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मध्य प्रदेश में नए वक्फ बोर्ड का गठन: नए कानून के तहत ऐसा करने वाला पहला राज्य बना, पहली बार दो हिंदू सदस्य भी
Sun, 05 Jul 2026 09:26 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 05 Jul 2026 09:26 PM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने नए वक्फ कानून के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश नए वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। 10 सदस्यों के बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य भी बनाएं गए।
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मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अध्यक्ष सनवर पटेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मध्य प्रदेश में नए वक्फ बोर्ड का गठन कर दिया गया है। राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना राजपत्र में जारी कर दी है। वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) के तहत नए वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। साथ ही मप्र वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
सरकार ने यह गठन वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की धारा 13 और धारा 14 के प्रावधानों के तहत किया है।
ये भी पढ़ें- MP News: 23 करोड़ का सरकारी गेहूं कहां गायब हुआ? 86 हजार क्विंटल अनाज खरीदी के बाद गोदाम नहीं पहुंचा,जांच शुरू
नवगठित मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल होंगे। वे पिछले बोर्ड में भी अध्यक्ष थे। बोर्ड में कुल 10 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें पहली बार दो हिंदू सदस्य मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को भी शामिल किया गया है। नए वक्फ बोर्ड में नजमा हेपतुल्ला (नई दिल्ली), विधायक आतिफ अकील (भोपाल उत्तर), फैजान खान (उज्जैन), बहन फातेमा चौधरी (इंदौर), शाइस्ता सुल्तान (पार्षद, बैरसिया), शबाना खान (पार्षद, रतलाम), मनोज मालपानी (इंदौर), अनिमेश भार्गव (राघौगढ़, गुना) तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त को सदस्य बनाया गया है।
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नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल रहेगा जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नजमा हेपतुल्ला का चयन वर्ष 2023 में वक्फ अधिनियम के तहत हुआ था और उनका कार्यकाल 18 अप्रैल 2028 तक है। इसलिए उन्हें शेष कार्यकाल के लिए नए बोर्ड में भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस नए गठन के साथ मध्य प्रदेश संशोधित वक्फ कानून-2025 के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
क्या करता है वक्फ बोर्ड
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जिसका गठन मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के रूप में वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया गया है। इसका मुख्यालय भोपाल में है। इसका काम वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन, संरक्षण और उनसे होने वाली आय का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। इसका काम प्रदेश की सभी रजिस्ट्रर संपत्तियों का रिकॉर्ड रखना, वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाना, विवाद होने पर कानूनी कार्रवाई करना और वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कामों में करना सुनिश्चित करना है।
एमपी में बोर्ड के पास 23,118 संपत्तियां
वहीं, जानकारी के अनुसार प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास 14,863 पंजीकृत वक्फ एस्टेट हैं। इनसे जुड़ी 23,118 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें प्रमुख रूप से मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान, मदरसे, ईदगाह, दुकानें, मकान, कृषि भूमि और अन्य धार्मिक एवं व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
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सरकार ने यह गठन वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की धारा 13 और धारा 14 के प्रावधानों के तहत किया है।
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नवगठित मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल होंगे। वे पिछले बोर्ड में भी अध्यक्ष थे। बोर्ड में कुल 10 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें पहली बार दो हिंदू सदस्य मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को भी शामिल किया गया है। नए वक्फ बोर्ड में नजमा हेपतुल्ला (नई दिल्ली), विधायक आतिफ अकील (भोपाल उत्तर), फैजान खान (उज्जैन), बहन फातेमा चौधरी (इंदौर), शाइस्ता सुल्तान (पार्षद, बैरसिया), शबाना खान (पार्षद, रतलाम), मनोज मालपानी (इंदौर), अनिमेश भार्गव (राघौगढ़, गुना) तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त को सदस्य बनाया गया है।
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नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल रहेगा जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नजमा हेपतुल्ला का चयन वर्ष 2023 में वक्फ अधिनियम के तहत हुआ था और उनका कार्यकाल 18 अप्रैल 2028 तक है। इसलिए उन्हें शेष कार्यकाल के लिए नए बोर्ड में भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस नए गठन के साथ मध्य प्रदेश संशोधित वक्फ कानून-2025 के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
क्या करता है वक्फ बोर्ड
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जिसका गठन मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के रूप में वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया गया है। इसका मुख्यालय भोपाल में है। इसका काम वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन, संरक्षण और उनसे होने वाली आय का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। इसका काम प्रदेश की सभी रजिस्ट्रर संपत्तियों का रिकॉर्ड रखना, वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाना, विवाद होने पर कानूनी कार्रवाई करना और वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कामों में करना सुनिश्चित करना है।
एमपी में बोर्ड के पास 23,118 संपत्तियां
वहीं, जानकारी के अनुसार प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास 14,863 पंजीकृत वक्फ एस्टेट हैं। इनसे जुड़ी 23,118 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें प्रमुख रूप से मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान, मदरसे, ईदगाह, दुकानें, मकान, कृषि भूमि और अन्य धार्मिक एवं व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
