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MP News: कैबिनेट के फैसले: कपास पर मंडी शुल्क घटाया, अन्य फसलों पर शुल्क बढ़ाकर डेढ़ फीसदी किया

Tue, 09 Jun 2026 02:22 PM IST
Ashutosh Pratap Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Ashutosh Pratap Singh Updated Tue, 09 Jun 2026 02:22 PM IST
सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, उद्योगों और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कपास पर मंडी शुल्क घटाने, भोपाल मेट्रो की संशोधित लागत स्वीकृत करने और आईटी क्षेत्र के लिए 235 करोड़ रुपये मंजूर करने जैसे बड़े निर्णय लिए गए।

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MP News: Cabinet decisions: Mandi fee on cotton reduced, fee on other crops increased to 1.5%
मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जन कल्याण के लिए कई अहम फैसले किए। कैबिनेट ने कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इससे कपास उत्पादक जिलों की स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। वहीं, कैबिनेट ने अन्य फसलों पर मंडी शुल्क को एक रुपये से बढ़ाकर एक रुपये 50 पैसे किया है। इस बढ़ोतरी से प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रुपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। 

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जिनिंग मिलों को मिलेगी राहत
कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर आधा फीसदी करने से प्रदेश की 158 कपास जिनिंग मिलों को राहत मिलेगी। इनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जीएसटी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी। 
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मंडी शुल्क की राशि किसान कल्याण पर खर्च होगी
कैबिनेट ने मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाइयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जाएगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जाएगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियों की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जाएगा। 



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भोपाल मेट्रो की बढ़ी लागत मंजूर
कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है।  

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उद्योगों को अतिरिक्त राशि
कैबिनेट ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रुपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रुपये की अतिरिक्त इक्विटी और केंद्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रुपये का अतिरिक्त पीटीए-आंतरिक ऋण, मध्य प्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्य प्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रुपये एवं आईडीसी की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। 

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आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए 235 करोड़ 
कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है।

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