{"_id":"6a4e71712c8dac1793081dce","slug":"mp-news-bhoomi-poojan-of-new-unit-worth-rs-272-crore-in-pithampur-cm-says-madhya-pradesh-is-fast-becoming-a-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: पीथमपुर में 272 करोड़ की नई यूनिट का भूमि-पूजन, सीएम बोले- मध्य प्रदेश तेजी से बन रहा औद्योगिक हब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: पीथमपुर में 272 करोड़ की नई यूनिट का भूमि-पूजन, सीएम बोले- मध्य प्रदेश तेजी से बन रहा औद्योगिक हब
Wed, 08 Jul 2026 09:19 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 08 Jul 2026 09:19 PM IST
सार
धार के पीथमपुर में 272 करोड़ रुपये की नई औद्योगिक इकाई का भूमि-पूजन हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नए निवेश से रोजगार बढ़ेगा और मध्य प्रदेश देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 272 करोड़ रुपये की नई विनिर्माण इकाई का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पीथमपुर प्रदेश की औद्योगिक ताकत का प्रमुख केंद्र बन चुका है और यहां लगातार हो रहा निवेश मध्य प्रदेश को देश के बड़े औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य निवेश बढ़ाना, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को आगे बढ़ाने में यह नई यूनिट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ये भी पढ़ें- ACP Santosh Patel Exclusive: संतोष पटेल ने बताई खेतों में काम करने से लेकर अधिकारी बनने तक की कहानी
उन्होंने कहा कि पीथमपुर की औद्योगिक बेल्ट प्रदेश के विकास का ग्रोथ इंजन बन चुकी है। यहां स्थापित होने वाले नए उद्योग स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के साथ प्रदेश में आधुनिक विनिर्माण को भी बढ़ावा देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल निवेश समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने का काम भी कर रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा ने ठोकी ताल, लिया नामांकन पत्र; तीन दिन में नौ दावेदारों ने खरीदे फॉर्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत से अब तक मध्य प्रदेश को 76,862 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 82 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राजधानी में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में निवेश की गति लगातार बढ़ी है और कई बड़े उद्योग अपनी परियोजनाएं शुरू कर चुके हैं। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में शुरू हुई औद्योगिक परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, 6 जुलाई को भोपाल के सतगढ़ी में 150 करोड़ रुपये के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन हुआ। 5 जुलाई को शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की आधारशिला रखी गई। 30 जून को उज्जैन में 1,250 करोड़ रुपये की पेप्सिको विनिर्माण इकाई का शुभारंभ हुआ, जबकि 29 जून को नीमच में 1,554 करोड़ रुपये की लागत से 38 नई औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत की गई।
ये भी पढ़ें- MP Cabinet: 2300 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती, स्कूटी योजना 2031 तक जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि निवेश सीधे रोजगार और विकास में बदले। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग, कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है और इसका लाभ आने वाले वर्षों में प्रदेश के युवाओं और किसानों को मिलेगा। कार्यक्रम में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि लियुगोंग इंडिया वर्ष 2009 से पीथमपुर में कार्यरत है। नई यूनिट शुरू होने के बाद कंपनी की निर्माण क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर 7,500 मशीन प्रतिवर्ष हो जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और मध्य प्रदेश निर्माण उपकरणों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। कंपनी ने कहा कि यह परियोजना 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी मजबूती देगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- ACP Santosh Patel Exclusive: संतोष पटेल ने बताई खेतों में काम करने से लेकर अधिकारी बनने तक की कहानी
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पीथमपुर की औद्योगिक बेल्ट प्रदेश के विकास का ग्रोथ इंजन बन चुकी है। यहां स्थापित होने वाले नए उद्योग स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के साथ प्रदेश में आधुनिक विनिर्माण को भी बढ़ावा देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल निवेश समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने का काम भी कर रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा ने ठोकी ताल, लिया नामांकन पत्र; तीन दिन में नौ दावेदारों ने खरीदे फॉर्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत से अब तक मध्य प्रदेश को 76,862 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 82 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राजधानी में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में निवेश की गति लगातार बढ़ी है और कई बड़े उद्योग अपनी परियोजनाएं शुरू कर चुके हैं। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में शुरू हुई औद्योगिक परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, 6 जुलाई को भोपाल के सतगढ़ी में 150 करोड़ रुपये के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन हुआ। 5 जुलाई को शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की आधारशिला रखी गई। 30 जून को उज्जैन में 1,250 करोड़ रुपये की पेप्सिको विनिर्माण इकाई का शुभारंभ हुआ, जबकि 29 जून को नीमच में 1,554 करोड़ रुपये की लागत से 38 नई औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत की गई।
ये भी पढ़ें- MP Cabinet: 2300 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती, स्कूटी योजना 2031 तक जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि निवेश सीधे रोजगार और विकास में बदले। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग, कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है और इसका लाभ आने वाले वर्षों में प्रदेश के युवाओं और किसानों को मिलेगा। कार्यक्रम में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि लियुगोंग इंडिया वर्ष 2009 से पीथमपुर में कार्यरत है। नई यूनिट शुरू होने के बाद कंपनी की निर्माण क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर 7,500 मशीन प्रतिवर्ष हो जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और मध्य प्रदेश निर्माण उपकरणों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। कंपनी ने कहा कि यह परियोजना 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी मजबूती देगी।
