सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Twisha Sharma Case Family Counsel Claims Investigation Documents Were Leaked to Giribala Singh

Twisha Sharma Case: त्विषा के परिजनों के अधिवक्ता का आरोप- गिरिबाला तक पहुंच रहे थे पुलिस डायरी के दस्तावेज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Dinesh Sharma Updated Mon, 08 Jun 2026 10:21 AM IST
विज्ञापन
सार

भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में कटारा हिल्स पुलिस पर गंभीर लापरवाही और पक्षपात के आरोप लगे हैं। परिजनों ने दावा किया कि फंदे में इस्तेमाल लिगेचर की जब्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और जरूरी हस्ताक्षर नहीं कराए गए। साथ ही केस डायरी के दस्तावेज आरोपी पक्ष तक पहुंचने पर भी सवाल उठाए गए हैं। सीबीआई पहले ही लिगेचर संबंधी लापरवाही पर आपत्ति जता चुकी है।

Twisha Sharma Case Family Counsel Claims Investigation Documents Were Leaked to Giribala Singh
त्विषा के परिजनों के वकील ने गिरिबाला सिंह और भोपाल पुलिस पर लगाए आरोप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले की प्रारंभिक जांच करने वाली भोपाल के कटारा हिल्स थाना पुलिस पर बड़े संगीन आरोप लगे हैं। इस मामले में लिगेचर (जिस बेल्ट से त्विषा ने फंदा लगाया था) को पीएम के लिए एम्स में नहीं देने और परिजनों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद पीएम के लिए जमा कराने के मामले में पहले भी बड़ी लापरवाही सामने आ चुकी है। अब त्विषा के परिजनों ने एक और सनसनीखेज आरोप लगाया है। 


परिजनों के अधिवक्ता ने कहा कि कटारा हिल्स पुलिस ने त्विषा के फंदे वाला लिगेचर 13 मई को बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित उससे ससुराल यानी सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर से जब्त किया था। त्विषा के फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट व अन्य सामान जब्त किए गए थे। सभी सामानों की जब्ती में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के हस्ताक्षर थे। लिगेचर को जब्त करने वाले दस्तावेज में गिरिबाला सिंह और समर्थ के हस्ताक्षर भोपाल पुलिस ने नहीं लिए थे। ऐसे में कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों को फायदा पहुंच सकता है, वह कोर्ट में बयान बदल सकते हैं कि मेरे सामने बेल्ट जब्त नहीं हुआ, पुलिस ने बेल्ट बदला या और कोई बात बना सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- त्विषा शर्मा केस: गिरिबाला सिंह की वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप में डिप्टी जेलर हटाई गईं, दो और पर कार्रवाई तय
विज्ञापन
Trending Videos


पुलिस डायरी के दस्तावेज कोर्ट में कैसे पहुंच गए
त्विषा के परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने बताया कि पहले भोपाल पुलिस फिर सीबीआई ने जबलपुर उच्च न्यायालय में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज करने की याचिका प्रस्तुत की थी। याचिका में बताया गया था कि गिरिबाला सिंह पुलिस के तीन नोटिस के बाद भी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही हैं, नोटिस के बाद भी बयान दर्ज कराने नहीं आईं। गिरिबाला सिंह ने अपने बचाव में जो दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए, उसमें वह दस्तावेज भी शामिल था, जो पुलिस ने 13 मई को गिरिबाला सिंह के घर से सामान जब्ती का दस्तावेज बनाया था। क्या-क्या सामान जब्त किया गया, उसमें घर वालों के हस्ताक्षर कराया जाता कि उनकी मौजूदगी में यह सामान जब्त हुआ है। वह विवेचना का पार्ट होता है। वह केस डायरी के दस्तावेज होते हैं। वह दस्तावेज पुलिस या जांच एजेंसी सिर्फ कोर्ट में प्रस्तुत कर सकती है, आरोपी पक्ष को नहीं दिए जाते। लेकिन गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता द्वारा जब्ती पर गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत कर बताया गया था कि मैं पुलिस की पूछताछ में सहयोग कर रही हूं। गिरिबाला सिंह द्वारा अदालत में अपने बचाव पक्ष में प्रस्तुत दस्तावेज  से स्पष्ट होता है कि भोपाल पुलिस गिरिबाला सिंह के प्रभाव में कार्य कर रही थी।

जब आरोपी नहीं थे, तब दस्तावेज नहीं दिए जा सकते
त्विषा के परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने कहा कि जवाब में यह भी कहा गया है कि रस्सी से संबंधित जब्ती दस्तावेज केस डायरी का हिस्सा था। लेकिन 13 मई को सुबह जब लिगेचर की जब्ती दस्तावेज में दिखाई गई, तब गिरिबाला सिंह और समर्थ आरोपी नहीं बनाए गए थे। ऐसे में कानूनी रूप से उन्हें उस दस्तावेज को मांगने का अधिकार नहीं था, क्योंकि आरोपी को जानकारी दी जाती है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई भी कटारा हिल्स थाने के उप निरीक्षक निदेश शर्मा द्वारा अपनी कार में लिगेचर रखे रहने और एम्स में पीएम करने वाली टीम को नहीं देने पर भोपाल पुलिस आयुक्त के समक्ष नाराजगी जताई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed