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अजयपार धाम: दानपेटी से 25 हजार गायब होने पर विवाद, वायरल वीडियो के बाद संचालक बोले- सेवादारों पर हुए खर्च

Mon, 27 Jul 2026 10:12 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: छतरपुर ब्यूरो Updated Mon, 27 Jul 2026 10:12 PM IST
सार

छतरपुर के अजयपार धाम में दानपेटी से ₹25 हजार निकालने को लेकर विवाद गहरा गया। वायरल वीडियो में चढ़ावे की राशि पर बहस दिखाई दी। संचालक करन कुशवाहा उर्फ भगत जी ने खर्च का हिसाब देते हुए दुरुपयोग से इनकार किया, लेकिन मीडिया के सवालों के बीच इंटरव्यू बीच में ही रोक दिया गया।

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Controversy over disappearance of ₹25 thousand from the donation box of Ajaypar Dham
Photo Title - फोटो : credit

विस्तार

छतरपुर जिले के कैंडी गांव स्थित अजयपार धाम में चढ़ावे की राशि को लेकर विवाद सामने आया है। दानपेटी से ₹25 हजार निकालने को लेकर हुई बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में चढ़ावे के पैसों के उपयोग को लेकर मौजूद लोगों के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है।
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विवाद के बाद अजयपार धाम के संचालक करन कुशवाहा उर्फ भगत जी ने सामने आकर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि दानपेटी से निकाली गई राशि का किसी प्रकार का दुरुपयोग नहीं किया गया। उनके अनुसार, वे साधना के लिए बाहर गए थे, जिसमें करीब ₹15 हजार पेट्रोल और यात्रा संबंधी अन्य खर्चों पर खर्च हुए। शेष ₹10 हजार सेवादारों की व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों में लगाए गए।
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वायरल वीडियो के संबंध में पूछे गए सवाल पर भगत जी ने पहले इसे भ्रामक तरीके से पेश किए जाने की बात कही। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि वीडियो और उसमें हुई बातचीत वास्तविक है, लेकिन उसका संदर्भ गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। उनका कहना था कि बिना पूरे तथ्य जाने मामले को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान जब दानपेटी की राशि, उसके रखरखाव और हिसाब-किताब को लेकर लगातार सवाल पूछे गए तो भगत जी ने बातचीत बीच में ही समाप्त कर मीडिया कर्मियों से बाहर जाने का आग्रह किया। इसके बाद इंटरव्यू अधूरा रह गया।

गौरतलब है कि कैंडी गांव स्थित अजयपार धाम में करन कुशवाहा उर्फ भगत जी नियमित रूप से दरबार लगाते हैं। वे गंभीर बीमारियों और अन्य समस्याओं के समाधान का दावा करते हैं। बागेश्वर धाम की तर्ज पर संचालित होने के कारण उनके दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। फिलहाल दानपेटी की राशि को लेकर सामने आए विवाद और वायरल वीडियो ने धाम की व्यवस्थाओं तथा चढ़ावे के उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, भगत जी अपनी ओर से सफाई दे चुके हैं। मामले में यदि प्रशासनिक जांच या कोई आधिकारिक कार्रवाई होती है, तो उसके बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

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