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Bhopal: फर्जी सिक्योरिटी एजेंसी बनाकर बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी, अब ऑफिस बंद; आरोपी दंपती कहां हुए फरार?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:37 AM IST
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सार
भोपाल के एमपी नगर में फर्जी सिक्योरिटी एजेंसी बनाकर बेरोजगार युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी दंपती लाखों रुपये लेकर ऑफिस बंद कर फरार हो गए। कहां छिपे हैं इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल ऐसे गिरोह से सावधान रहें।
आरोपी दंपती की खोज में जुटी पुलिस।
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विस्तार
राजधानी भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में नौकरी के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक फर्जी सिक्योरिटी एजेंसी चलाकर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया गया और उनसे रजिस्ट्रेशन व ट्रेनिंग के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए। जब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ, तब तक आरोपी दंपती ऑफिस बंद कर फरार हो चुके थे।
एमपी नगर पुलिस के अनुसार 19 फरवरी को नेहा यादव सहित कई युवाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि “एएनएसईसी सिक्योरिटी सर्विसेस” नाम की कंपनी सुनियोजित तरीके से युवाओं को जॉब का झांसा देकर पैसे ऐंठ रही थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 22 जनवरी को उसे कंपनी की एचआर बनकर कॉल किया गया और इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। अगले दिन ऑफिस पहुंचने पर उससे रजिस्ट्रेशन फीस ली गई, फिर कुछ दिनों बाद ट्रेनिंग के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करवाई गई।
नौकरी को बुलाकर कराई टेली कॉलिंग
फरियादी युवती का आरोप है कि जॉइनिंग देने के बाद भी युवाओं को वादा की गई नौकरी नहीं दी गई। इसके बजाय उनसे टेली कॉलिंग कर नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया गया। इस दौरान अलग-अलग बहानों से हजारों रुपये वसूले जाते रहे। जब पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें बहलाया जाता रहा। बाद में जब वे ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लगा मिला और संचालक फरार थे।
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बिना किराया चुकाए खाली किया ऑफिस
एमपी नगर पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी किराये के मकान में चल रही थी। एग्रीमेंट महिला के नाम पर था, लेकिन संचालन उसका पति करता था। कई महीनों से किराया भी नहीं दिया गया था। इसके अलावा, शहर के दूसरे इलाके में लिया गया मकान भी अचानक खाली कर दिया गया। पुलिस ने दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं, जिससे उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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एमपी नगर पुलिस के अनुसार 19 फरवरी को नेहा यादव सहित कई युवाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि “एएनएसईसी सिक्योरिटी सर्विसेस” नाम की कंपनी सुनियोजित तरीके से युवाओं को जॉब का झांसा देकर पैसे ऐंठ रही थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 22 जनवरी को उसे कंपनी की एचआर बनकर कॉल किया गया और इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। अगले दिन ऑफिस पहुंचने पर उससे रजिस्ट्रेशन फीस ली गई, फिर कुछ दिनों बाद ट्रेनिंग के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करवाई गई।
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नौकरी को बुलाकर कराई टेली कॉलिंग
फरियादी युवती का आरोप है कि जॉइनिंग देने के बाद भी युवाओं को वादा की गई नौकरी नहीं दी गई। इसके बजाय उनसे टेली कॉलिंग कर नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया गया। इस दौरान अलग-अलग बहानों से हजारों रुपये वसूले जाते रहे। जब पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें बहलाया जाता रहा। बाद में जब वे ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लगा मिला और संचालक फरार थे।
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बिना किराया चुकाए खाली किया ऑफिस
एमपी नगर पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी किराये के मकान में चल रही थी। एग्रीमेंट महिला के नाम पर था, लेकिन संचालन उसका पति करता था। कई महीनों से किराया भी नहीं दिया गया था। इसके अलावा, शहर के दूसरे इलाके में लिया गया मकान भी अचानक खाली कर दिया गया। पुलिस ने दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं, जिससे उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

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