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भोपाल पर मेहरबान मानसून: दो दिन में 3 इंच बारिश, बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा, सड़कों में हुए गड्ढों से बढ़ीं आफत
Thu, 23 Jul 2026 10:12 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 23 Jul 2026 10:12 AM IST
सार
भोपाल में दो दिन में करीब 3 इंच बारिश से मौसम सुहाना हुआ और बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा। हालांकि जुलाई का बारिश का कोटा अभी भी 5.21 इंच पीछे है। अगले 24 से 48 घंटे में तेज बारिश के आसार हैं। वहीं कई मार्गों पर गड्ढों, जलभराव और कीचड़ से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जर्जर मकान का अगला हिस्सा गिरने से युवक घायल हो गया है।
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भोपाल में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 48 घंटे में करीब 3 इंच बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली। अच्छी बारिश का असर बड़े तालाब पर भी दिखाई देने लगा है, जहां जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि जुलाई का सामान्य वर्षा कोटा अभी भी पूरा नहीं हो पाया है और इसके लिए 5.21 इंच बारिश की जरूरत है।
बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा, अभी 7.20 फीट और भरना बाकी
कैचमेंट क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश से भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर 1659.60 फीट पहुंच गया है। यह फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट से अभी भी 7.20 फीट नीचे है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पेयजल को लेकर स्थिति संतोषजनक है, लेकिन तालाब को पूरी क्षमता तक भरने के लिए आने वाले दिनों में लगातार अच्छी बारिश जरूरी होगी।
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पुराने शहर में जर्जर मकान का हिस्सा गिरा, युवक घायल
लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने शहर में एक बड़ा हादसा टल गया। थाना कोतवाली के सामने स्थित करीब 80 से 90 साल पुराने जर्जर मकान का अगला हिस्सा देर रात अचानक भरभराकर गिर गया। मकान का छज्जा भी सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया। उसके हाथ और पैर में चोट आई है। घटना के समय मकान के अंदर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। छज्जा गिरने के साथ एक युवक भी नीचे आ गिरा, जिसे स्थानीय लोगों ने तुरंत बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात और बारिश के कारण सड़क पर आवाजाही कम थी। यदि यही हादसा दिन के समय होता, तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुराने और जर्जर भवनों का सर्वे कर समय रहते मरम्मत या कार्रवाई की मांग की है।
जुलाई का कोटा अभी अधूरा
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई में भोपाल का सामान्य वर्षा कोटा 14.74 इंच है, जबकि अब तक 9.53 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी महीने का औसत पूरा करने के लिए अभी 5.21 इंच और बारिश की जरूरत है। वहीं पूरे मानसून सीजन में अब तक 19.4 इंच वर्षा हो चुकी है।
आज भी तेज बारिश की संभावना
प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसूनी ट्रफ और लगातार मिल रही नमी के कारण मौसम विभाग ने भोपाल समेत कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक तेज से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसी के चलते राजधानी सहित 50 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 60 घंटे से लगातार बरस रहे बादल
बारिश से राहत, लेकिन सड़कों पर बढ़ी आफत
बारिश ने शहर की बदहाल सड़कों की पोल भी खोल दी है। खासकर जिन मार्गों पर मेट्रो परियोजना का निर्माण चल रहा है, वहां लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं दे रही, जिससे दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। सड़कों पर फैली मिट्टी कीचड़ में बदल गई है और कई जगह वाहन फिसल रहे हैं। अल्पना तिराहा, काजी कैंप, डीआईजी बंगला, करोंद और रायसेन रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। कई जगह सड़क निर्माण के चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एमपी नगर के कुछ क्षेत्रों में गड्ढे इतना ज्यादा हो गए हैं कि लगातार पानी भरा रहने से लोग परेशान हो रहे हैं। दो पहिया वाहन चालक समझ नहीं पा रहे हैं कि कितना गड्ढा है, जिससे एक्सीडेंट का खतरा और बढ़ गया। प्रशासन अकादमी से आईएचएम तक का सड़क निर्माण कार्य के चलते लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
