सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Tvisha death case: Family demands probe into the role of legal aid lawyers; files two applications in court.

त्विषा मौत मामला: परिवार ने कानूनी सहायता वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की, कोर्ट में दायर किए दो आवेदन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 12 Jun 2026 08:30 AM IST
विज्ञापन
सार

चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में परिवार ने ट्रायल कोर्ट में दो अहम आवेदन दायर कर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े वकीलों की भूमिका की जांच और एक संदिग्ध अज्ञात व्यक्ति की पहचान कराने की मांग की है। परिवार ने कॉल रिकॉर्ड, शादी के फोटो-वीडियो और सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए मामले में हितों के टकराव और संभावित संबंधों की जांच की आवश्यकता बताई है।

Tvisha death case: Family demands probe into the role of legal aid lawyers; files two applications in court.
त्विषा केस फोटो
विज्ञापन

विस्तार

चर्चित त्विषा शर्मा मौत प्रकरण में एक बार फिर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों की ओर से ट्रायल कोर्ट में दो अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत कर मामले से जुड़े कुछ पहलुओं की गहन जांच कराने की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि मामले में कानूनी सहायता (लीगल एड) से जुड़े कुछ व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। परिजनों की ओर से पेश अधिवक्ता अंकुर पांडे ने अदालत को दिए आवेदन में दावा किया है कि मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह को शुरुआती चरण से ही विधिक सहायता व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों का सहयोग प्राप्त हुआ। आवेदन में कॉल डिटेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि आरोपी और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़ी एक सदस्य के बीच कई बार बातचीत हुई थी। इनमें 12 मई की देर रात हुई एक कथित फोन कॉल का भी उल्लेख किया गया है।


ये भी पढ़ें-  Meenakshi Natarajan: मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, नामांकन खारिज होने का मामला
विज्ञापन
विज्ञापन


आवेदन में यह भी कहा गया है कि 15 मई को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना ने उसकी ओर से पैरवी की थी। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया है कि श्रेयस सक्सेना और रीना वर्मा ने आरोपी की ओर से वकालतनामा दायर किया, जबकि दोनों का संबंध विधिक सहायता प्रणाली से बताया गया है। परिजनों ने इस आधार पर कानूनी सहायता व्यवस्था के नियमों और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP: दिल्ली में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक, सीएम मोहन यादव ने बताईं प्रदेश की उपलब्धियां

कानूनी सहायता योजना की निष्पक्षता पर सवाल
परिवार ने अपने आवेदन में दावा किया है कि त्विषा शर्मा के विवाह समारोह से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो ऐसे संकेत देते हैं, जिनसे अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना और सह-आरोपी समर्थ सिंह के बीच व्यक्तिगत संबंध होने की संभावना जताई जा रही है। परिजनों का तर्क है कि यदि ऐसे संबंध साबित होते हैं तो यह हितों के टकराव का मामला बन सकता है, जिससे कानूनी सहायता योजना की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
 
ये भी पढ़ें- MP News: प्रदेश के प्रमोटी और डायरेक्ट आईएएस में बढ़ी तल्खी, सीनियर महिला IAS को चुभी तारीफ तो मचा बवाल

अज्ञात व्यक्ति की पहचान की मांग
दूसरे आवेदन में परिजनों ने एक ऐसे व्यक्ति की पहचान कराने का अनुरोध किया है, जो कथित रूप से घटना से पहले एक ब्यूटी पार्लर के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है। आवेदन में कहा गया है कि यही व्यक्ति त्विषा शर्मा के विवाह समारोह में भी मौजूद था और कुछ वीडियो तथा तस्वीरों में नजर आता है। परिवार ने अदालत से इस व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित कर उसकी संभावित भूमिका की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आवेदन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed