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MP Weather Today: एमपी में बदला मौसम, नीमच-उज्जैन में ओलावृष्टि, भोपाल-मंदसौर-बैतूल भीगे,किसानों की बढ़ी चिंता
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 30 Mar 2026 07:36 AM IST
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सार
मध्यप्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम के चलते कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। नीमच और उज्जैन में ओले गिरे, जबकि भोपाल, मंदसौर और बैतूल समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज हुई। अगले 3-4 दिन तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है।
मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदलते हुए कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। नीमच और उज्जैन में बारिश के साथ ओले गिरे, जबकि भोपाल, मंदसौर, रीवा और बैतूल समेत कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। वहीं इंदौर और धार में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे यहां भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
इन जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि खंडवा, बैतूल, देवास, नीमच, श्योपुर और खरगोन में आंधी के साथ ओले गिरने की संभावना है। इसके अलावा छिंदवाड़ा, रतलाम, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा और अनूपपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी का असर देखने को मिलेगा।
खेतों पर संकट, फसलों को नुकसान का खतरा
ओले गिरने से गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। उज्जैन के बड़नगर और ग्रामीण इलाकों में भी ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धार और श्योपुर में बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं खेतों में कटी पड़ी फसल के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
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यह भी पढ़ें-प्रदेश की सबसे बड़ी स्लीमनाबाद टनल जल्द होगी पूर्ण, 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा सिंचाई का लाभ
इस वजह से बिगड़ा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के एक्टिव होने से प्रदेश में यह बदलाव आया है। यह सिस्टम अगले 3 से 4 दिनों तक सक्रिय रहेगा और 2 अप्रैल तक असर दिखाएगा।
यह भी पढ़ें-राजनीतिक चंदे में बीजेपी आगे, ADR रिपोर्ट में खुलासा-BJP को 55.77 करोड़, कांग्रेस को 1.33 करोड़
गर्मी से राहत, तापमान में गिरावट
लगातार आंधी-बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल कई शहरों में पारा 38-40 डिग्री के आसपास बना हुआ था, लेकिन अब इसमें कमी आने के आसार हैं। मार्च में चौथी बार बदला मौसम इस महीने यह चौथा मौका है जब मौसम ने अचानक रुख बदला है। पहले भी आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से 45 से ज्यादा जिलों में असर पड़ा था और फसलों को भारी नुकसान हुआ था।
इन जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि खंडवा, बैतूल, देवास, नीमच, श्योपुर और खरगोन में आंधी के साथ ओले गिरने की संभावना है। इसके अलावा छिंदवाड़ा, रतलाम, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा और अनूपपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी का असर देखने को मिलेगा।
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खेतों पर संकट, फसलों को नुकसान का खतरा
ओले गिरने से गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। उज्जैन के बड़नगर और ग्रामीण इलाकों में भी ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धार और श्योपुर में बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं खेतों में कटी पड़ी फसल के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।
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इस वजह से बिगड़ा मौसम
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गर्मी से राहत, तापमान में गिरावट
लगातार आंधी-बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल कई शहरों में पारा 38-40 डिग्री के आसपास बना हुआ था, लेकिन अब इसमें कमी आने के आसार हैं। मार्च में चौथी बार बदला मौसम इस महीने यह चौथा मौका है जब मौसम ने अचानक रुख बदला है। पहले भी आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से 45 से ज्यादा जिलों में असर पड़ा था और फसलों को भारी नुकसान हुआ था।
