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MP: चार साल बाद भी जीएनएम का रिजल्ट नहीं, संकट में नर्सिंग छात्रों का भविष्य; काउंसिल के बाहर किया प्रदर्शन

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 05 Jun 2026 05:13 PM IST
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सार

तीन साल का जीएनएम कोर्स चार साल से ज्यादा समय में भी आगे नहीं बढ़ पाया। वर्ष 2022-23 बैच का प्रथम वर्ष का रिजल्ट लंबित है। परीक्षा, छात्रवृत्ति, रजिस्ट्रेशन और एनओसी की समस्याओं को लेकर नर्सिंग छात्रों ने भोपाल में प्रदर्शन कर काउंसिल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

MP News: GNM results still pending after four years; nursing students' future in jeopardy; protest held outsid
नर्सिंग काउंसिल पहुंचे विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

वर्ष 2022-23 बैच के जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) विद्यार्थियों का प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं होने से हजारों छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में फंस गया है। ऐसे कई मुद्दों को लेकर शुक्रवार को एनएसओ छात्र संगठन के बैनर तले प्रदेश अलग-अलग जिलों से आए नर्सिंग छात्रों ने मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और लंबित परीक्षाओं, परिणामों तथा छात्रवृत्ति संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की।


तीन साल का कोर्स, चार साल बाद भी नहीं मिला प्रथम वर्ष का रिजल्ट
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जीएनएम पाठ्यक्रम तीन वर्ष का है, लेकिन वर्ष 2022-23 बैच के विद्यार्थियों को प्रवेश लिए चार साल के करीब समय बीत चुका है और अब तक प्रथम वर्ष का परिणाम घोषित नहीं किया गया है। परिणाम नहीं आने से विद्यार्थी अगले शैक्षणिक चरण में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं और उनका करियर प्रभावित हो रहा है।
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मान्यता विवाद का खामियाजा भुगत रहे छात्र
छात्रों ने आरोप लगाया कि नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में हुई गड़बड़ियों और उससे जुड़े न्यायालयीन मामलों का नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कॉलेजों को मान्यता देने का काम संबंधित संस्थाओं का था, लेकिन अब परीक्षाएं और परिणाम रोककर छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। एक छात्र ने कहा, फर्जी कॉलेजों और नियमित कॉलेजों के छात्रों के बीच कोई अंतर नहीं किया जा रहा। न तो परीक्षाएं हो रही हैं और न ही रिजल्ट जारी हो रहे हैं। हमारी कोई गलती नहीं है, फिर भी हमें परेशान किया जा रहा है।
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छात्र बोले- कोर्ट का मामला छात्रों पर क्यों थोपा जा रहा
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि हर बार उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। छात्रों का कहना है कि यदि मान्यता प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो उसका समाधान सरकार और संबंधित संस्थाओं को करना चाहिए, न कि छात्रों की पढ़ाई रोककर। छात्र ने कहा कि हम पढ़ाई करने आए हैं, कोर्ट के चक्कर लगाने नहीं। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसका समाधान प्रशासन और काउंसिल को करना चाहिए। छात्रों का भविष्य बर्बाद नहीं होना चाहिए।

पांच साल से छात्रवृत्ति नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कई छात्रों को वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिली है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को इससे गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) समय पर जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके कारण उच्च शिक्षा, नौकरी और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में बाधा आ रही है।

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एमएससी नर्सिंग छात्र ने सुनाई अपनी परेशानी
सतना से आए एमएससी नर्सिंग के छात्र प्रमोद साहू ने बताया कि उनका दो वर्षीय पाठ्यक्रम पांच से छह वर्ष तक खिंच गया है, लेकिन अब तक परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं। प्रमोद साहू ने कहा कि मध्यप्रदेश में लाखों नर्सिंग छात्र प्रभावित हैं। न तो परीक्षाएं हो रही हैं और न ही छात्रवृत्ति मिल रही है। मेरा दो साल का कोर्स छह साल में पहुंच गया है। लगातार देरी से छात्र मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

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ये हैं छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने जीएनएम 2022-23 बैच का लंबित परिणाम तत्काल घोषित करने, जीएनएम और एएनएम की लंबित परीक्षाओं की तिथियां जारी करने, सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने, लंबित रजिस्ट्रेशन और एनओसी जारी करने तथा नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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