फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: CM Mohan Yadav expresses grief over the passing of Pandvani singer Teejan Bai.

MP News: पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर सीएम ने जताया शोक, बोले- लोककला को दुनिया भर में दिलाई पहचान

Sun, 05 Jul 2026 09:41 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sun, 05 Jul 2026 09:41 PM IST
सार

प्रख्यात पंडवानी लोकगायिका तीजन बाई के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी कला से भारतीय लोक परंपरा और पंडवानी गायन को दुनिया भर में नई पहचान दिलाई।

विज्ञापन
MP News: CM Mohan Yadav expresses grief over the passing of Pandvani singer Teejan Bai.
सीएम मोहन यादव ने तीजन बाई के निधन पर जताया शोक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई अद्वितीय प्रतिभा की धनी कलाकार थीं, जिन्होंने अपनी ओजस्वी प्रस्तुति और पंडवानी गायन की विशिष्ट शैली से भारतीय लोककला को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई।  मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि तीजन बाई ने लोक परंपराओं के संरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अमूल्य योगदान दिया। कला जगत में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। डॉ. यादव ने दिवंगत तीजन बाई की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों और उनके प्रशंसकों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: शिवपुरी बनेगा भारत का नया डिफेंस हब, 2500 करोड़ की फैक्ट्री में बनेंगे मिसाइल, हथियार और गोला-बारूद
विज्ञापन


कौन थीं तीजन बाई?
तीजन बाई भारत की प्रसिद्ध पंडवानी लोकगायिका थीं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पंडवानी गायन शैली को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाई। पंडवानी में महाभारत की कथाओं को गीत, संगीत और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। बता दें तीजन बाई का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिलेमें हुआ था। उन्होंने कम उम्र से ही पंडवानी गायन शुरू किया और अपनी दमदार आवाज व अभिनय शैली से अलग पहचान बनाई। उन्होंने पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण समेत कई सम्मान से सम्मानित किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  प्रदेश में नए वक्फ बोर्ड का गठन, नए कानून के तहत ऐसा करने वाला पहला राज्य बना, पहली बार दो हिंदू सदस्य भी

लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया
तीजन बाई ने पंडवानी को केवल लोककला तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। उनकी प्रस्तुति में गायन के साथ संवाद, अभिनय और भाव-भंगिमाओं का अनूठा समन्वय देखने को मिलता था। इसी वजह से उन्हें भारतीय लोककला की सबसे प्रभावशाली कलाकारों में माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed