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MP News:मध्यप्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण को मिला नया चेयरमैन,रिटायर्ड जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की नियुक्त
Sat, 04 Jul 2026 03:58 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 04 Jul 2026 03:58 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी को मध्यप्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण (REAT) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। वे रिटायर्ड जस्टिस वी.पी.एस. चौहान का स्थान लेंगे और रेरा के आदेशों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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,रिटायर्ड जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण (REAT) के चेयरमैन पद पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की नियुक्ति कर दी है। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी किए। जस्टिस द्विवेदी पूर्व चेयरमैन जस्टिस वी.पी.एस. चौहान का स्थान लेंगे। नियुक्ति आदेश के अनुसार, जस्टिस द्विवेदी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष अथवा 67 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले होगा, चेयरमैन पद पर बने रहेंगे। उनके लिए इस पद पर पुनर्नियुक्ति का प्रावधान नहीं होगा।
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रेरा के आदेशों के खिलाफ सुनता है REAT
मध्यप्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण का गठन रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के तहत किया गया है। यह अधिकरण मध्यप्रदेश रेरा (RERA) और न्यायनिर्णायक अधिकारी द्वारा पारित आदेशों एवं फैसलों के विरुद्ध दायर अपीलों की सुनवाई करता है। यदि किसी बिल्डर, प्रमोटर, आवंटी या अन्य संबंधित पक्ष को रेरा के आदेश से आपत्ति होती है, तो वह आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर REAT में अपील कर सकता है। अधिकरण मामले की सुनवाई कर अपना निर्णय देता है। इसके बाद भी यदि कोई पक्ष निर्णय से संतुष्ट नहीं होता, तो वह मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
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रियल एस्टेट विवादों के निपटारे में अहम भूमिका
भोपाल स्थित REAT प्रदेश में रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े विवादों के अपीलीय निपटारे की सर्वोच्च वैधानिक संस्था है। इसका उद्देश्य रेरा के आदेशों की न्यायिक समीक्षा कर बिल्डरों, डेवलपर्स और घर खरीदारों को निष्पक्ष अपीलीय मंच उपलब्ध कराना है।
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तीन माह से रेरा अध्यक्ष का पद भी खाली
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) का अध्यक्ष पद भी खाली है। रियल एस्टेट क्षेत्र के नियमन और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा करने वाली यह संस्था पिछले करीब तीन माह से नियमित अध्यक्ष के बिना काम कर रही थी। रेरा के पूर्व अध्यक्ष ए.पी. श्रीवास्तव का कार्यकाल मार्च 2026 में समाप्त हो गया था। इसके बाद जून 2026 में प्राधिकरण के सदस्य एमएस राजपूत भी सेवानिवृत्त हो गए। वर्तमान में प्राधिकरण में केवल एक सदस्य रश्मि अग्रवाल कार्यरत थीं, जिनके जिम्मे रेरा का पूरा कामकाज हैं।
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रेरा के आदेशों के खिलाफ सुनता है REAT
मध्यप्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण का गठन रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के तहत किया गया है। यह अधिकरण मध्यप्रदेश रेरा (RERA) और न्यायनिर्णायक अधिकारी द्वारा पारित आदेशों एवं फैसलों के विरुद्ध दायर अपीलों की सुनवाई करता है। यदि किसी बिल्डर, प्रमोटर, आवंटी या अन्य संबंधित पक्ष को रेरा के आदेश से आपत्ति होती है, तो वह आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर REAT में अपील कर सकता है। अधिकरण मामले की सुनवाई कर अपना निर्णय देता है। इसके बाद भी यदि कोई पक्ष निर्णय से संतुष्ट नहीं होता, तो वह मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
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रियल एस्टेट विवादों के निपटारे में अहम भूमिका
भोपाल स्थित REAT प्रदेश में रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े विवादों के अपीलीय निपटारे की सर्वोच्च वैधानिक संस्था है। इसका उद्देश्य रेरा के आदेशों की न्यायिक समीक्षा कर बिल्डरों, डेवलपर्स और घर खरीदारों को निष्पक्ष अपीलीय मंच उपलब्ध कराना है।
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तीन माह से रेरा अध्यक्ष का पद भी खाली
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) का अध्यक्ष पद भी खाली है। रियल एस्टेट क्षेत्र के नियमन और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा करने वाली यह संस्था पिछले करीब तीन माह से नियमित अध्यक्ष के बिना काम कर रही थी। रेरा के पूर्व अध्यक्ष ए.पी. श्रीवास्तव का कार्यकाल मार्च 2026 में समाप्त हो गया था। इसके बाद जून 2026 में प्राधिकरण के सदस्य एमएस राजपूत भी सेवानिवृत्त हो गए। वर्तमान में प्राधिकरण में केवल एक सदस्य रश्मि अग्रवाल कार्यरत थीं, जिनके जिम्मे रेरा का पूरा कामकाज हैं।
