{"_id":"6a519f32b07112674404bb88","slug":"mp-weather-three-days-of-respite-then-heavy-rain-returns-impact-of-a-new-weather-system-from-july-14-curre-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Weather: तीन दिन राहत, फिर लौटेगी झमाझम बारिश, 14 जुलाई से नए सिस्टम का असर, अभी सिर्फ हल्की बारिश का दौर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Weather: तीन दिन राहत, फिर लौटेगी झमाझम बारिश, 14 जुलाई से नए सिस्टम का असर, अभी सिर्फ हल्की बारिश का दौर
Sat, 11 Jul 2026 07:11 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 11 Jul 2026 07:11 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में 11 से 13 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा। मौसम विभाग ने इस दौरान कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि 14 जुलाई से नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने के बाद कुछ जिलों में फिर तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
विज्ञापन
मौसम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ रहा है। इसके चलते अगले तीन दिन तक अधिकांश जिलों में रिमझिम और हल्की बारिश होगी। शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत सभी 55 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
14 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, पाकिस्तान के ऊपर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर अगले सप्ताह मध्य प्रदेश में दिखाई देगा। इसी वजह से 14 जुलाई से कुछ जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
खरीफ फसलों के लिए राहत भरा मौसम
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल तेज बारिश में आई कमी खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद रहेगी। लगातार बारिश से कई जिलों के खेतों में पानी भर गया था, जिससे फसलों में गलन और नुकसान का खतरा बढ़ने लगा था। अब हल्की बारिश रहने से जलभराव कम होगा और फसलों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
जुलाई ने बदली बारिश की तस्वीर
जून में सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में अच्छी वर्षा ने स्थिति बदल दी। प्रदेश में अब तक करीब 240 मिलीमीटर (9.5 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 222.1 मिलीमीटर से करीब 8 प्रतिशत अधिक है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है, जबकि पूर्वी हिस्से में अभी भी 8 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
देवास सबसे आगे, भोपाल-इंदौर में भी अच्छी बारिश
प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। इस सीजन में देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 115 प्रतिशत अधिक यानी करीब 18 इंच बारिश हो चुकी है। हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में 14 इंच, जबकि भोपाल में 13.1 इंच वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर, आलीराजपुर में सबसे कम करीब 2.25 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है।
यह भी पढ़ें-MP की धरती से निकला इतिहास का खजाना: लक्ष्मीबाई की मुहर,1857 के मूल दस्तावेज और 435 साल पुरानी रसिकप्रिया मिली
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा और कम बारिश
अब तक आगर-मालवा, भोपाल, इंदौर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, विदिशा, छिंदवाड़ा, पन्ना और सिवनी समेत कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, रायसेन, शिवपुरी और कुछ अन्य जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।
विज्ञापन
14 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, पाकिस्तान के ऊपर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर अगले सप्ताह मध्य प्रदेश में दिखाई देगा। इसी वजह से 14 जुलाई से कुछ जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन
खरीफ फसलों के लिए राहत भरा मौसम
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल तेज बारिश में आई कमी खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद रहेगी। लगातार बारिश से कई जिलों के खेतों में पानी भर गया था, जिससे फसलों में गलन और नुकसान का खतरा बढ़ने लगा था। अब हल्की बारिश रहने से जलभराव कम होगा और फसलों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
जुलाई ने बदली बारिश की तस्वीर
जून में सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में अच्छी वर्षा ने स्थिति बदल दी। प्रदेश में अब तक करीब 240 मिलीमीटर (9.5 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 222.1 मिलीमीटर से करीब 8 प्रतिशत अधिक है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है, जबकि पूर्वी हिस्से में अभी भी 8 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
देवास सबसे आगे, भोपाल-इंदौर में भी अच्छी बारिश
प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। इस सीजन में देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 115 प्रतिशत अधिक यानी करीब 18 इंच बारिश हो चुकी है। हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में 14 इंच, जबकि भोपाल में 13.1 इंच वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर, आलीराजपुर में सबसे कम करीब 2.25 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है।
यह भी पढ़ें-MP की धरती से निकला इतिहास का खजाना: लक्ष्मीबाई की मुहर,1857 के मूल दस्तावेज और 435 साल पुरानी रसिकप्रिया मिली
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा और कम बारिश
अब तक आगर-मालवा, भोपाल, इंदौर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, विदिशा, छिंदवाड़ा, पन्ना और सिवनी समेत कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, रायसेन, शिवपुरी और कुछ अन्य जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।
