसम और तैयारियां दोनों चर्चा में हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। वहीं, राजधानी में बारिश से पहले नालों की सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी व आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भोपाल ने रिकॉर्ड बारिश भी देखी है और कमजोर मानसून का दौर भी झेला है।
दस साल में सबसे ज्यादा बारिश वाला साल
भोपाल के लिए वर्ष 2019 ऐतिहासिक मानसून लेकर आया था। उस साल शहर में करीब 1694 मिमी यानी 66.7 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जो चार दशक में सबसे अधिक मानी गई। लगातार बारिश के कारण बड़े तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ा था और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी थी। मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले दशक में कुछ वर्षों में सामान्य से कम बारिश भी दर्ज की गई। वर्ष 2021 अपेक्षाकृत कमजोर मानसून वाला साल रहा था। इसके बाद 2022 और 2024 में अच्छी बारिश ने स्थिति को बेहतर किया।
पिछले पांच साल में कब आया मानसून
वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून आगमन
2021 16-17 जून
2022 16 जून
2023 24-25 जून
2024 21 जून
2025 16 जून
इस बार कितनी बारिश की उम्मीद?
भोपाल की सामान्य वार्षिक वर्षा करीब 1100 मिमी (43 से 44 इंच) मानी जाती है। मौसम विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष देश में मानसून सामान्य से कम रहने के संकेत हैं। ऐसे में राजधानी में मानसून सीजन के दौरान करीब 900 से 1050 मिमी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
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पिछले साल से कम रह सकती है बारिश
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुन शर्मा ने बताया कि इस बार भोपाल में वर्षा का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में कुछ कम रह सकता है। हालांकि जुलाई और अगस्त में बनने वाले मौसमीय सिस्टम बारिश की मात्रा को प्रभावित करेंगे। यदि मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय हुए तो बारिश सामान्य स्तर तक पहुंच सकती है।
नगर निगम की तैयारियां तेज
मानसून को देखते हुए भोपाल नगर निगम ने नाले-नालियों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन और महापौर मालती राय लगातार अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं और बारिश से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का दावा है कि जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। हालांकि शहर के कई इलाकों में अब भी अधूरी सफाई और कचरे की समस्या सामने आ रही है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बनी हुई है।
यह भी पढ़ें-BU की प्रशासनिक अव्यवस्थाओं पर ABVP का विरोध,अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र,वीसी के इस्तीफे की मांग
मैदान में उतरे मंत्री विश्वास सारंग
मानसून तैयारियों की निगरानी के लिए मंत्री विश्वास सारंग भी मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने नरेला क्षेत्र का दौरा कर नालों और जल निकासी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई और समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। सारंग ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभागों को पूरी गंभीरता के साथ काम करना होगा।
आंकड़ों में भोपाल का मानसून
- सामान्य वार्षिक वर्षा: करीब 1100 मिमी
- रिकॉर्ड वर्षा: 2019 में 1694 मिमी (66.7 इंच)
- अनुमानित वर्षा 2026: 900 से 1050 मिमी
- सबसे अधिक बारिश वाला हालिया वर्ष: 2019
- मानसून अवधि: जून से सितंबर
- प्रमुख चुनौती: जलभराव और नालों की सफाई
यह भी पढ़ें-एमपी में प्री-मानसून का असर, 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कुछ जिलों में होगी ओलावृष्टि
पहली बारिश में होगी तैयारियों की परीक्षा
राजधानी में मानसून की दस्तक अब करीब है। ऐसे में नगर निगम की तैयारियों, प्रशासनिक दावों और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों की असली परीक्षा पहली तेज बारिश के साथ शुरू होगी। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस बार नाले समय पर साफ होंगे और हर साल की तरह जलभराव की समस्या कम देखने को मिलेगी।
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दस साल में सबसे ज्यादा बारिश वाला साल
भोपाल के लिए वर्ष 2019 ऐतिहासिक मानसून लेकर आया था। उस साल शहर में करीब 1694 मिमी यानी 66.7 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जो चार दशक में सबसे अधिक मानी गई। लगातार बारिश के कारण बड़े तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ा था और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी थी। मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले दशक में कुछ वर्षों में सामान्य से कम बारिश भी दर्ज की गई। वर्ष 2021 अपेक्षाकृत कमजोर मानसून वाला साल रहा था। इसके बाद 2022 और 2024 में अच्छी बारिश ने स्थिति को बेहतर किया।
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पिछले पांच साल में कब आया मानसून
वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून आगमन
2021 16-17 जून
2022 16 जून
2023 24-25 जून
2024 21 जून
2025 16 जून
इस बार कितनी बारिश की उम्मीद?
भोपाल की सामान्य वार्षिक वर्षा करीब 1100 मिमी (43 से 44 इंच) मानी जाती है। मौसम विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष देश में मानसून सामान्य से कम रहने के संकेत हैं। ऐसे में राजधानी में मानसून सीजन के दौरान करीब 900 से 1050 मिमी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
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पिछले साल से कम रह सकती है बारिश
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुन शर्मा ने बताया कि इस बार भोपाल में वर्षा का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में कुछ कम रह सकता है। हालांकि जुलाई और अगस्त में बनने वाले मौसमीय सिस्टम बारिश की मात्रा को प्रभावित करेंगे। यदि मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय हुए तो बारिश सामान्य स्तर तक पहुंच सकती है।
नगर निगम की तैयारियां तेज
मानसून को देखते हुए भोपाल नगर निगम ने नाले-नालियों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन और महापौर मालती राय लगातार अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं और बारिश से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का दावा है कि जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। हालांकि शहर के कई इलाकों में अब भी अधूरी सफाई और कचरे की समस्या सामने आ रही है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बनी हुई है।
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मैदान में उतरे मंत्री विश्वास सारंग
मानसून तैयारियों की निगरानी के लिए मंत्री विश्वास सारंग भी मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने नरेला क्षेत्र का दौरा कर नालों और जल निकासी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई और समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। सारंग ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभागों को पूरी गंभीरता के साथ काम करना होगा।
आंकड़ों में भोपाल का मानसून
- सामान्य वार्षिक वर्षा: करीब 1100 मिमी
- रिकॉर्ड वर्षा: 2019 में 1694 मिमी (66.7 इंच)
- अनुमानित वर्षा 2026: 900 से 1050 मिमी
- सबसे अधिक बारिश वाला हालिया वर्ष: 2019
- मानसून अवधि: जून से सितंबर
- प्रमुख चुनौती: जलभराव और नालों की सफाई
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पहली बारिश में होगी तैयारियों की परीक्षा
राजधानी में मानसून की दस्तक अब करीब है। ऐसे में नगर निगम की तैयारियों, प्रशासनिक दावों और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों की असली परीक्षा पहली तेज बारिश के साथ शुरू होगी। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस बार नाले समय पर साफ होंगे और हर साल की तरह जलभराव की समस्या कम देखने को मिलेगी।
