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MP News: सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर होगी एफआईआर, सरकार कर रही नए कानून की तैयारी
Fri, 03 Jul 2026 09:53 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 03 Jul 2026 09:53 AM IST
सार
सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण रोकने के लिए मध्य प्रदेश सरकार नया सिंहस्थ एक्ट लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून के तहत पक्का निर्माण करने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी, वहीं लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
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सिंहस्थ में पक्का निर्माण तो होगी कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित सिंहस्थ एक्ट में पहली बार यह प्रावधान किया जा रहा है कि मेला क्षेत्र में स्थायी (पक्का) निर्माण या अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। करीब 3500 से 4000 हेक्टेयर में फैले सिंहस्थ मेला क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर पक्का निर्माण करता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकेगी। बता दें वर्तमान में सिंहस्थ का संचालन मध्यभारत सिंहस्थ मेला अधिनियम-1955 के तहत होता है। सरकार अब उसकी जगह नया और अधिक प्रभावी कानून लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसमें पहले की तुलना में अधिक प्रावधान शामिल किए जाएंगे।
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अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
सरकार केवल अतिक्रमण करने वालों पर ही नहीं, बल्कि समय रहते कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी सख्ती करेगी। यदि किसी क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
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मानसून सत्र में पेश हो सकता है विधेयक
नगरीय विकास विभाग ने नए सिंहस्थ एक्ट का मसौदा तैयार कर लिया है। इसे पहले वरिष्ठ अधिकारियों की समिति और फिर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि इस विधेयक को मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाए।
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मेले के लिए मिलेगा अलग प्रशासनिक ढांचा
नए कानून में पहली बार मेला अधिकारी को व्यापक अधिकार देने का प्रस्ताव है। उन्हें मेला क्षेत्र में अस्थायी भूमि अधिग्रहण, मेला प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मेला अधिकारी की नियुक्ति राज्य सरकार करेगी।
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दो स्तर की समितियां बनेंगी
नए एक्ट के तहत सिंहस्थ के संचालन के लिए दो समितियों का गठन किया जाएगा। सेंट्रल कमेटी: इसकी अध्यक्षता संबंधित मंत्री करेंगे। इसमें सिंहस्थ से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। लोकल कमेटी: इसमें नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के 15 से 20 अधिकारी सदस्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर सरकार नामित सदस्यों को भी शामिल कर सकेगी।
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अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
सरकार केवल अतिक्रमण करने वालों पर ही नहीं, बल्कि समय रहते कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी सख्ती करेगी। यदि किसी क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
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मानसून सत्र में पेश हो सकता है विधेयक
नगरीय विकास विभाग ने नए सिंहस्थ एक्ट का मसौदा तैयार कर लिया है। इसे पहले वरिष्ठ अधिकारियों की समिति और फिर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि इस विधेयक को मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाए।
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मेले के लिए मिलेगा अलग प्रशासनिक ढांचा
नए कानून में पहली बार मेला अधिकारी को व्यापक अधिकार देने का प्रस्ताव है। उन्हें मेला क्षेत्र में अस्थायी भूमि अधिग्रहण, मेला प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मेला अधिकारी की नियुक्ति राज्य सरकार करेगी।
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दो स्तर की समितियां बनेंगी
नए एक्ट के तहत सिंहस्थ के संचालन के लिए दो समितियों का गठन किया जाएगा। सेंट्रल कमेटी: इसकी अध्यक्षता संबंधित मंत्री करेंगे। इसमें सिंहस्थ से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। लोकल कमेटी: इसमें नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के 15 से 20 अधिकारी सदस्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर सरकार नामित सदस्यों को भी शामिल कर सकेगी।