यह भी पढ़ें-राजौरा और गोविल को पीछे छोड़ बर्णवाल बने सीएस, प्रशासनिक अनुभव और निर्विवाद छवि बनी ताकत
अच्छी बारिश से उम्मीदें बढ़ीं
लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो न केवल जुलाई का वर्षा कोटा पूरा होने की संभावना है, बल्कि बड़े तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ेगा। वहीं लोगों को उम्मीद है कि बारिश के साथ-साथ शहर की जर्जर सड़कों की भी जल्द मरम्मत होगी, ताकि राहत के इस मौसम में सफर मुसीबत न बने।
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बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा, अभी 7.20 फीट और भरना बाकी
कैचमेंट क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश से भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर 1659.60 फीट पहुंच गया है। यह फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट से अभी भी 7.20 फीट नीचे है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पेयजल को लेकर स्थिति संतोषजनक है, लेकिन तालाब को पूरी क्षमता तक भरने के लिए आने वाले दिनों में लगातार अच्छी बारिश जरूरी होगी।
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पुराने शहर में जर्जर मकान का हिस्सा गिरा, युवक घायल
लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने शहर में एक बड़ा हादसा टल गया। थाना कोतवाली के सामने स्थित करीब 80 से 90 साल पुराने जर्जर मकान का अगला हिस्सा देर रात अचानक भरभराकर गिर गया। मकान का छज्जा भी सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया। उसके हाथ और पैर में चोट आई है। घटना के समय मकान के अंदर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। छज्जा गिरने के साथ एक युवक भी नीचे आ गिरा, जिसे स्थानीय लोगों ने तुरंत बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात और बारिश के कारण सड़क पर आवाजाही कम थी। यदि यही हादसा दिन के समय होता, तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुराने और जर्जर भवनों का सर्वे कर समय रहते मरम्मत या कार्रवाई की मांग की है।
जुलाई का कोटा अभी अधूरा
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई में भोपाल का सामान्य वर्षा कोटा 14.74 इंच है, जबकि अब तक 9.53 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी महीने का औसत पूरा करने के लिए अभी 5.21 इंच और बारिश की जरूरत है। वहीं पूरे मानसून सीजन में अब तक 19.4 इंच वर्षा हो चुकी है।
आज भी तेज बारिश की संभावना
प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसूनी ट्रफ और लगातार मिल रही नमी के कारण मौसम विभाग ने भोपाल समेत कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक तेज से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसी के चलते राजधानी सहित 50 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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बारिश से राहत, लेकिन सड़कों पर बढ़ी आफत
बारिश ने शहर की बदहाल सड़कों की पोल भी खोल दी है। खासकर जिन मार्गों पर मेट्रो परियोजना का निर्माण चल रहा है, वहां लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं दे रही, जिससे दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। सड़कों पर फैली मिट्टी कीचड़ में बदल गई है और कई जगह वाहन फिसल रहे हैं। अल्पना तिराहा, काजी कैंप, डीआईजी बंगला, करोंद और रायसेन रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। कई जगह सड़क निर्माण के चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एमपी नगर के कुछ क्षेत्रों में गड्ढे इतना ज्यादा हो गए हैं कि लगातार पानी भरा रहने से लोग परेशान हो रहे हैं। दो पहिया वाहन चालक समझ नहीं पा रहे हैं कि कितना गड्ढा है, जिससे एक्सीडेंट का खतरा और बढ़ गया। प्रशासन अकादमी से आईएचएम तक का सड़क निर्माण कार्य के चलते लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
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अच्छी बारिश से उम्मीदें बढ़ीं
लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो न केवल जुलाई का वर्षा कोटा पूरा होने की संभावना है, बल्कि बड़े तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ेगा। वहीं लोगों को उम्मीद है कि बारिश के साथ-साथ शहर की जर्जर सड़कों की भी जल्द मरम्मत होगी, ताकि राहत के इस मौसम में सफर मुसीबत न बने।
