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'कीड़ा' टिप्पणी विवाद: सिंघार पर पलटवार,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले-ऐसा कहा ही नहीं, करूंगा मानहानि का मुकदमा
Thu, 23 Jul 2026 09:11 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 23 Jul 2026 09:11 AM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा में 'कीड़ा' टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आरोपों से इनकार करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही है, जबकि सिंघार ने सार्वजनिक माफी की मांग दोहराई है।
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उमंग सिंघार और कैलाश विजयवर्गीय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी छात्र या युवा के लिए 'कीड़ा' या 'कॉकरोच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। साथ ही उन्होंने उमंग सिंघार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात भी कही। विजयवर्गीय ने कहा कि मैंने ऐसा कहा ही नहीं।
उमंग सिंघार ने जो भी आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने छात्रों के बीच मेरी छवि खराब करने की कोशिश की है। मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा।" उनका कहना है कि झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
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उमंग सिंघार ने माफी की मांग की
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों को "कॉकरोच" कहना पूरे युवा वर्ग का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि सदन में छात्रों और युवाओं के संदर्भ में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, तो यह केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि युवाओं के सम्मान पर चोट है। सिंघार ने कहा कि "युवा अपने भविष्य, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें अपमानित करना और उन पर देश को अस्थिर करने जैसे आरोपों का संकेत देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कैलाश विजयवर्गीय को इस टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। लोकतंत्र में सवाल पूछने वाले युवाओं का सम्मान होना चाहिए, अपमान नहीं।
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विधानसभा में हुआ था विवाद
गौरतलब है कि बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को युवाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। विवाद बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से इस पर व्यवस्था देने की मांग की। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही का वीडियो और रिकॉर्ड देखने के बाद स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने अपने वक्तव्य में "कीड़ा" शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था।
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उमंग सिंघार ने जो भी आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने छात्रों के बीच मेरी छवि खराब करने की कोशिश की है। मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा।" उनका कहना है कि झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
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उमंग सिंघार ने माफी की मांग की
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों को "कॉकरोच" कहना पूरे युवा वर्ग का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि सदन में छात्रों और युवाओं के संदर्भ में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, तो यह केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि युवाओं के सम्मान पर चोट है। सिंघार ने कहा कि "युवा अपने भविष्य, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें अपमानित करना और उन पर देश को अस्थिर करने जैसे आरोपों का संकेत देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कैलाश विजयवर्गीय को इस टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। लोकतंत्र में सवाल पूछने वाले युवाओं का सम्मान होना चाहिए, अपमान नहीं।
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विधानसभा में हुआ था विवाद
गौरतलब है कि बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को युवाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। विवाद बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से इस पर व्यवस्था देने की मांग की। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही का वीडियो और रिकॉर्ड देखने के बाद स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने अपने वक्तव्य में "कीड़ा" शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था।
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