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कॉलोनियों की पहली जनसुनवाईः फूटा लोगों का गुस्सा, बिल्डरों पर धोखाधड़ी के आरोप,बोले-नहीं मिली सड़क,बिजली-पानी

Thu, 09 Jul 2026 07:30 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 09 Jul 2026 07:30 PM IST
सार

भोपाल में कॉलोनियों की समस्याओं के समाधान के लिए पहली बार आयोजित विशेष जनसुनवाई में लोगों का वर्षों का दर्द सामने आ गया। पहले ही दिन 200 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। अधिकांश शिकायतों में बिल्डरों पर सड़क, बिजली, पानी, सीवर और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगे। 
 

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First public hearing for colonies: Public anger erupts; builders accused of fraud; residents complain of lacki
कॉलोनियों से जुड़ी समस्याओं की विशेष जनसुनवाई में पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में कॉलोनियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टोरेट में पहली बार गुरुवार को आयोजित विशेष जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। सुबह 11 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चली जनसुनवाई में लोगों ने बिल्डरों की वादाखिलाफी, अधूरी कॉलोनियों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। पहले ही दिन 200 से अधिक आवेदन मिलने से यह साफ हो गया कि शहर में अधूरी और अवैध कॉलोनियों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
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छह साल बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं, अस्थायी बिजली से चल रही कॉलोनी
कोलार रोड स्थित राधापुरम कॉलोनी के निवासी अरुण कुमार बमुरिया ने बताया कि वर्ष 2019 में कॉलोनी विकसित की गई थी, लेकिन आज तक स्थाइ ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। पूरी कॉलोनी अस्थाई बिजली कनेक्शन से चल रही है, जिससे हर महीने चार-चार हजार रुपए तक बिजली बिल आ रहा है। उन्होंने बताया कि न सड़क बनी, न बाउंड्री वॉल बची और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं मिलीं। कॉलोनी में बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है और टूट चुकी बाउंड्री के कारण आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। अरुण कुमार ने कहा कि विधायक, नगर निगम और अन्य विभागों में कई बार शिकायत करने के बावजूद बिल्डर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसुनवाई में भी मौके पर समाधान का दावा किया गया था, लेकिन केवल आवेदन लेकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
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60 एकड़ में अवैध कॉलोनी बस रही, तीन महीने से लगा रहा हूं चक्कर
भोरी, बकानिया और जमुनिया छोर क्षेत्र से पहुंचे नरेंद्र केसवानी ने निर्माणाधीन अवैध कॉलोनियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर करीब 60 एकड़ में अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। सड़कें बनाई जा रही हैं और नालों पर बाउंड्री वॉल तक खड़ी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने से लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि अन्य जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई हुई, लेकिन रिजफील्ड फार्म्स, आराध्या सिटी और मनी फार्म्स जैसी कॉलोनियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। 
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इस बार कार्रवाई की उम्मीद है
नीलबड़ क्षेत्र के निवासी निलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उनकी कॉलोनी में सड़क और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है, जिससे उन्हें उम्मीद है कि इस बार वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकेगा।

सबसे ज्यादा शिकायतें बिल्डरों के खिलाफ
जनसुनवाई में पहुंचे अधिकांश लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डरों ने प्लॉट और मकान बेचते समय सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सीवर, पार्क और अन्य सुविधाएं विकसित करने का वादा किया था, लेकिन पैसा लेने के बाद कॉलोनियों को अधूरा छोड़ दिया। कई कॉलोनियों में वर्षों बाद भी लोग बुनियादी सुविधाओं के बिना रहने को मजबूर हैं।


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पहले ही दिन 200 से ज्यादा आवेदन
विशेष जनसुनवाई में एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पहले ही दिन 200 से अधिक आवेदन मिलने के बाद प्रशासन ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है। एडीएम सुमित कुमार पांडे ने कहा कि सभी शिकायतों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में बिल्डरों की लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या धोखाधड़ी सामने आती है तो संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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