{"_id":"6a7dffce60a62a6d3e0da789","slug":"mp-news-signs-of-a-major-shake-up-in-the-madhya-pradesh-bjp-speculation-intensifies-following-hemant-khandel-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: मध्य प्रदेश भाजपा में बड़े बदलाव की आहट? दिल्ली में हेमंत खंडेलवाल की मुलाकात के बाद अटकलें तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: मध्य प्रदेश भाजपा में बड़े बदलाव की आहट? दिल्ली में हेमंत खंडेलवाल की मुलाकात के बाद अटकलें तेज
Thu, 13 Aug 2026 11:03 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:03 PM IST
सार
दतिया उपचुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद कई जिलों के संगठन और जिलाध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से हुई मुलाकात के बाद पार्टी के भीतर कई तरह के राजनीतिक संकेत तलाशे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संगठन के कामकाज की समीक्षा के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। भाजपा को दतिया उपचुनाव में मिली हार ने संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद पार्टी नेतृत्व लगातार समीक्षा बैठकों और संगठनात्मक रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में दिल्ली में हुई मुलाकात को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि अब संगठन में कामकाज और प्रदर्शन को अधिक महत्व दिया जा सकता है। ऐसे में जिलों में संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल और चुनावी तैयारियों का आकलन किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- दतिया से भाजपा को गहरा दंश: बड़े नेताओं का टिकट काटना आसान नहीं, अब एंटी-इनकंबेंसी से ज्यादा भीतरघात का डर
जिलाध्यक्षों के कामकाज की हो सकती है समीक्षा
भाजपा में जिलाध्यक्षों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लागू करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास होती है। ऐसे में यह चर्चा है कि आने वाले समय में संगठनात्मक पदों पर प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों के संगठनात्मक कामकाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें सिवनी, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, उमरिया, रायसेन और खरगोन जैसे जिलों के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: लोकमाता अहिल्याबाई के सुशासन ने देश को नई दिशा दी, सीएम बोले- पाल-गड़रिया समाज कल्याण बोर्ड बनेगा
दतिया की हार के बाद बढ़ी हलचल
दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद पार्टी ने जिला संगठन को लेकर नए सिरे से विचार शुरू किया है। माना जा रहा है कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर प्रदेश नेतृत्व गंभीरता से काम कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया का परिणाम केवल एक सीट की हार नहीं है, बल्कि यह संगठन की जमीनी स्थिति का भी संकेत है। यही कारण है कि दूसरे जिलों की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। संगठन में कुछ नए चेहरों को आगे लाने और महिला नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की संभावना भी जताई जा रही है। इसे संगठन में नए नेतृत्व को अवसर देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले नगरीय निकाय चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलाव की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, भाजपा में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है कि भविष्य में संगठन में प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण होगा या फिर कामकाज का मूल्यांकन।
ये भी पढ़ें- MP News: अमृत मिशन के काम में लापरवाही पड़ी भारी, आयुक्त भोंडवे ने भोपाल समेत 5 शहरों के ठेकेदार ब्लैकलिस्ट
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- दतिया से भाजपा को गहरा दंश: बड़े नेताओं का टिकट काटना आसान नहीं, अब एंटी-इनकंबेंसी से ज्यादा भीतरघात का डर
विज्ञापन
जिलाध्यक्षों के कामकाज की हो सकती है समीक्षा
भाजपा में जिलाध्यक्षों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लागू करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास होती है। ऐसे में यह चर्चा है कि आने वाले समय में संगठनात्मक पदों पर प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों के संगठनात्मक कामकाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें सिवनी, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, उमरिया, रायसेन और खरगोन जैसे जिलों के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: लोकमाता अहिल्याबाई के सुशासन ने देश को नई दिशा दी, सीएम बोले- पाल-गड़रिया समाज कल्याण बोर्ड बनेगा
दतिया की हार के बाद बढ़ी हलचल
दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद पार्टी ने जिला संगठन को लेकर नए सिरे से विचार शुरू किया है। माना जा रहा है कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर प्रदेश नेतृत्व गंभीरता से काम कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया का परिणाम केवल एक सीट की हार नहीं है, बल्कि यह संगठन की जमीनी स्थिति का भी संकेत है। यही कारण है कि दूसरे जिलों की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। संगठन में कुछ नए चेहरों को आगे लाने और महिला नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की संभावना भी जताई जा रही है। इसे संगठन में नए नेतृत्व को अवसर देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले नगरीय निकाय चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलाव की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, भाजपा में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है कि भविष्य में संगठन में प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण होगा या फिर कामकाज का मूल्यांकन।
ये भी पढ़ें- MP News: अमृत मिशन के काम में लापरवाही पड़ी भारी, आयुक्त भोंडवे ने भोपाल समेत 5 शहरों के ठेकेदार ब्लैकलिस्ट
