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नटराजन के नामांकन पर भोपाल से दिल्ली तक हंगामा: चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, तंखा बोले-फैलाया जा रहा भ्रम

Tue, 09 Jun 2026 09:00 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Tue, 09 Jun 2026 09:00 PM IST
सार

राज्यसभा चुनाव से पहले मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भोपाल में कांग्रेस ने विधानसभा से लेकर पीसीसी कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की, जबकि दिल्ली में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा। विवेक तंखा ने दावा किया है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और उनके नामांकन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। अब कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई की तैयारी में है।

 

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Uproar from Bhopal to Delhi over Natarajan's nomination: Congress approaches Election Commission; Tankha says
मीनाक्षी नटराजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद भोपाल से दिल्ली तक सियासी बवाल मच गया। विधानसभा परिसर से लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। वहीं दिल्ली में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में चुनाव आयोग पहुंचा। भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति पर मंगलवार को रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया। इसके बाद राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरण बदल गया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अब भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
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विधानसभा से पीसीसी तक कांग्रेस का विरोध
नामांकन निरस्त होने के बाद विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सुनवाई के दौरान कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष के बाहर दोनों दलों के समर्थकों ने नारेबाजी की, जिससे माहौल काफी गर्म रहा। बाद में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भी नेताओं ने बैठक कर फैसले के खिलाफ रणनीति बनाई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव बनाकर उनकी उम्मीदवार का नामांकन रद्द कराया गया है।
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दिल्ली में चुनाव आयोग पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
मामले को लेकर कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भी मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भारत निर्वाचन आयोग पहुंचा और मामले में हस्तक्षेप की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नामांकन निरस्त करने का फैसला कानूनी रूप से गलत है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत है।
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विवेक तंखा बोले- कोई आपराधिक मामला नहीं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तंखा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। तंखा ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्हें केवल एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें पूछा गया था कि उनके और अन्य लोगों के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की कार्रवाई क्यों न की जाए। इस नोटिस का जवाब उनके वकील की ओर से अदालत में पहले ही दिया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

भाजपा की आपत्ति के बाद बढ़ा विवाद
भाजपा की ओर से प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि हैदराबाद की अदालत में लंबित मामले की जानकारी नामांकन पत्र और शपथ पत्र में नहीं दी गई। भाजपा नेताओं का कहना था कि उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। इसी आधार पर नामांकन रद्द करने की मांग की गई थी।

विधानसभा परिसर में दिनभर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
नामांकन की जांच और सुनवाई के दौरान विधानसभा परिसर में कांग्रेस और भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष तक पहुंचने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

कांग्रेस ने फैसले को बताया कानूनी रूप से गलत
कांग्रेस की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में अधिवक्ता अजय गुप्ता ने दावा किया कि नामांकन निरस्त करने का आधार पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद अदालत से जारी नोटिस को आपराधिक मामला मानकर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया, जबकि कानूनी रूप से यह स्थिति अलग है। गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगी।

जीतू पटवारी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी।

उमंग सिंघार बोले- अदालत में देंगे चुनौती
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्हें केवल न्यायालय से नोटिस मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक दबाव बनाकर यह कार्रवाई कराई है। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।

यह भी पढ़ें-कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, किस बात पर भाजपा ने जताई थी आपत्ति



बेंगलुरु जा रहे विधायकों का विमान भी लौटा
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने की तैयारी कर चुकी थी। इसके लिए विशेष विमान की व्यवस्था की गई थी। दिनभर चली अनुमति संबंधी प्रक्रिया के बाद विमान को उड़ान की मंजूरी भी मिल गई थी। करीब 38 विधायकों समेत 75 लोग विमान में सवार हो चुके थे, लेकिन इसी दौरान मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने की सूचना सामने आई। इसके बाद विमान उड़ान नहीं भर सका और रनवे से वापस लौट आया। कांग्रेस के भीतर आगे की रणनीति को लेकर तत्काल चर्चा शुरू हो गई।

यह भी पढ़ें-मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर भाजपा की आपत्ति,विधानसभा में आमने-सामने आए दोनों दल,जमकर हुआ हंगामा


क्या है पूरा मामला
भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ हैदराबाद की अदालत में लंबित प्रकरण का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। पार्टी का दावा था कि यह जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी गई। इसी आधार पर सुनवाई हुई और रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन खारिज कर दिया। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि यह मामला आपराधिक दोषसिद्धि या लंबित ट्रायल की श्रेणी में नहीं आता और नामांकन रद्द करने का निर्णय नियमों के विपरीत है।

 
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