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MP News: 18 जिलों में होंगे नर्मदा जयंती के आयोजन, सीएम यादव बोले-हर महीने होगी नर्मदा समग्र की बैठक
Thu, 02 Jul 2026 09:18 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 02 Jul 2026 09:18 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने 18 जिलों में नर्मदा जयंती के आयोजन, हर महीने समीक्षा बैठक और नदी संरक्षण के लिए कई नए कदम उठाने के निर्देश दिए।
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सीएम मोहन यादव ने नर्मदा समग्र की बैठक की
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा मध्य प्रदेश की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि नर्मदा परिक्रमा पथ को अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा नदी संरक्षण अभियान से समाज, विशेषकर युवाओं को जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब नर्मदा समग्र की बैठक हर महीने आयोजित होगी, ताकि नदी क्षेत्र के विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जा सके। मंत्रालय में गुरुवार को आयोजित नर्मदा समग्र की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 18 नर्मदा तटीय जिलों में नर्मदा जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नर्मदा आरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी, प्रतियोगिताएं और जनजागरूकता अभियान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि नर्मदा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि प्रदेश की 33 प्रतिशत से अधिक आबादी की जीवनरेखा है। इसलिए इसे निर्मल और अविरल बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण हटाया जाए, यात्रियों की सुविधाओं का विस्तार किया जाए और पूरे मार्ग पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने परिक्रमा मार्ग के मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए अन्न क्षेत्र विकसित करने तथा जरूरत वाले स्थानों पर दीनदयाल रसोई शुरू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि नर्मदा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण एवं समग्र विकास के लिए 'नमन मिशन' तैयार किया गया है। इस मिशन की साधारण सभा के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। मिशन के संचालन में जल संसाधन, वन, नगरीय विकास, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, राजस्व सहित कई विभागों की भागीदारी रहेगी। मिशन के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के राज्य अनुदान का प्रस्ताव भी रखा गया है और वर्ष 2026-27 का रोडमैप तैयार कर लिया गया है।
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वन विभाग ने बताया कि अमरकंटक में जैव विविधता प्रबंधन संस्थान स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्मदा घाटी क्षेत्र में लगभग 415 हेक्टेयर क्षेत्र में 2.70 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वहीं नगरीय विकास विभाग ने बताया कि नर्मदा तट के 21 शहरों में 35 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जा रहे हैं, जिन्हें दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा नर्मदा कोष पोर्टल विकसित किया जाएगा और ओंकारेश्वर के लिए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) गठित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि नर्मदा संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझी भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकेगा।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण हटाया जाए, यात्रियों की सुविधाओं का विस्तार किया जाए और पूरे मार्ग पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने परिक्रमा मार्ग के मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए अन्न क्षेत्र विकसित करने तथा जरूरत वाले स्थानों पर दीनदयाल रसोई शुरू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि नर्मदा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण एवं समग्र विकास के लिए 'नमन मिशन' तैयार किया गया है। इस मिशन की साधारण सभा के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। मिशन के संचालन में जल संसाधन, वन, नगरीय विकास, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, राजस्व सहित कई विभागों की भागीदारी रहेगी। मिशन के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के राज्य अनुदान का प्रस्ताव भी रखा गया है और वर्ष 2026-27 का रोडमैप तैयार कर लिया गया है।
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