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डेढ़ लाख शिक्षकों की TET परीक्षा पर मंथनः विभाग ले रहा कानूनी राय, संगठनों ने छेड़ी राष्ट्रीय स्तर की लड़ाई

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Wed, 10 Jun 2026 06:07 PM IST
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सार

मध्य प्रदेश में टीईटी को लेकर सरकार की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच रही है। डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों पर असर डालने वाली इस प्रक्रिया में 2005-09 के बीच भर्ती शिक्षकों को शामिल करने पर कानूनी सलाह ली जा रही है। वहीं शिक्षक संगठन इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।

Deliberations on TET Exam for 150,000 Teachers: Department Seeking Legal Opinion; Associations Launch National
डीपीआई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग अब परीक्षा की रूपरेखा तय करने के साथ यह भी विचार कर रहा है कि वर्ष 2005 से 2009 के बीच व्यापमं के माध्यम से चयनित शिक्षकों को भी पात्रता परीक्षा के दायरे में शामिल किया जाए या नहीं। इस संबंध में विभाग विधि विशेषज्ञों से राय ले रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों ने शिक्षक संगठनों को आश्वस्त किया है कि परीक्षा से संबंधित अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि शिक्षक तैयारी कर सकें। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा प्रक्रिया और नियमों को लेकर विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की जाएगी।


डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों पर असर
टीईटी के दायरे में आने वाले प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को लेकर विभागीय स्तर पर मंथन जारी है। सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिकाएं खारिज होने के बाद अब विभाग परीक्षा आयोजित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
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शिक्षक संगठनों ने छेड़ी राष्ट्रीय स्तर की लड़ाई
भोपाल में अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक में टीईटी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की गई। बैठक में फैसला लिया गया कि इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा और देशभर के शिक्षक संगठनों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत 5 सितंबर, शिक्षक दिवस पर दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। वहीं जून के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में राष्ट्रीय बैठक बुलाने और प्रदेशभर में जागरूकता यात्रा निकालने का भी निर्णय लिया गया।
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मंत्री और अफसरों को सौंपा ज्ञापन
बैठक के बाद शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मुलाकात कर टीईटी, सेवा अवधि की गणना और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह को भी ज्ञापन सौंपा।

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असली सवाल अब भी बाकी
शिक्षकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि 2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों को टीईटी देना होगा या नहीं। विभाग की ओर से अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन कानूनी राय के बाद जल्द स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

 
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