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MP Weather: एमपी के कई जिलों में झमाझम बरसे बादल, श्योपुर में 9 घंटे में 32 मिमी, छिंदवाड़ा में 71 मिमी बारिश
Mon, 06 Jul 2026 08:31 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 06 Jul 2026 08:31 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 71.4 मिमी बारिश छिंदवाड़ा में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर में महज 9 घंटे में 32 मिमी पानी बरसा। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन पूरे प्रदेश में अब भी सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग की शाम 5:30 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 71.4 मिमी बारिश छिंदवाड़ा में दर्ज की गई। वहीं सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच श्योपुर में 32 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस अवधि में सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा मंडला में 27 मिमी, खजुराहो में 25 मिमी, टीकमगढ़ और दमोह में 18-18 मिमी, रीवा में 15 मिमी, सिवनी में 11 मिमी और जबलपुर में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में बारिश हुई, हालांकि इसकी तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही।
तापमान में गिरावट, मौसम हुआ सुहाना
लगातार बारिश के चलते अधिकांश जिलों के अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। बैतूल 28.2 डिग्री, सिवनी 28 डिग्री, छिंदवाड़ा 29.3 डिग्री, मंडला 30 डिग्री और जबलपुर 31.3 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडे शहरों में रहे। वहीं ग्वालियर 36.7 डिग्री और खजुराहो 36 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहे।
नमी 100 प्रतिशत तक पहुंची
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में हवा में नमी 90 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई। मलाजखंड, मंडला और छिंदवाड़ा में शाम के समय भी आर्द्रता 100 प्रतिशत के करीब दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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प्रदेश में अब भी सामान्य से 6% कम बारिश
हालांकि जुलाई में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन पूरे सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से पीछे चल रहा है। प्रदेश में अब तक 163.1 मिमी (6.4 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 172.8 मिमी (6.8 इंच) होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी एमपी में कमी, पश्चिमी हिस्से में ज्यादा बारिश
बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में समान नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इससे कई जिलों में वर्षा का असंतुलन बना हुआ है।
जून कमजोर रहा, जुलाई से उम्मीदें बढ़ीं
मौसम विभाग के अनुसार जून में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई में मानसून सक्रिय है। प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही होता है। भोपाल में सामान्य 39 इंच बारिश में से करीब 14 इंच जुलाई में होती है, जबकि जबलपुर में इसी महीने 17 इंच से अधिक बारिश का औसत है।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, भिंड, दतिया, धार, झाबुआ, खंडवा, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शिवपुरी और विदिशा।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, उज्जैन, पांढुर्णा और सिवनी।इस मानसून सीजन में देवास सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है। यहां अब तक 14.2 इंच पानी गिर चुका है, जो सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक है। वहीं बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, हरदा, इंदौर, खंडवा, सीहोर, बालाघाट और सिवनी में 8 इंच या उससे अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। दूसरी ओर अलीराजपुर में अब तक केवल 1 इंच बारिश हुई है, जो प्रदेश में सबसे कम है।
यह भी पढ़ें-वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति: आरिफ मसूद बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, हिंदू संगठन ने किया स्वागत
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच
मध्य प्रदेश की औसत मानसूनी वर्षा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच मानी जाती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा और जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है।
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तापमान में गिरावट, मौसम हुआ सुहाना
लगातार बारिश के चलते अधिकांश जिलों के अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। बैतूल 28.2 डिग्री, सिवनी 28 डिग्री, छिंदवाड़ा 29.3 डिग्री, मंडला 30 डिग्री और जबलपुर 31.3 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडे शहरों में रहे। वहीं ग्वालियर 36.7 डिग्री और खजुराहो 36 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहे।
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नमी 100 प्रतिशत तक पहुंची
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में हवा में नमी 90 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई। मलाजखंड, मंडला और छिंदवाड़ा में शाम के समय भी आर्द्रता 100 प्रतिशत के करीब दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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प्रदेश में अब भी सामान्य से 6% कम बारिश
हालांकि जुलाई में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन पूरे सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से पीछे चल रहा है। प्रदेश में अब तक 163.1 मिमी (6.4 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 172.8 मिमी (6.8 इंच) होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी एमपी में कमी, पश्चिमी हिस्से में ज्यादा बारिश
बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में समान नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इससे कई जिलों में वर्षा का असंतुलन बना हुआ है।
जून कमजोर रहा, जुलाई से उम्मीदें बढ़ीं
मौसम विभाग के अनुसार जून में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई में मानसून सक्रिय है। प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही होता है। भोपाल में सामान्य 39 इंच बारिश में से करीब 14 इंच जुलाई में होती है, जबकि जबलपुर में इसी महीने 17 इंच से अधिक बारिश का औसत है।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, भिंड, दतिया, धार, झाबुआ, खंडवा, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शिवपुरी और विदिशा।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, उज्जैन, पांढुर्णा और सिवनी।इस मानसून सीजन में देवास सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है। यहां अब तक 14.2 इंच पानी गिर चुका है, जो सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक है। वहीं बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, हरदा, इंदौर, खंडवा, सीहोर, बालाघाट और सिवनी में 8 इंच या उससे अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। दूसरी ओर अलीराजपुर में अब तक केवल 1 इंच बारिश हुई है, जो प्रदेश में सबसे कम है।
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प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच
मध्य प्रदेश की औसत मानसूनी वर्षा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच मानी जाती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा और जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है।
