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MP News:भोपाल के व्यापारियों को बड़ी राहत,फिलहाल नहीं होगी दुकानों की सीलिंग,सरकार ने गठित की उच्चस्तरीय समिति
Sun, 02 Aug 2026 09:54 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 02 Aug 2026 09:54 PM IST
सार
भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रही दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर फिलहाल सीलिंग की कार्रवाई नहीं होगी। सरकार ने पूरे मामले की जांच और आगे की नीति तय करने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है।
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सीएम मोहन यादव जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और भवन उपयोग नियमों के उल्लंघन के मामलों में फिलहाल नगर निगम कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ रविवार को जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि पूरे मामले का अध्ययन करने और आगे की नीति तय उच्चस्तरीय समिति करेगी। सरकार ने इसके लिए समिति गठित कर दी है। हालांक अभी उसके आदेश जारी होना है।
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एसीएस नगरीय प्रशासन की अध्यक्षता में गठित होगी समिति
बैठक में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी सहित नगरीय प्रशासन, नगर एवं ग्राम निवेश, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, भोपाल कलेक्टर और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के पालन, पर्यावरण संरक्षण और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कराएगी। अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अध्यक्षता में समिति काम करेगी। समिति में नगरीय प्रशासन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, श्रम, पर्यावरण, नगर एवं ग्राम निवेश, प्रदूषण नियंत्रण मंडल और पंजीयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। भोपाल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त विशेष आमंत्रित सदस्य रहेंगे।
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नई प्रक्रिया तय होने तक नहीं होगी सीलिंग की कोई कार्रवाई
समिति रिहायशी क्षेत्रों में भवनों के उपयोग, व्यावसायिक गतिविधियों, पर्यावरणीय प्रभाव और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया तय करेगी और उसी के अनुसार नगर निगम कार्रवाई करेगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जब तक समिति अपनी रिपोर्ट नहीं देती और सरकार नई प्रक्रिया तय नहीं करती, तब तक भोपाल नगर निगम किसी भी भवन या दुकान के खिलाफ सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई नहीं करेगा। सरकार के इस फैसले से फिलहाल उन व्यापारियों और भवन मालिकों को राहत मिली है, जिन पर हाल के दिनों में कार्रवाई की आशंका बनी हुई थी।
एक हजार से ज्यादा दुकानें और प्रतिष्ठान सील
बता दें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में नगर निगम ने शहर के अलग-अलग इलाके में रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को सील कर दिया है। कई दुकानदारों ने सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए अपनी दुकानों को पहले ही बंद कर दिया। उन पर नगर निगम की तरफ से सीलिंग को पोस्टर चस्पा कर दिया गया। वहीं, इस कार्रवाई से नाराजग व्यापारियों ने भी नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। और नगर निगम को अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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बैठक में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी सहित नगरीय प्रशासन, नगर एवं ग्राम निवेश, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, भोपाल कलेक्टर और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के पालन, पर्यावरण संरक्षण और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कराएगी। अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अध्यक्षता में समिति काम करेगी। समिति में नगरीय प्रशासन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, श्रम, पर्यावरण, नगर एवं ग्राम निवेश, प्रदूषण नियंत्रण मंडल और पंजीयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। भोपाल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त विशेष आमंत्रित सदस्य रहेंगे।
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समिति रिहायशी क्षेत्रों में भवनों के उपयोग, व्यावसायिक गतिविधियों, पर्यावरणीय प्रभाव और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया तय करेगी और उसी के अनुसार नगर निगम कार्रवाई करेगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जब तक समिति अपनी रिपोर्ट नहीं देती और सरकार नई प्रक्रिया तय नहीं करती, तब तक भोपाल नगर निगम किसी भी भवन या दुकान के खिलाफ सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई नहीं करेगा। सरकार के इस फैसले से फिलहाल उन व्यापारियों और भवन मालिकों को राहत मिली है, जिन पर हाल के दिनों में कार्रवाई की आशंका बनी हुई थी।
एक हजार से ज्यादा दुकानें और प्रतिष्ठान सील
बता दें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में नगर निगम ने शहर के अलग-अलग इलाके में रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को सील कर दिया है। कई दुकानदारों ने सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए अपनी दुकानों को पहले ही बंद कर दिया। उन पर नगर निगम की तरफ से सीलिंग को पोस्टर चस्पा कर दिया गया। वहीं, इस कार्रवाई से नाराजग व्यापारियों ने भी नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। और नगर निगम को अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
