{"_id":"69ad66f962bdef121506dcfe","slug":"mp-news-8-000-junior-doctors-in-medical-colleges-will-go-on-strike-from-tomorrow-opds-will-be-closed-emerge-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: मेडिकल कॉलेजों में 8 हजार जूनियर डॉक्टर कल से हड़ताल पर, OPD बंद करेंगे, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: मेडिकल कॉलेजों में 8 हजार जूनियर डॉक्टर कल से हड़ताल पर, OPD बंद करेंगे, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी जारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 08 Mar 2026 05:44 PM IST
विज्ञापन
सार
स्टाइपेंड संशोधन और एरियर की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के करीब 8 हजार जूनियर डॉक्टर सोमवार से हड़ताल पर जा सकते हैं। इससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में OPD और सामान्य ऑपरेशन प्रभावित होंगे, जबकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।
जस्टिस मार्च
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाएं सोमवार से प्रभावित हो सकती हैं। स्टाइपेंड संशोधन और लंबित एरियर की मांग को लेकर प्रदेशभर के करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। डॉक्टरों ने साफ किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर तुरंत फैसला नहीं लिया तो सोमवार से OPD सेवाएं बंद कर दी जाएंगी और केवल इमरजेंसी मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। इसका सीधा असर अस्पतालों में आने वाले हजारों मरीजों पर पड़ सकता है। सामान्य ऑपरेशन जैसे हर्निया, ऑर्थोपेडिक सर्जरी और अन्य नियोजित सर्जरी टल सकती हैं, जिससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रदेशभर में ‘जस्टिस मार्च’ से जताया विरोध
आंदोलन के अगले चरण में रविवार को विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने ‘जस्टिस मार्च’ निकालकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में दोपहर के समय बड़ी संख्या में डॉक्टर एडमिन ब्लॉक के सामने एकत्र हुए और इसके बाद पूरे परिसर में रैली निकालकर नारेबाजी की। डॉक्टरों का कहना है कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया है और सरकार से जल्द समाधान की अपील की गई है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
तीन दिन से काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं होने से नाराजगी
डॉक्टरों का कहना है कि 7 जून 2021 को जारी शासन के आदेश के अनुसार CPI आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। लेकिन अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से मिलने वाला एरियर दिया गया है। इस मुद्दे को लेकर कई बार सरकार को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें-पटवारी के आवास पर होली मिलन में जुटे दिग्विजय समेत सैकड़ों नेता-कार्यकर्ता
इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज में दिक्कत न हो। हालांकि OPD और इलेक्टिव सर्जरी बंद रहने से अस्पतालों में सामान्य इलाज प्रभावित हो सकता है।
यह भी पढ़ें-शिक्षा और स्वास्थ्य की कमान महिलाओं के हाथ, शिल्पा गुप्ता और डॉ. सलोनी बदल रहीं व्यवस्था की तस्वीर
सरकार से जल्द फैसले की मांग
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल पहले से जारी आदेश को लागू कराने और लंबित एरियर के भुगतान की मांग को लेकर है। यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है, लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर विरोध और तेज किया जाएगा।
Trending Videos
प्रदेशभर में ‘जस्टिस मार्च’ से जताया विरोध
आंदोलन के अगले चरण में रविवार को विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने ‘जस्टिस मार्च’ निकालकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में दोपहर के समय बड़ी संख्या में डॉक्टर एडमिन ब्लॉक के सामने एकत्र हुए और इसके बाद पूरे परिसर में रैली निकालकर नारेबाजी की। डॉक्टरों का कहना है कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया है और सरकार से जल्द समाधान की अपील की गई है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन दिन से काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं होने से नाराजगी
डॉक्टरों का कहना है कि 7 जून 2021 को जारी शासन के आदेश के अनुसार CPI आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। लेकिन अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से मिलने वाला एरियर दिया गया है। इस मुद्दे को लेकर कई बार सरकार को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें-पटवारी के आवास पर होली मिलन में जुटे दिग्विजय समेत सैकड़ों नेता-कार्यकर्ता
इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज में दिक्कत न हो। हालांकि OPD और इलेक्टिव सर्जरी बंद रहने से अस्पतालों में सामान्य इलाज प्रभावित हो सकता है।
यह भी पढ़ें-शिक्षा और स्वास्थ्य की कमान महिलाओं के हाथ, शिल्पा गुप्ता और डॉ. सलोनी बदल रहीं व्यवस्था की तस्वीर
सरकार से जल्द फैसले की मांग
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल पहले से जारी आदेश को लागू कराने और लंबित एरियर के भुगतान की मांग को लेकर है। यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है, लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर विरोध और तेज किया जाएगा।

कमेंट
कमेंट X