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MP Rajya Sabha Election: कभी निष्कासन को लेकर रहे चर्चा में, अब भाजपा ने महेश केवट को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Mon, 08 Jun 2026 12:50 AM IST
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सार

मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। कभी पार्टी से निष्कासन को लेकर चर्चा में रहे महेश केवट अब भाजपा के भरोसे के साथ राज्यसभा की दौड़ में शामिल हो गए हैं।

MP Rajya Sabha Election: Mahesh Kewat, once in the news for his expulsion, has now been nominated by the BJP a
भाजपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार महेश केवट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर मुकाबला रोचक बना दिया है। बुंदेलखंड के निवाड़ी से आने वाले महेश केवट अन्य पिछड़ा वर्ग की केवट समाज से हैं और लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। सोमवार को वे अपना नामांकन दाखिल करेंगे। महेश केवट का नाम पहले भी चर्चा में रहा है। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान उन पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगे थे। उस समय पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोपों के बीच उनको  6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था। हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने संगठन के साथ सक्रिय रूप से काम किया और पार्टी नेतृत्व का भरोसा फिर हासिल किया। वह संघ की पृष्टभूमि से भी आते हैं। कुछ समय पहले ही 24 अप्रैल को राज्य सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अब राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके राजनीतिक कद में बड़ा इजाफा माना जा रहा है।


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राजनीतिक जानकारों  का मानना है कि भाजपा ने यह फैसला सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर लिया है। केवट समाज में उनकी पहचान और बुंदेलखंड क्षेत्र में उनकी सक्रियता को उम्मीदवार चयन का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। शनिवार और रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीसरे प्रत्याशी को लेकर लंबा मंथन हुआ। इसमें एसटी, एससी और अन्य पिछड़ा वर्ग में भी अति पिछड़ी जाति के प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाने को लेकर चर्चा हुई। शीर्ष नेतृत्व से स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने महेश केवट के नाम पर सहमति जताई। राज्यसभा चुनाव में महेश केवट का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन से होगा। भाजपा ने अंतिम समय में उनका नाम घोषित कर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की लगातार बैठकों और रणनीतिक मंथन के बाद लिए गए इस फैसले ने राज्यसभा चुनाव को और रोचक बना दिया है। 
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बता दें कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इनमें दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते की हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने दोबारा राज्यसभा जाने की इच्छा नहीं जताई, जिसके बाद पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया। वहीं भाजपा ने पहले दो सीटों के लिए रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग को प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के लगातार मंथन और रणनीतिक बैठकों के बाद तीसरी सीट पर महेश केवट को मैदान में उतारने का फैसला किया गया। विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के आधार पर भाजपा की दो सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि तीसरी सीट के लिए मुकाबला रोचक हो गया है। भाजपा को इस सीट पर क्रॉस वोटिंग की संभावना से उम्मीद है, वहीं कांग्रेस भी अपने विधायकों को एकजुट रखने और उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रही है। बता दें 8 जून को नामांकन की अंतिम तारीख है। वहीं, अब 18 जून को तीसरी सीट के लिए मतदाना होना तय माना जा रहा है। 

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क्या कहता है चुनावी गणित?
विधानसभा में वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63  विधायक हैं। दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के बाद भाजपा के पास लगभग 48 वोट बचेंगे। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंका और भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। 
 
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