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MP: 'हर अधिकारी खुद को संघ का स्वयंसेवक बता रहा', मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान से सियासी हलचल तेज
Sat, 27 Jun 2026 10:01 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 27 Jun 2026 10:01 PM IST
सार
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद कई अधिकारी और कर्मचारी खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा बताने लगे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार के साथ अच्छे और संस्कारित लोगों की संख्या बढ़ना भी जरूरी है। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले को लेकर पलटवार किया है। चलिए जानते हैं उन्होंने और क्या-क्या कहा है?
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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद कई अधिकारी और कर्मचारी खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा बताने लगे हैं। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि जब भी कोई अधिकारी उनसे मिलने आता है, वह किसी न किसी रूप में संघ से अपने या अपने परिवार के जुड़ाव का उल्लेख करता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कोई बताता है कि वह बचपन में शाखा में जाता था, कोई कहता है कि उसने शाखा में पट्टी और बेल्ट बांधी है, जबकि कुछ अधिकारी अपने पिता के संघ से जुड़े होने का जिक्र करते हैं।
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उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे सरकार बनने के बाद हर अधिकारी और कर्मचारी स्वयं को संघ का स्वयंसेवक साबित करने में लगा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का विस्तार होना सकारात्मक बात है, लेकिन इसके साथ अच्छे और संस्कारित लोगों की संख्या बढ़ना भी उतना ही आवश्यक है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि किसी भी विचारधारा की वास्तविक ताकत उसके कार्यकर्ताओं और उनसे जुड़े लोगों के आचरण में दिखाई देती है। यदि समाज में अच्छे और संवेदनशील लोगों की कमी होगी, तो केवल संगठन के विस्तार से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने इस विषय पर आत्ममंथन और गंभीर चिंतन की आवश्यकता भी बताई।
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'यह मामला भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता का है'
उधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 'एक्स' पर विजयवर्गीय के बयान का वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह मामला भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता, तटस्थता और संवैधानिक गरिमा से जुड़ा गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। पटवारी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक सरकारी अधिकारी से केवल संविधान के प्रति निष्ठा की अपेक्षा करता है, किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के प्रति नहीं। उन्होंने राष्ट्रपति और मध्य प्रदेश के राज्यपाल से इस मामले को संज्ञान में लेकर संवैधानिक समीक्षा कराने की मांग भी की।
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उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे सरकार बनने के बाद हर अधिकारी और कर्मचारी स्वयं को संघ का स्वयंसेवक साबित करने में लगा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का विस्तार होना सकारात्मक बात है, लेकिन इसके साथ अच्छे और संस्कारित लोगों की संख्या बढ़ना भी उतना ही आवश्यक है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि किसी भी विचारधारा की वास्तविक ताकत उसके कार्यकर्ताओं और उनसे जुड़े लोगों के आचरण में दिखाई देती है। यदि समाज में अच्छे और संवेदनशील लोगों की कमी होगी, तो केवल संगठन के विस्तार से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने इस विषय पर आत्ममंथन और गंभीर चिंतन की आवश्यकता भी बताई।
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'यह मामला भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता का है'
उधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 'एक्स' पर विजयवर्गीय के बयान का वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह मामला भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता, तटस्थता और संवैधानिक गरिमा से जुड़ा गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। पटवारी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक सरकारी अधिकारी से केवल संविधान के प्रति निष्ठा की अपेक्षा करता है, किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के प्रति नहीं। उन्होंने राष्ट्रपति और मध्य प्रदेश के राज्यपाल से इस मामले को संज्ञान में लेकर संवैधानिक समीक्षा कराने की मांग भी की।
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