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MP News: विकसित भारत जी-राम-जी योजना में मिलेगा 125 दिन का रोजगार, सीएम बोले-गावों की तस्वीर बदलेगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 07 Jan 2026 08:03 PM IST
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सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नई वीबी-जी रामजी योजना की सफलता और ग्रामीण विकास में इसके योगदान पर चर्चा की। इस योजना के तहत ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार और बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नई वीबी-जी रामजी योजना (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) की प्रशंसा की और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है यह योजना, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करते हुए गांवों को समृद्ध बनाएगी। योजना में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार गारंटी दी गई है, जबकि पूर्व की मनरेगा में केवल 100 दिन का प्रावधान था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासन में योजना का बजट 35 हजार करोड़ था, जिसे मोदी सरकार ने पहले 74 हजार करोड़ और अब 95 हजार करोड़ तक बढ़ाया है यह कांग्रेस काल से करीब तीन गुना अधिक है।
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रोजगार नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा
मुख्यमंत्री ने योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें अधोसंरचना विकास के साथ आजीविका का दायरा बढ़ाया गया है। नए कार्यों में कोल्ड स्टोरेज, सौर ऊर्जा, जैविक खाद इकाइयां, पशुपालन शेड, मत्स्य पालन, नर्सरी और ग्रामीण सड़क-पुलिया आदि शामिल हैं। पारदर्शिता के लिए जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग, बायोमेट्रिक भुगतान और ग्राम सभा द्वारा सोशल ऑडिट का प्रावधान है। पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत जिम्मेदारी दी गई है। यदि रोजगार नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। वर्ष में कभी भी मजदूरी ली जा सकती है, और कृषि व्यस्त मौसम में 60 दिन अधिसूचित कर श्रमिक उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
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15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना
डॉ. यादव ने कहा कि 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है, जिसमें 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना से कृषि को उद्योग-रोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे कृषि आधारित उद्योगों को विस्तार मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह योजना का विरोध कर भ्रम फैला रही है, जबकि यह सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है। कांग्रेस को तथ्यात्मक चर्चा करनी चाहिए। सीएम ने कहा कि पहले इस योजना के लिए प्रशासनिक अमला छह प्रतिशत था और अब इसके लिए 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
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पंचायतों को कार्य निष्पादन का अधिकार दिया
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह योजना गांवों में अधोसंरचना विकास और विकास क्रांति लाएगी। मजदूरों को 125 दिन मजदूरी मिलेगी, पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। पंचायतों को कार्य प्राथमिकता और 50 प्रतिशत कार्य निष्पादन का अधिकार दिया गया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत संकल्प को गांव-गांव पहुंचाने का माध्यम बनेगी। कांग्रेस ग्रामीणों को गुमराह कर रही है। पत्रकार वार्ता में मंत्री प्रहलाद पटेल, विश्वास सारंग, एंदल सिंह कंसाना, लखन पटेल, किसान मोर्चा अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा उपस्थित थे।
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रोजगार नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा
मुख्यमंत्री ने योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें अधोसंरचना विकास के साथ आजीविका का दायरा बढ़ाया गया है। नए कार्यों में कोल्ड स्टोरेज, सौर ऊर्जा, जैविक खाद इकाइयां, पशुपालन शेड, मत्स्य पालन, नर्सरी और ग्रामीण सड़क-पुलिया आदि शामिल हैं। पारदर्शिता के लिए जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग, बायोमेट्रिक भुगतान और ग्राम सभा द्वारा सोशल ऑडिट का प्रावधान है। पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत जिम्मेदारी दी गई है। यदि रोजगार नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। वर्ष में कभी भी मजदूरी ली जा सकती है, और कृषि व्यस्त मौसम में 60 दिन अधिसूचित कर श्रमिक उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
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15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना
डॉ. यादव ने कहा कि 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है, जिसमें 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना से कृषि को उद्योग-रोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे कृषि आधारित उद्योगों को विस्तार मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह योजना का विरोध कर भ्रम फैला रही है, जबकि यह सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है। कांग्रेस को तथ्यात्मक चर्चा करनी चाहिए। सीएम ने कहा कि पहले इस योजना के लिए प्रशासनिक अमला छह प्रतिशत था और अब इसके लिए 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
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पंचायतों को कार्य निष्पादन का अधिकार दिया
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह योजना गांवों में अधोसंरचना विकास और विकास क्रांति लाएगी। मजदूरों को 125 दिन मजदूरी मिलेगी, पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। पंचायतों को कार्य प्राथमिकता और 50 प्रतिशत कार्य निष्पादन का अधिकार दिया गया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत संकल्प को गांव-गांव पहुंचाने का माध्यम बनेगी। कांग्रेस ग्रामीणों को गुमराह कर रही है। पत्रकार वार्ता में मंत्री प्रहलाद पटेल, विश्वास सारंग, एंदल सिंह कंसाना, लखन पटेल, किसान मोर्चा अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा उपस्थित थे।

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