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त्विषा मौत मामला: परिवार ने कानूनी सहायता वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की, कोर्ट में दायर किए दो आवेदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 12 Jun 2026 08:30 AM IST
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सार
चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में परिवार ने ट्रायल कोर्ट में दो अहम आवेदन दायर कर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े वकीलों की भूमिका की जांच और एक संदिग्ध अज्ञात व्यक्ति की पहचान कराने की मांग की है। परिवार ने कॉल रिकॉर्ड, शादी के फोटो-वीडियो और सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए मामले में हितों के टकराव और संभावित संबंधों की जांच की आवश्यकता बताई है।
त्विषा केस फोटो
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विस्तार
चर्चित त्विषा शर्मा मौत प्रकरण में एक बार फिर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों की ओर से ट्रायल कोर्ट में दो अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत कर मामले से जुड़े कुछ पहलुओं की गहन जांच कराने की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि मामले में कानूनी सहायता (लीगल एड) से जुड़े कुछ व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। परिजनों की ओर से पेश अधिवक्ता अंकुर पांडे ने अदालत को दिए आवेदन में दावा किया है कि मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह को शुरुआती चरण से ही विधिक सहायता व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों का सहयोग प्राप्त हुआ। आवेदन में कॉल डिटेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि आरोपी और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़ी एक सदस्य के बीच कई बार बातचीत हुई थी। इनमें 12 मई की देर रात हुई एक कथित फोन कॉल का भी उल्लेख किया गया है।
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आवेदन में यह भी कहा गया है कि 15 मई को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना ने उसकी ओर से पैरवी की थी। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया है कि श्रेयस सक्सेना और रीना वर्मा ने आरोपी की ओर से वकालतनामा दायर किया, जबकि दोनों का संबंध विधिक सहायता प्रणाली से बताया गया है। परिजनों ने इस आधार पर कानूनी सहायता व्यवस्था के नियमों और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
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कानूनी सहायता योजना की निष्पक्षता पर सवाल
परिवार ने अपने आवेदन में दावा किया है कि त्विषा शर्मा के विवाह समारोह से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो ऐसे संकेत देते हैं, जिनसे अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना और सह-आरोपी समर्थ सिंह के बीच व्यक्तिगत संबंध होने की संभावना जताई जा रही है। परिजनों का तर्क है कि यदि ऐसे संबंध साबित होते हैं तो यह हितों के टकराव का मामला बन सकता है, जिससे कानूनी सहायता योजना की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
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अज्ञात व्यक्ति की पहचान की मांग
दूसरे आवेदन में परिजनों ने एक ऐसे व्यक्ति की पहचान कराने का अनुरोध किया है, जो कथित रूप से घटना से पहले एक ब्यूटी पार्लर के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है। आवेदन में कहा गया है कि यही व्यक्ति त्विषा शर्मा के विवाह समारोह में भी मौजूद था और कुछ वीडियो तथा तस्वीरों में नजर आता है। परिवार ने अदालत से इस व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित कर उसकी संभावित भूमिका की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आवेदन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।
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आवेदन में यह भी कहा गया है कि 15 मई को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना ने उसकी ओर से पैरवी की थी। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया है कि श्रेयस सक्सेना और रीना वर्मा ने आरोपी की ओर से वकालतनामा दायर किया, जबकि दोनों का संबंध विधिक सहायता प्रणाली से बताया गया है। परिजनों ने इस आधार पर कानूनी सहायता व्यवस्था के नियमों और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
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कानूनी सहायता योजना की निष्पक्षता पर सवाल
परिवार ने अपने आवेदन में दावा किया है कि त्विषा शर्मा के विवाह समारोह से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो ऐसे संकेत देते हैं, जिनसे अधिवक्ता श्रेयस सक्सेना और सह-आरोपी समर्थ सिंह के बीच व्यक्तिगत संबंध होने की संभावना जताई जा रही है। परिजनों का तर्क है कि यदि ऐसे संबंध साबित होते हैं तो यह हितों के टकराव का मामला बन सकता है, जिससे कानूनी सहायता योजना की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
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अज्ञात व्यक्ति की पहचान की मांग
दूसरे आवेदन में परिजनों ने एक ऐसे व्यक्ति की पहचान कराने का अनुरोध किया है, जो कथित रूप से घटना से पहले एक ब्यूटी पार्लर के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है। आवेदन में कहा गया है कि यही व्यक्ति त्विषा शर्मा के विवाह समारोह में भी मौजूद था और कुछ वीडियो तथा तस्वीरों में नजर आता है। परिवार ने अदालत से इस व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित कर उसकी संभावित भूमिका की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आवेदन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।

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