{"_id":"69caa829e3d9925a38033ab3","slug":"mp-news-wheat-procurement-postponed-again-now-not-april-1st-but-when-will-the-procurement-begin-congress-t-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन फिर टला, जानें अब कब से शुरू होगी खरीदी; कांग्रेस का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन फिर टला, जानें अब कब से शुरू होगी खरीदी; कांग्रेस का विरोध
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 30 Mar 2026 10:25 PM IST
विज्ञापन
सार
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की तारीख बार-बार आगे बढ़ने से किसान परेशान हैं। बारदाने की कमी और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण अब खरीदी 10 अप्रैल से शुरू होगी।
गेहूं खरीदी अब 10 अप्रैल से होगी शुरू
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा बांग्लादेश से जूट की आपूर्ति में रुकावट के कारण मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख आगे बढ़ गई है। मध्य प्रदेश में किसानों की महीनों की मेहनत अब तक खेत-खलिहानों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है, लेकिन गेहूं उपार्जन की तारीखों में लगातार बदलाव हो रहा है। पहले सरकार ने गेहूं उपार्जन 16 मार्च तय किया था, फिर 1 अप्रैल और अब नई तारीख 10 अप्रैल घोषित की गई है।
ये भी पढ़ें- भोपाल में आधी रात हत्या: साथ चलने का बनाया दबाव, मना करने पर भड़के आरोपी; समझाने पर युवक को चाकुओं से गोद डाला
सरकार ने बताया कि भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में गेहूं खरीदी की नई तारीख 10 अप्रैल से शुरू होगी। वहीं, बाकी अन्य संभागों में गेहूं खरीदी का काम 15 अप्रैल से किया जाएगा। किसान लगातार समय पर उपार्जन की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन तारीखों में लगातार बदलाव से उनकी परेशानी बढ़ रही है। वहीं, कई जिलों में बारिश ने भी उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया हैं।
बता दें अंतरराष्ट्रीय स्थिति के कारण पॉलीप्रोपाइलीन या हाई डेंसिटी पॉलीप्रोपाइलीन बैग के उत्पादन में भी बाधा आई है। नागरिक आपूर्ति निगम को 15.60 करोड़ बोरियों की जरूरत है, जबकि उपलब्धता केवल 5.50 करोड़ है। इसके साथ ही सिंगल यूज बारदाने की भी खरीद की जा रही है। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं और 80 हजार सिंगल यूज बारदाने खरीदे जाएंगे।
ये भी पढ़ें- Bhopal News: भोपाल में देर रात क्लब के बाहर युवतियों के बीच जमकर मारपीट, बीच सड़क होता रहा हंगामा
19 लाख किसानों ने कराया पंजीयन
प्रदेश में इस वर्ष लगभग 19.04 लाख किसान गेहूं बेचने के लिए पंजीकृत हैं। खरीदी के लिए तय लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से अधिक है, लेकिन बारदाने की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है। राज्य में लगभग तीन लाख बारदानों की आवश्यकता है, जबकि उपलब्धता केवल 1.15 लाख तक सीमित है। राज्य सरकार इस बार 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस पर गेहूं खरीदी कर रही है।
ये भी पढ़ें- MP News: CM मोहन यादव ने MSME इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि जारी की, भू-आवंटन पत्र भी बांटे
गेहूं खरीदी में देरी पर कांग्रेस का हमला
गेहूं खरीदी की तारीख आगे बढ़ने को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने इस मुद्दे पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसानों की महीनों की मेहनत आज भी खेत-खलिहानों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है, जबकि सरकार लगातार खरीदी की तारीख आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। यादव ने आरोप लगाया कि “नकारा और किसान विरोधी भाजपा सरकार की वजह से अन्नदाता परेशान है। सरकार गेहूं उपार्जन को लेकर सिर्फ तारीख पर तारीख दे रही है, जिससे किसानों की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “किसान पस्त है और सरकार मस्त है।”
Trending Videos
ये भी पढ़ें- भोपाल में आधी रात हत्या: साथ चलने का बनाया दबाव, मना करने पर भड़के आरोपी; समझाने पर युवक को चाकुओं से गोद डाला
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने बताया कि भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में गेहूं खरीदी की नई तारीख 10 अप्रैल से शुरू होगी। वहीं, बाकी अन्य संभागों में गेहूं खरीदी का काम 15 अप्रैल से किया जाएगा। किसान लगातार समय पर उपार्जन की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन तारीखों में लगातार बदलाव से उनकी परेशानी बढ़ रही है। वहीं, कई जिलों में बारिश ने भी उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया हैं।
बता दें अंतरराष्ट्रीय स्थिति के कारण पॉलीप्रोपाइलीन या हाई डेंसिटी पॉलीप्रोपाइलीन बैग के उत्पादन में भी बाधा आई है। नागरिक आपूर्ति निगम को 15.60 करोड़ बोरियों की जरूरत है, जबकि उपलब्धता केवल 5.50 करोड़ है। इसके साथ ही सिंगल यूज बारदाने की भी खरीद की जा रही है। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं और 80 हजार सिंगल यूज बारदाने खरीदे जाएंगे।
ये भी पढ़ें- Bhopal News: भोपाल में देर रात क्लब के बाहर युवतियों के बीच जमकर मारपीट, बीच सड़क होता रहा हंगामा
19 लाख किसानों ने कराया पंजीयन
प्रदेश में इस वर्ष लगभग 19.04 लाख किसान गेहूं बेचने के लिए पंजीकृत हैं। खरीदी के लिए तय लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से अधिक है, लेकिन बारदाने की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है। राज्य में लगभग तीन लाख बारदानों की आवश्यकता है, जबकि उपलब्धता केवल 1.15 लाख तक सीमित है। राज्य सरकार इस बार 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस पर गेहूं खरीदी कर रही है।
ये भी पढ़ें- MP News: CM मोहन यादव ने MSME इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि जारी की, भू-आवंटन पत्र भी बांटे
गेहूं खरीदी में देरी पर कांग्रेस का हमला
गेहूं खरीदी की तारीख आगे बढ़ने को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने इस मुद्दे पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसानों की महीनों की मेहनत आज भी खेत-खलिहानों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है, जबकि सरकार लगातार खरीदी की तारीख आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। यादव ने आरोप लगाया कि “नकारा और किसान विरोधी भाजपा सरकार की वजह से अन्नदाता परेशान है। सरकार गेहूं उपार्जन को लेकर सिर्फ तारीख पर तारीख दे रही है, जिससे किसानों की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “किसान पस्त है और सरकार मस्त है।”

कमेंट
कमेंट X