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पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा कुकरू: CM बोले-कुकरू,चिखलदरा,मुक्तागिरि और मेलघाट को जोड़कर टूरिज्म सर्किट बनाएंगे
Sun, 28 Jun 2026 08:12 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 28 Jun 2026 08:12 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल के कुकरू को मध्य प्रदेश का बड़ा पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई विकास योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पर्यटन, कॉफी उत्पादन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देकर क्षेत्र की नई पहचान बनाई जाएगी।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के बैतूल जिले का खूबसूरत हिल स्टेशन कुकरू अब प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन कुकरू के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, कॉफी उत्पादन और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध कुकरू को इको-टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास, किसानों और ग्रामीणों से संवाद, कॉफी बागान का निरीक्षण तथा पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत कर विकास और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने दिन की शुरुआत स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास से की। उन्होंने शीर्षासन, मयूरासन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, शलभासन सहित कई योगासन किए और प्रदेशवासियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमित योग स्वस्थ जीवन का आधार है और यह शरीर व मन दोनों को ऊर्जा प्रदान करता है।
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होमस्टे विकसित होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरि और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। यहां सनराइज और सनसेट प्वाइंट, इको रिसोर्ट, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर पर्यटन विकास के लिए बजट और बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचे, इसके लिए जनजातीय परिवारों के होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इनकी बुकिंग मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के माध्यम से होगी। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीणों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। कुकरू की पहचान कॉफी, कोदो-कुटकी, शहद, आंवला, हर्रा, बहेड़ा और सफेद मूसली जैसे प्राकृतिक उत्पादों से भी है। इन उत्पादों के विपणन के लिए कुकरू नेचर ब्रांड विकसित किया जाएगा। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को इससे जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
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कॉफी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक कॉफी बागान का निरीक्षण किया और स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रोबस्टा और अरेबिका कॉफी की खेती, प्रोसेसिंग और उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की जाएगी। कॉफी बोर्ड और वन विभाग किसानों को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएंगे।
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महिलाओं और ग्रामीणों से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा कर उनके कार्यों की सराहना की। महिलाओं ने बताया कि सरकारी योजनाओं और ऋण सहायता से वे जैविक खेती, डेयरी, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कार्यों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती और पशुपालन को भी बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कुकरू से प्रदेशव्यापी पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ करते हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और विकास दोनों सरकार की प्राथमिकता हैं। स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग और होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण देकर पर्यटन क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
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कई विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में तालाब निर्माण, सड़क, पुलिया, बालिका छात्रावास, उचित मूल्य दुकान और आयुष वेलनेस सेंटर सहित कई विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुकरू के समग्र विकास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा ताकि यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और रोजगार केंद्र के रूप में विकसित हो सके। कुकरू प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने 'बैतूल दर्शन' पुस्तिका का विमोचन किया, वन रक्षक भर्ती में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और स्व-सहायता समूह की महिलाओं व नागरिकों को हेलमेट भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन, कृषि और स्थानीय उत्पादों का बेहतर उपयोग कर कुकरू को मध्य प्रदेश की नई पहचान बनाया जाएगा।
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होमस्टे विकसित होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरि और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। यहां सनराइज और सनसेट प्वाइंट, इको रिसोर्ट, एडवेंचर स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर पर्यटन विकास के लिए बजट और बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचे, इसके लिए जनजातीय परिवारों के होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इनकी बुकिंग मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के माध्यम से होगी। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीणों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। कुकरू की पहचान कॉफी, कोदो-कुटकी, शहद, आंवला, हर्रा, बहेड़ा और सफेद मूसली जैसे प्राकृतिक उत्पादों से भी है। इन उत्पादों के विपणन के लिए कुकरू नेचर ब्रांड विकसित किया जाएगा। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को इससे जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
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कॉफी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
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महिलाओं और ग्रामीणों से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा कर उनके कार्यों की सराहना की। महिलाओं ने बताया कि सरकारी योजनाओं और ऋण सहायता से वे जैविक खेती, डेयरी, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कार्यों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती और पशुपालन को भी बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कुकरू से प्रदेशव्यापी पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ करते हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और विकास दोनों सरकार की प्राथमिकता हैं। स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग और होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण देकर पर्यटन क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
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कई विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में तालाब निर्माण, सड़क, पुलिया, बालिका छात्रावास, उचित मूल्य दुकान और आयुष वेलनेस सेंटर सहित कई विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुकरू के समग्र विकास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा ताकि यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और रोजगार केंद्र के रूप में विकसित हो सके। कुकरू प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने 'बैतूल दर्शन' पुस्तिका का विमोचन किया, वन रक्षक भर्ती में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और स्व-सहायता समूह की महिलाओं व नागरिकों को हेलमेट भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन, कृषि और स्थानीय उत्पादों का बेहतर उपयोग कर कुकरू को मध्य प्रदेश की नई पहचान बनाया जाएगा।
