त्विषा शर्मा केस: चोटों के सवाल पर नहीं मिले जवाब, गिरिबाला-समर्थ को फिर रिमांड पर लेने की तैयारी
भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में आरोपी सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र अधिवक्ता समर्थ सिंह की पांच दिन की सीबीआई रिमांड मंगलवार को समाप्त हो रही है। सीबीआई दोनों को विशेष अदालत में पेश कर तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मांग सकती है।
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भोपाल के बहुचर्चित और हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में मंगलवार का दिन जांच और कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोपी बनाई गईं सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और त्विषा शर्मा के पति एवं अधिवक्ता समर्थ सिंह की पांच दिन की सीबीआई रिमांड आज दोपहर दो बजे समाप्त हो रही है। सीबीआई दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश कर तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है। वहीं आरोपी पक्ष के वकील इस बार रिमांड बढ़ाने का पुरजोर विरोध करने की रणनीति बना चुके हैं।
पांच दिन तक चली पूछताछ, अब फिर कोर्ट की शरण में सीबीआई
सीबीआई पिछले पांच दिनों से गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि मामले के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर अभी और पूछताछ की आवश्यकता है। इसी कारण सीबीआई दोनों आरोपियों को भोपाल की विशेष अदालत में पेश कर तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मांग सकती है। हालांकि बचाव पक्ष भी इस बार पूरी तैयारी के साथ अदालत में उतरेगा और रिमांड बढ़ाने का विरोध करेगा।
घटना का री-क्रिएशन कराया, दिल्ली से पहुंची फॉरेंसिक टीम
जांच के दौरान सीबीआई ने घटना का पूरा री-क्रिएशन भी कराया है। इसके लिए सीबीआई की दिल्ली यूनिट से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम विशेष रूप से भोपाल पहुंची थी। टीम ने घटनास्थल और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की है।
इसके बावजूद जांच एजेंसी को अब तक त्विषा शर्मा के शरीर पर मिले चोटों के निशानों को लेकर कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
चोटों के सवाल पर आरोपियों की चुप्पी बनी जांच का केंद्र
पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह चोटों के संबंध में अनभिज्ञता जता रहे हैं। दोनों का कहना है कि संभवतः शव को फंदे से नीचे उतारते समय ये चोटें लगी होंगी। हालांकि जांच एजेंसी इस दावे को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्विषा शर्मा के सिर में चोट और क्लॉटिंग का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा शरीर पर लगभग आधा दर्जन चोटों का भी जिक्र रिपोर्ट में मौजूद है। यही वजह है कि सीबीआई चोटों के कारणों को जांच का महत्वपूर्ण बिंदु मानकर आगे बढ़ रही है।
दिल्ली एम्स की रिपोर्ट और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार
मामले में दिल्ली एम्स की विशेषज्ञ टीम द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। इसके साथ ही बिसरा जांच भी कराई गई थी। हालांकि अब तक न तो दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न ही बिसरा रिपोर्ट जांच एजेंसी को प्राप्त हुई है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इन रिपोर्टों से मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता आ सकती है।
वाट्सएप चैट और विरोधाभासी बयानों पर फोकस
सीबीआई अब त्विषा शर्मा की वाट्सएप चैट में लगाए गए कुछ आरोपों और आरोपियों के बयानों में सामने आए विरोधाभासों पर विशेष ध्यान दे रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि कुछ सवालों के जवाब अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। इन्हीं बिंदुओं पर क्रॉस क्वेश्चनिंग के लिए सीबीआई अतिरिक्त तीन दिन की रिमांड मांगने की तैयारी में है।
इन बिंदुओं पर आकर केंद्रित हो गई है सीबीआई जांच
दिल्ली से जांच के लिए भोपाल आई सीबीआई टीम अब कुछ प्रमुख बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर चुकी है। इनमें घटनास्थल के साथ कथित छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज की जांच, डिजिटल साक्ष्यों में संभावित हेरफेर तथा आरोपियों के बयानों में एकरूपता का अभाव प्रमुख रूप से शामिल हैं। सीबीआई का मानना है कि दोनों आरोपी न्यायिक क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। गिरिबाला सिंह 35 वर्षों से अधिक समय तक न्यायिक सेवा में रह चुकी हैं। ऐसे में उनके बयान कानूनी दृष्टि से बेहद सावधानीपूर्वक और संतुलित हो सकते हैं। यही कारण है कि एजेंसी अब डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को इतना मजबूत करना चाहती है कि भविष्य में अदालत में चार्जशीट पेश होने के बाद जांच के निष्कर्षों को चुनौती देना मुश्किल हो।
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मेडिकल के बाद विशेष अदालत में होगी पेशी
फिलहाल गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल स्थित सीबीआई कार्यालय में रखकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार सीबीआई मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दोनों आरोपियों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच मैनिट परिसर में बनाए गए विशेष मेडिकल वार्ड में ले जाकर उनका मेडिकल परीक्षण कराएगी। मेडिकल रिपोर्ट तैयार होने के बाद दोनों को दोपहर दो बजे तक भोपाल की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
रिमांड बढ़ाने को लेकर होगी कानूनी बहस
सीबीआई अदालत से दोनों आरोपियों की तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मांग सकती है। दूसरी ओर गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता इस मांग का कड़ा विरोध करने की तैयारी में हैं। ऐसे में आज की सुनवाई इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अदालत के फैसले पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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