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वीर भारत न्यास जमीन विवाद: विधायक रामेश्वर शर्मा बोले- दिग्विजय सिंह ने ही जीतू पटवारी के आरोपों की पोल खोल दी
Sun, 28 Jun 2026 08:21 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 28 Jun 2026 08:21 PM IST
सार
वीर भारत न्यास को जमीन आवंटन को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान से ही जीतू पटवारी के लगाए गए आरोप गलत साबित हो गए हैं।
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विधायक रामेश्वर शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच चल रही लड़ाई एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पटवारी ने उज्जैन में वीर भारत न्यास को जमीन आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस पर दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपों को बेबुनियाद बता दिया। इस बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ने ही जीतू पटवारी के आरोपों की पोल खोल दी। उज्जैन स्थित वीर भारत न्यास को सरकारी जमीन आवंटित किए जाने के मामले में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि यह कोई निजी ट्रस्ट नहीं, बल्कि सरकारी न्यास है। ऐसे में कांग्रेस के आरोप अपने आप गलत साबित हो गए हैं। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थाओं का अंतर अच्छी तरह पता है। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी बिना तथ्यों की जांच किए आरोप लगाते हैं। उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक आरोप लगाना है, जबकि सच्चाई कुछ और होती है।
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सरकारी न्यास को दी जमीन
उन्होंने कहा कि वीर भारत न्यास मध्य प्रदेश सरकार का सार्वजनिक न्यास है, जिसका संचालन संस्कृति विभाग और रविंद्र भवन के माध्यम से किया जाता है। यह किसी निजी व्यक्ति या संस्था का ट्रस्ट नहीं है। ऐसे में यह कहना कि करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन किसी निजी ट्रस्ट को एक रुपये में दे दी गई, पूरी तरह भ्रामक है। भाजपा विधायक ने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान से यह साफ हो गया है कि जमीन सरकारी न्यास को ही आवंटित की गई है। उन्होंने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि राजनीति तथ्यों के आधार पर करनी चाहिए, क्योंकि झूठे आरोपों से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता।
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क्या थे जीतू पटवारी के आरोप?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 24 जून को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि उज्जैन में वीर भारत न्यास को करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन मात्र एक रुपये की टोकन राशि पर दे दी गई। उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के परिवार की जमीन खरीद और अन्य मामलों पर भी सवाल उठाए थे।
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दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
शनिवार को उज्जैन में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि वीर भारत न्यास सरकारी और सार्वजनिक ट्रस्ट है। उन्होंने बताया कि इस न्यास के पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं और उनके कार्यकाल में भी यही व्यवस्था थी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकारी न्यास को जमीन आवंटित किए जाने में कोई अनियमितता नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग की राजनीति करते हैं।
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सरकारी न्यास को दी जमीन
उन्होंने कहा कि वीर भारत न्यास मध्य प्रदेश सरकार का सार्वजनिक न्यास है, जिसका संचालन संस्कृति विभाग और रविंद्र भवन के माध्यम से किया जाता है। यह किसी निजी व्यक्ति या संस्था का ट्रस्ट नहीं है। ऐसे में यह कहना कि करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन किसी निजी ट्रस्ट को एक रुपये में दे दी गई, पूरी तरह भ्रामक है। भाजपा विधायक ने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान से यह साफ हो गया है कि जमीन सरकारी न्यास को ही आवंटित की गई है। उन्होंने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि राजनीति तथ्यों के आधार पर करनी चाहिए, क्योंकि झूठे आरोपों से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता।
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क्या थे जीतू पटवारी के आरोप?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 24 जून को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि उज्जैन में वीर भारत न्यास को करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन मात्र एक रुपये की टोकन राशि पर दे दी गई। उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के परिवार की जमीन खरीद और अन्य मामलों पर भी सवाल उठाए थे।
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दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
शनिवार को उज्जैन में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि वीर भारत न्यास सरकारी और सार्वजनिक ट्रस्ट है। उन्होंने बताया कि इस न्यास के पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं और उनके कार्यकाल में भी यही व्यवस्था थी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकारी न्यास को जमीन आवंटित किए जाने में कोई अनियमितता नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग की राजनीति करते हैं।
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