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MP News: भारत-जर्मनी की साझेदारी होगी और मजबूत, ऊर्जा क्षेत्र में मध्य प्रदेश को मिलेगा बड़ा सहयोग
Fri, 03 Jul 2026 09:14 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 03 Jul 2026 09:14 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी की मजबूत साझेदारी में मध्य प्रदेश अहम भूमिका निभाएगा। जर्मनी के सहयोग से प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने और हरित ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने पर जोर दिया जाएगा।
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सीएम ने जर्मनी के KFW विकास बैंक की मुख्य कार्यपालन अधिकारी और प्रतिनिधियों से भेंट कर चर्चा की।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि भारत और जर्मनी के बीच लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद संबंध रहे हैं। दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाई देने में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जर्मनी के सहयोग से प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में और अधिक मजबूत, हरित और आधुनिक बनेगा। शुक्रवार को मंत्रालय में जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। बैठक में ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टियाने लाईबेक ने किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। बैठक में बैंक के प्रतिनिधियों ने बताया कि एनर्जी रिफॉर्म प्रोग्राम के तहत प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर लगाने और फीडर विभक्तिकरण के लिए करीब 1,120 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।
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इसके अलावा बैंक ने एनर्जी रिफॉर्म फेज-2 के तहत भी मध्य प्रदेश के साथ सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई है। इस चरण में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और दिन के समय कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने हेतु करीब 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा की। सरकार का मानना है कि इस साझेदारी से प्रदेश में बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत होगी, हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। बैठक में बैंक के प्रतिनिधियों ने बताया कि एनर्जी रिफॉर्म प्रोग्राम के तहत प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर लगाने और फीडर विभक्तिकरण के लिए करीब 1,120 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।
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इसके अलावा बैंक ने एनर्जी रिफॉर्म फेज-2 के तहत भी मध्य प्रदेश के साथ सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई है। इस चरण में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और दिन के समय कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने हेतु करीब 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा की। सरकार का मानना है कि इस साझेदारी से प्रदेश में बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत होगी, हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
