MP Weather Today: जून की कमी जुलाई में पूरी, एमपी में बारिश का 25% कोटा पूरा, आज कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मानसून की देरी से जून में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 30 प्रतिशत तक नीचे चला गया था, लेकिन जुलाई के शुरुआती दिनों की झमाझम ने तस्वीर बदल दी। मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 8 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है और सीजन का करीब 25 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है। रविवार को कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश में देर से पहुंचे मानसून ने जुलाई की शुरुआत में ही जोरदार वापसी की है। लगातार नौ दिनों तक हुई तेज बारिश ने जून में हुई बारिश की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है। प्रदेश में मानसून का आंकड़ा अब माइनस से निकलकर प्लस में पहुंच गया है। नदियां उफान पर हैं, जलाशय तेजी से भर रहे हैं और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल भारी बारिश का दौर कुछ धीमा पड़ा है, लेकिन अगले सप्ताह नया सिस्टम बनने के बाद फिर जोरदार बारिश हो सकती है।
देर से आया मानसून, लेकिन तेजी से बदली तस्वीर
प्रदेश में मानसून 24 जून को, यानी तय समय से नौ दिन की देरी से पहुंचा था। हालांकि इसके बाद सिर्फ नौ दिनों में उसने पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया। जून में सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में सक्रिय मौसम प्रणालियों ने हालात पूरी तरह बदल दिए।
औसत से 8 प्रतिशत ज्यादा बारिश
भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, प्रदेश में अब तक औसतन 9.4 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश 8.7 इंच मानी जाती है। यानी मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 8 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जुलाई की शुरुआत में ही प्रदेश मानसून के कुल सीजनल कोटे का लगभग 25 प्रतिशत पानी प्राप्त कर चुका है।
यह भी पढ़ें-सियासी गहमागहमी के बीच नरोत्तम पहुंच रहे भोपाल, इनके साथ होगी 'वन-टू-वन' चर्चा
इन जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट
रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मैहर, मंडला, मऊगंज, मुरैना, नर्मदापुरम और निवाड़ी समेत कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मालवा-निमाड़ में सबसे ज्यादा बारिश
इस बार सबसे अच्छी बारिश मालवा-निमाड़ क्षेत्र में हुई है। देवास जिले में अब तक 17.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सीजन के कुल कोटे का 50 प्रतिशत से अधिक है। वहीं आलीराजपुर में सिर्फ 2.3 इंच बारिश हुई है, जो प्रदेश में सबसे कम है।
30 जिलों में ज्यादा, 25 जिलों में कम बारिश
प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि 25 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। भोपाल, सीहोर, इंदौर, बुरहानपुर, देवास, आगर-मालवा और हरदा जैसे सात जिलों में 12 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
अगले सप्ताह फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार फिलहाल हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। अगले सप्ताह नया मौसम सिस्टम बनने के संकेत हैं। इसके सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज और व्यापक बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
