{"_id":"6a2aaf949f9d1848ab082871","slug":"uproar-over-cancellation-of-natarajan-s-nomination-congress-protests-from-the-assembly-to-the-election-commis-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"नटराजन का नामांकन रद्द होने पर घमासानः विधानसभा से चुनाव आयोग तक कांग्रेस का प्रदर्शन, नेताओं ने खड़े किए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नटराजन का नामांकन रद्द होने पर घमासानः विधानसभा से चुनाव आयोग तक कांग्रेस का प्रदर्शन, नेताओं ने खड़े किए सवाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 11 Jun 2026 06:44 PM IST
विज्ञापन
सार
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने भोपाल में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस न्याय की उम्मीद के साथ सर्वोच्च न्यायालय पहुंची है। यदि नियमों और कानूनों की अनदेखी होगी तो जनता का भरोसा कमजोर होगा।
यूथ कांग्रेस प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने चुनाव आयोग और विधानसभा की निर्वाचन शाखा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को एक ओर कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने विधानसभा गेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की, वहीं दूसरी ओर युवा कांग्रेस ने राजधानी की सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र के हत्यारों की अर्थी यात्रा निकाली और चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस का आरोप है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित कर जीत का प्रमाणपत्र देने की तैयारी की जा रही है। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
विधानसभा गेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने चुनाव आयोग तथा विधानसभा की निर्वाचन शाखा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा गेट पर प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग उठाई और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा की निर्वाचन शाखा भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़े मामले में कांग्रेस की आपत्तियों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, जबकि चुनाव आयोग के पास हस्तक्षेप करने और फैसला लेने के पर्याप्त अधिकार हैं।
विज्ञापन
लोकतंत्र और चुनावी निष्पक्षता का सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह विवाद केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि नियमों और कानूनों की अनदेखी होगी तो जनता का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्याय की उम्मीद के साथ सर्वोच्च न्यायालय पहुंची है।
युवा कांग्रेस ने निकाली अर्थी यात्रा
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने भी राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और भोपाल जिलाध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुरानी जेल से चुनाव आयोग कार्यालय तक लोकतंत्र के हत्यारों की अर्थी यात्रा निकाली। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।
यह भी पढ़ें-BU की प्रशासनिक अव्यवस्थाओं पर ABVP का विरोध,अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र,वीसी के इस्तीफे की मांग
संवैधानिक संस्थाएं सत्ता की कठपुतली बन रही हैं
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिषेक परमार ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में जिस तरह नियमों की अनदेखी कर मीनाक्षी नटराजन के साथ अन्याय किया गया, उससे संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्र संस्थाओं पर सत्ता का दबाव लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
भोपाल से दिल्ली तक होगा आंदोलन
भोपाल जिलाध्यक्ष अमित खत्री ने चुनाव आयोग के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो युवा कांग्रेस भोपाल से लेकर दिल्ली तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी यह विवाद अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक आंदोलन का भी रूप ले चुका है। कांग्रेस जहां इसे लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा बता रही है, वहीं पूरे मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई और फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा गेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने चुनाव आयोग तथा विधानसभा की निर्वाचन शाखा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा गेट पर प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग उठाई और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा की निर्वाचन शाखा भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़े मामले में कांग्रेस की आपत्तियों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, जबकि चुनाव आयोग के पास हस्तक्षेप करने और फैसला लेने के पर्याप्त अधिकार हैं।
लोकतंत्र और चुनावी निष्पक्षता का सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह विवाद केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि नियमों और कानूनों की अनदेखी होगी तो जनता का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्याय की उम्मीद के साथ सर्वोच्च न्यायालय पहुंची है।
युवा कांग्रेस ने निकाली अर्थी यात्रा
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने भी राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और भोपाल जिलाध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुरानी जेल से चुनाव आयोग कार्यालय तक लोकतंत्र के हत्यारों की अर्थी यात्रा निकाली। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।
यह भी पढ़ें-BU की प्रशासनिक अव्यवस्थाओं पर ABVP का विरोध,अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र,वीसी के इस्तीफे की मांग
संवैधानिक संस्थाएं सत्ता की कठपुतली बन रही हैं
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिषेक परमार ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में जिस तरह नियमों की अनदेखी कर मीनाक्षी नटराजन के साथ अन्याय किया गया, उससे संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्र संस्थाओं पर सत्ता का दबाव लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
भोपाल से दिल्ली तक होगा आंदोलन
भोपाल जिलाध्यक्ष अमित खत्री ने चुनाव आयोग के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो युवा कांग्रेस भोपाल से लेकर दिल्ली तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी यह विवाद अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक आंदोलन का भी रूप ले चुका है। कांग्रेस जहां इसे लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा बता रही है, वहीं पूरे मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई और फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

कमेंट
कमेंट X