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MP Weather: MP के 39 जिलों में बारिश की कमी, अगले हफ्ते से बदलेगा मौसम,आज कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
Sun, 19 Jul 2026 07:15 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 19 Jul 2026 07:15 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 9.7 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 15% कम है। प्रदेश के 39 जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि आज कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 से 22 जुलाई के बीच पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से बारिश का आंकड़ा लगातार पीछे चल रहा है। प्रदेश में अब तक औसतन 9.7 इंच बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 11.4 इंच बारिश होनी चाहिए थी। यानी अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले एक सप्ताह में अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश नहीं होने से हालात और कमजोर हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं रायसेन, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, पन्ना, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर सहित कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।
39 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के 39 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। इनमें रीवा, सतना, सागर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, डिंडौरी, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, कटनी, मंडला, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, गुना, शिवपुरी, मुरैना, दतिया समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, नीमच और मंदसौर सहित 16 जिलों में बारिश की स्थिति बेहतर बनी हुई है।
यह भी पढ़ें-भोपाल में बारिश के लिए अनोखा टोटका: गधों को पहनाई माला, खिलाए गुलाब जामुन, इंद्र देव को मनाने की प्रार्थना
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देवास सबसे आगे, अलीराजपुर सबसे पीछे
बारिश के मामले में देवास प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक करीब 17.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य का आधे से अधिक हिस्सा है। दूसरी ओर अलीराजपुर में सिर्फ 2.3 इंच बारिश हुई है, जो प्रदेश में सबसे कम है। पिछले सप्ताह बारिश थमने से डैम और नदियों का जलस्तर फिर कम होने लगा है। कुछ दिन पहले जिन नदियों में पानी बढ़ा था, उनमें अब बहाव घट गया है। कई छोटे जलाशयों में भी पानी की आवक रुक गई है। यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो जल भंडारण पर असर पड़ सकता है।
20 जुलाई के बाद फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कमजोर मौसम प्रणाली खत्म होने के बाद 20 से 22 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
यह भी पढ़ें-अयोध्या पदयात्रा से पहले दिग्विजय सिंह का फैसला, धर्म यात्रा पर करेंगे फोकस
9 दिन देरी से आया था मानसून
इस वर्ष मानसून 24 जून को मध्य प्रदेश पहुंचा था, जो सामान्य से 9 दिन देरी से आया। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति सुधरी, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने से बारिश का सिलसिला फिर थम गया। अब प्रदेश की नजर अगले सप्ताह बनने वाली नई मौसम प्रणाली पर टिकी है।
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39 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के 39 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। इनमें रीवा, सतना, सागर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, डिंडौरी, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, कटनी, मंडला, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, गुना, शिवपुरी, मुरैना, दतिया समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, नीमच और मंदसौर सहित 16 जिलों में बारिश की स्थिति बेहतर बनी हुई है।
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देवास सबसे आगे, अलीराजपुर सबसे पीछे
बारिश के मामले में देवास प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक करीब 17.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य का आधे से अधिक हिस्सा है। दूसरी ओर अलीराजपुर में सिर्फ 2.3 इंच बारिश हुई है, जो प्रदेश में सबसे कम है। पिछले सप्ताह बारिश थमने से डैम और नदियों का जलस्तर फिर कम होने लगा है। कुछ दिन पहले जिन नदियों में पानी बढ़ा था, उनमें अब बहाव घट गया है। कई छोटे जलाशयों में भी पानी की आवक रुक गई है। यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो जल भंडारण पर असर पड़ सकता है।
20 जुलाई के बाद फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कमजोर मौसम प्रणाली खत्म होने के बाद 20 से 22 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
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9 दिन देरी से आया था मानसून
इस वर्ष मानसून 24 जून को मध्य प्रदेश पहुंचा था, जो सामान्य से 9 दिन देरी से आया। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति सुधरी, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने से बारिश का सिलसिला फिर थम गया। अब प्रदेश की नजर अगले सप्ताह बनने वाली नई मौसम प्रणाली पर टिकी है।
