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MP Weather Today: एमपी में बारिश ने पकड़ी रफ्तार, 31 जिलों में अलर्ट, सामान्य के करीब पहुंचा वर्षा का आंकड़ा
Tue, 07 Jul 2026 07:03 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 07 Jul 2026 07:03 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पिछले छह दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश में औसत वर्षा करीब 7 इंच तक पहुंच गई है, जो सामान्य से केवल 1 प्रतिशत कम है। मंगलवार को 31 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरे रंग में नजर आ रहा है। जुलाई की शुरुआत से लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश की बारिश की कमी लगभग पूरी कर दी है। छह दिनों की जोरदार बारिश के बाद राज्य में औसत वर्षा करीब 7 इंच दर्ज की गई है, जो सामान्य से महज 1 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग ने मंगलवार को 31 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, मैहर, दमोह, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा असर
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान है। इन क्षेत्रों के अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवास प्रदेश का सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला बन गया है, जहां अब तक 15.3 इंच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।
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यह भी पढ़ें-नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी नटराजन का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं-आयोग को बचाने पार्टी पर मढ़ा गया दोष
तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेशभर में दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबलपुर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत बड़े शहरों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा।
यह भी पढ़ें-वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति: आरिफ मसूद बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, हिंदू संगठन ने किया स्वागत
जुलाई में पूरी होगी बारिश की भरपाई
मौसम विभाग के अनुसार जून में बारिश सामान्य से कम रही थी, लेकिन जुलाई में मानसून की रफ्तार तेज है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच है और इसका लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही दर्ज होता है। विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
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इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, मैहर, दमोह, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।
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पश्चिमी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा असर
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान है। इन क्षेत्रों के अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवास प्रदेश का सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला बन गया है, जहां अब तक 15.3 इंच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।
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तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेशभर में दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबलपुर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत बड़े शहरों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा।
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जुलाई में पूरी होगी बारिश की भरपाई
मौसम विभाग के अनुसार जून में बारिश सामान्य से कम रही थी, लेकिन जुलाई में मानसून की रफ्तार तेज है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच है और इसका लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही दर्ज होता है। विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
