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LPG Crisis: गैस के लिए एजेंसियों पर लगी लंबी लाइनें, चक्कर काट रहे लोग, कई घरों में जलने लगा लकड़ी का चूल्हा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 14 Mar 2026 04:51 PM IST
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सार
भोपाल में गैस सिलिंडर की किल्लत और बुकिंग व्यवस्था ठप होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं, लोग कई-कई दिन से चक्कर काट रहे हैं और कई घरों में फिर से लकड़ी के चूल्हे जलने लगे हैं। वहीं प्रशासनिक जांच के बाद भी जमाखोरी और अनियमितता बढ़ रही है।
गैस के लिए लंबी लाइनें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल में गैस सिलिंडर को लेकर लोग पैनिक होते जा रहे हैं। एजेंसियों के बाहर जमा हो रही भीड़ की वजह से किल्लत और बुकिंग व्यवस्था ठप होने लगी है। एजेंसियों के बाहर लोग कई-कई दिन से सिलिंडर के लिए चक्कर काट रहे हैं। शनिवार को जवाहर चौक स्थित गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगों ने अपनी परेशानी बताई। इसी दौरान लाइन में लगी एक महिला कर्मचारियों से भिड़ गई और काफी देर तक तीखी बहस होती रही।
5 दिन से एजेंसी के चक्कर लगा रहे
गैस लेने पहुंचे उपभोक्ता अंसार ने बताया कि वे पिछले पांच दिनों से लगातार एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह आने पर कर्मचारियों द्वारा दोपहर में आने को कहा जाता है और दोपहर में आने पर फिर सुबह आने की बात कही जाती है। ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो रही है और एजेंसी में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। अंसार ने बताया कि घर में केवल एक ही सिलिंडर था जो खत्म हो चुका है, इसलिए मजबूरी में अब लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है।
लाइन में लगी महिला की कर्मचारियों से बहस
एजेंसी के बाहर सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लगी एक महिला का धैर्य जवाब दे गया। महिला कर्मचारियों से उलझ गई और उन्हें खरी-खोटी सुना दी।महिला का कहना था कि उसकी बुकिंग पांच दिन पहले हो चुकी है, लेकिन अब तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हुई। नौकरी करने के बावजूद उसे बार-बार एजेंसी आना पड़ रहा है। महिला ने बताया कि घर में और कोई नहीं है, इसलिए बार-बार छुट्टी लेकर यहां आना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी हो रही है।
एक महीने बाद भी नहीं हो पा रही बुकिंग
एक अन्य उपभोक्ता सुशीला ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन अभी तक बुकिंग नहीं हो पाई है।उन्होंने कहा कि घर का सिलिंडर खत्म हो चुका है और फिलहाल लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है। फोन से बुकिंग कराने की कोशिश भी नाकाम रही क्योंकि कॉल नहीं लग रही। सुशीला का कहना है कि उनकी पिछली बुकिंग को लगभग एक महीना हो चुका है, इसके बावजूद नया सिलिंडर बुक नहीं हो पा रहा है।
यह भी पढ़ें-भोपाल के छोटे होटल होने लगे बंद, बड़े रेस्टोरेंट इंडक्शन पर पका रहे खाना, डोसा बनाने की आई मशीन
जमाखोरी से और बढ़ी किल्लत
जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालात और कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई प्रभावित होने की चर्चाओं के बाद शहर में सिलिंडर की जमाखोरी भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि पूरे महीने में जितनी बुकिंग होती है, उतनी बुकिंग केवल दो दिनों में ही हो गई। इसके बाद भी लोग लगातार सिलिंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालत यह है कि गैस कंपनियों के सर्वर भी कई दिनों से ठप चल रहे हैं। लोग अब घर तक डिलीवरी का इंतजार करने के बजाय सीधे गोदाम पहुंचकर सिलिंडर लेने लगे हैं, जिससे जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
यह भी पढ़ें-गैस आपूर्ति को लेकर सीएस ने की कलेक्टरों के साथ बैठक, अफवाह रोकने और व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
500 सिलिंडर की गाड़ी 6 घंटे में खाली
स्थिति का जायजा लेने पर सामने आया कि एजेंसियों पर सिलिंडर की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। जहां सामान्य दिनों में 500 सिलिंडर की एक गाड़ी से पूरे दिन डिलीवरी होती थी, वहीं अब वही गाड़ी महज छह घंटे में ही खाली हो जा रही है। कुछ जगहों पर तो स्टॉक खत्म होने के बाद एजेंसी संचालकों ने गोदाम बंद कर दिए और ताला लगाकर चले गए।
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5 दिन से एजेंसी के चक्कर लगा रहे
गैस लेने पहुंचे उपभोक्ता अंसार ने बताया कि वे पिछले पांच दिनों से लगातार एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह आने पर कर्मचारियों द्वारा दोपहर में आने को कहा जाता है और दोपहर में आने पर फिर सुबह आने की बात कही जाती है। ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो रही है और एजेंसी में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। अंसार ने बताया कि घर में केवल एक ही सिलिंडर था जो खत्म हो चुका है, इसलिए मजबूरी में अब लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है।
लाइन में लगी महिला की कर्मचारियों से बहस
एजेंसी के बाहर सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लगी एक महिला का धैर्य जवाब दे गया। महिला कर्मचारियों से उलझ गई और उन्हें खरी-खोटी सुना दी।महिला का कहना था कि उसकी बुकिंग पांच दिन पहले हो चुकी है, लेकिन अब तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हुई। नौकरी करने के बावजूद उसे बार-बार एजेंसी आना पड़ रहा है। महिला ने बताया कि घर में और कोई नहीं है, इसलिए बार-बार छुट्टी लेकर यहां आना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी हो रही है।
एक महीने बाद भी नहीं हो पा रही बुकिंग
एक अन्य उपभोक्ता सुशीला ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन अभी तक बुकिंग नहीं हो पाई है।उन्होंने कहा कि घर का सिलिंडर खत्म हो चुका है और फिलहाल लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है। फोन से बुकिंग कराने की कोशिश भी नाकाम रही क्योंकि कॉल नहीं लग रही। सुशीला का कहना है कि उनकी पिछली बुकिंग को लगभग एक महीना हो चुका है, इसके बावजूद नया सिलिंडर बुक नहीं हो पा रहा है।
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जमाखोरी से और बढ़ी किल्लत
जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालात और कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई प्रभावित होने की चर्चाओं के बाद शहर में सिलिंडर की जमाखोरी भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि पूरे महीने में जितनी बुकिंग होती है, उतनी बुकिंग केवल दो दिनों में ही हो गई। इसके बाद भी लोग लगातार सिलिंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालत यह है कि गैस कंपनियों के सर्वर भी कई दिनों से ठप चल रहे हैं। लोग अब घर तक डिलीवरी का इंतजार करने के बजाय सीधे गोदाम पहुंचकर सिलिंडर लेने लगे हैं, जिससे जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
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500 सिलिंडर की गाड़ी 6 घंटे में खाली
स्थिति का जायजा लेने पर सामने आया कि एजेंसियों पर सिलिंडर की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। जहां सामान्य दिनों में 500 सिलिंडर की एक गाड़ी से पूरे दिन डिलीवरी होती थी, वहीं अब वही गाड़ी महज छह घंटे में ही खाली हो जा रही है। कुछ जगहों पर तो स्टॉक खत्म होने के बाद एजेंसी संचालकों ने गोदाम बंद कर दिए और ताला लगाकर चले गए।

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