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MP News: छात्राओं की 'कैबिनेट' से मिलकर गदगद हुए CM यादव, बोले- AI का इस्तेमाल करें, लेकिन अपना दिमाग भी लगाएं
Wed, 05 Aug 2026 06:54 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 05 Aug 2026 06:54 PM IST
सार
भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्राओं और शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने एआई के उपयोग को जरूरी बताते हुए कहा कि हर जानकारी को अपने विवेक से परखें और तथ्यों की क्रॉस-चेकिंग जरूर करें।
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सीएम मोहन यादव बच्चियों से संवाद करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित 'किताब से कल तक' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान स्कूल की छात्राओं द्वारा संचालित 'स्कूल कैबिनेट' से परिचित होकर वे काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने कैबिनेट की छात्राओं को मंच पर अपने साथ बैठाया, उनका परिचय लिया और उनकी कार्यप्रणाली को समझा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का यह बेहतर माध्यम है और इससे छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होगी। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं को नई तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की सलाह दी। एक छात्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे भी समय-समय पर चैटजीपीटी जैसे एआई टूल का उपयोग वर्तमान विषयों और नई जानकारियां जुटाने के लिए करते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई अंतिम सत्य नहीं है। उन्होंने कहा कि "एआई का उपयोग जरूर करें, लेकिन अपना दिमाग भी लगाएं और हर जानकारी व आंकड़े को क्रॉस चेक करना जरूरी है।"
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वयं भी सरकारी स्कूल में पढ़े हैं और आज के विद्यार्थियों को पहले की तुलना में कहीं बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, संस्कार और 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना से है। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक बनने का आधार भी है।
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स्कूल कैबिनेट की सराहना
मुख्यमंत्री ने स्कूल कैबिनेट के विभिन्न सदस्यों से बातचीत की। स्पोर्ट्स, कल्चरल, डिसिप्लीन, हेड गर्ल और अन्य पदों पर कार्यरत छात्राओं ने अपनी जिम्मेदारियों की जानकारी दी। छात्राओं ने बताया कि कैबिनेट का गठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है। इसके लिए नामांकन, प्रचार और मतदान कराया जाता है तथा एक वर्ष के लिए कैबिनेट चुनी जाती है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में जिम्मेदारी और नेतृत्व का विकास होता है।
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पढ़ाई के साथ लक्ष्य तय करें
छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्यक्रम के साथ-साथ लक्ष्य के अनुरूप अतिरिक्त अध्ययन भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, सैनिक, किसान, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर देश और समाज की सेवा करें। उन्होंने भाई-बहनों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने का भी संदेश दिया। तनाव प्रबंधन पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित योग, व्यायाम, संगीत और पर्याप्त नींद तनाव कम करने में मददगार होते हैं। उन्होंने बताया कि वे आज भी नियमित स्वाध्याय करते हैं, डायरी लिखते हैं और अपने कार्यों का मूल्यांकन करते हैं।
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शिक्षकों से भी किया आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी चर्चा की और कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को स्वावलंबी, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कृषि, उद्यमिता, सेना और राजनीति जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है। यहां नर्सरी से 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, लाइब्रेरी सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में बोर्ड परीक्षा में विद्यालय का परिणाम शत-प्रतिशत रहा और 58 छात्राओं ने मेरिट सूची में स्थान बनाया।
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मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वयं भी सरकारी स्कूल में पढ़े हैं और आज के विद्यार्थियों को पहले की तुलना में कहीं बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, संस्कार और 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना से है। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक बनने का आधार भी है।
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स्कूल कैबिनेट की सराहना
मुख्यमंत्री ने स्कूल कैबिनेट के विभिन्न सदस्यों से बातचीत की। स्पोर्ट्स, कल्चरल, डिसिप्लीन, हेड गर्ल और अन्य पदों पर कार्यरत छात्राओं ने अपनी जिम्मेदारियों की जानकारी दी। छात्राओं ने बताया कि कैबिनेट का गठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है। इसके लिए नामांकन, प्रचार और मतदान कराया जाता है तथा एक वर्ष के लिए कैबिनेट चुनी जाती है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में जिम्मेदारी और नेतृत्व का विकास होता है।
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पढ़ाई के साथ लक्ष्य तय करें
छात्राओं के सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्यक्रम के साथ-साथ लक्ष्य के अनुरूप अतिरिक्त अध्ययन भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, सैनिक, किसान, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर देश और समाज की सेवा करें। उन्होंने भाई-बहनों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने का भी संदेश दिया। तनाव प्रबंधन पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित योग, व्यायाम, संगीत और पर्याप्त नींद तनाव कम करने में मददगार होते हैं। उन्होंने बताया कि वे आज भी नियमित स्वाध्याय करते हैं, डायरी लिखते हैं और अपने कार्यों का मूल्यांकन करते हैं।
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शिक्षकों से भी किया आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी चर्चा की और कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को स्वावलंबी, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कृषि, उद्यमिता, सेना और राजनीति जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है। यहां नर्सरी से 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, लाइब्रेरी सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाल ही में बोर्ड परीक्षा में विद्यालय का परिणाम शत-प्रतिशत रहा और 58 छात्राओं ने मेरिट सूची में स्थान बनाया।
