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Meenakshi Natarajan: 'चुनाव आयोग की साठगांठ है, ये आज साबित भी हुआ', मीनाक्षी नटराजन ने आखिर क्यों कही ये बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Dinesh Sharma Updated Fri, 12 Jun 2026 03:40 PM IST
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सार

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर पर मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि अब आगे की रणनीति पार्टी तय करेगी। कोर्ट ने मामले में चुनाव आयोग में अपील का रास्ता बताया।

Meenakshi Natarajan on Rajya Sabha Nomination Row: Party Will Decide Next Step Congress Leader Statement
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन की प्रतिक्रिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

देशभर में चर्चा का केंद्र रहे मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट से भी कांग्रेस को राहत नहीं मिली है। मामले में मीनाक्षी नटराजन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि आगे क्या करना है ये पार्टी तय करेगी।



मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मैं सुनवाई के दौरान ऑनलाइन मौजूद थी। मैं तो पहले दिन से कह रही हूं कि चुनाव आयोग की साठगांठ है। और आज ये एक तरह ये भी सिद्ध हो गया कि स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश के वकील वहां पर खड़े होते हैं। ये स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश का मामला ही नहीं है। ये कोई हम राज्यों के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रहे थे, हम तो चुनाव आयोग की बात कर रहे थे। हम तो अपने रिटर्निंग ऑफिसर की मिलीभगत की बात कर रहे थे। और वो जनता के सामने एक्सपोस हुए हैं। 
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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय झटका नहीं
ECI के पास जब हमारे लोग गए तो उन्होंने 48 घंटे तक जवाब नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कम से कम हमारी बात सुनी। चुनाव आयोग इस तरह से मिला है कि उन्होंने उस पर कोई जवाब तक नहीं दिया। हमारा मामला RO और ECI के खिलाफ था। लेकिन आज स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश ने अपना भी वकील खड़ा किया। इससे आराम से समझ में आता कि क्या सांठगांठ चल रही है। नटराजन ने कहा कि मैं पार्टी की प्रतिनिधि हूं और अब पार्टी ही अगला कदम तय करेगी। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करूंगी। नटराजन ने कहा कि जहां तक मेरी समझ है, ये कोई झटका नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनाव आयोग में अपील की जाए, तो उस पर चर्चा होगी। 
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 'यह व्यक्तिगत हार नहीं'
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि वह इस फैसले को अपनी व्यक्तिगत हार नहीं मानतीं। उनके अनुसार यह सवाल पूरे लोकतांत्रिक तंत्र के सामने खड़ा हुआ है कि लोकतंत्र मजबूत होगा या कमजोर। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर विचार-विमर्श कर आगे का रास्ता तय करेगी। नटराजन ने कहा कि उनका विवाद किसी राज्य सरकार से नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और उससे जुड़े संस्थागत निर्णयों से है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहतीं, लेकिन चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल बने हुए हैं।

ये भी पढ़ें- कांग्रेस नेता नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, चुनाव याचिका दायर करने का विकल्प अभी भी कायम

पटवारी ने बताया अलोकतांत्रिक रवैया
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ये अलोकतांत्रिक व्यवहार है। कहां पर न्याय मांगे? मोदी जी, यह भारत है या तालिबान? संविधान की शपथ लेकर सत्ता में आए प्रधानमंत्री आज चुन चुनकर संविधान के एक एक पन्ने को कमजोर करने में लगे हैं। नरेंद्र मोदी के नए भारत में, लोकतंत्र आख़िरी सांसें ले रहा है। नरेंद्र मोदी जी, ज़ुबान तो पकड़ लेंगे, लेकिन आवाज़ कैसे पकड़ेंगे? ना डरेंगे, ना रुकेंगे।

सरासर अन्याय
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में यह पहली बार है कि एक 'नॉन-कॉग्निज़ेंस' नोटिस के आधार पर राज्यसभा उम्मीदवार का फॉर्म खारिज कर दिया गया है। यह सरासर अन्याय है। हम न केवल मीनाक्षी नटराजन जी की उम्मीदवारी के लिए लड़ रहे हैं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी लड़ रहे हैं, जिसे भाजपा की तानाशाही सोच से खतरा है। भाजपा ने देश में घोषित रूप से तानाशाही लागू कर दी है। हम चुनाव आयोग के पास गए, वहां न्याय नहीं मिला। सर्वोच्च न्यायालय ने हमें समय नहीं दिया गया। जब तक मीनाक्षी नटराजन जी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। लोकतंत्र और न्याय की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर न्यायालय तक अपनी लड़ाई लड़ती रहेगी।

पूरा तंत्र भाजपा ने हैक कर लिया
मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लोकतंत्र की आवाज जब दरवाजे पर दस्तक दे रही है, तो राष्ट्रपति भवन में सन्नाटा क्यों है? कांग्रेस विधायकों से मिलने के लिए राष्ट्रपति महोदय के पास समय नहीं है। कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया ने कहा कि पूरा तंत्र भाजपा ने हैक कर लिया है। हमने सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई करने को बोला था वो नहीं की गई है। आज सुनवाई की। इंतजार हो रहा था कि कल घोषणा हो जाए उसके बाद सुनवाई हो। चुनाव आयोग में भी हमने सीधी बात की थी। अब राष्ट्रपति जी के सामने अपनी बात रखने आए हैं। हम मानते हैं कि इसमें न्याय होना चाहिए।

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