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Chhindwara News: नारियल वाले हनुमान मंदिर के नोटिस पर बवाल, श्रद्धालुओं ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Tue, 09 Jun 2026 04:46 PM IST
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सार

छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध नारियल वाले हनुमान मंदिर में नारियल हटाने संबंधी प्रशासनिक नोटिस के विरोध में श्रद्धालुओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। हनुमान चालीसा का पाठ कर नोटिस वापस लेने की मांग की गई, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया।

Anger over administrative notice on coconut Hanuman temple, devotees stage protest at collectorate
विरोध करते हिन्दू संगठन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

छिंदवाड़ा शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित प्रसिद्ध नारियल वाले हनुमान मंदिर को लेकर जारी प्रशासनिक नोटिस के विरोध में मंगलवार को मंदिर समिति, संत समाज और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रदर्शन किया। श्रद्धालु कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी की, धरना दिया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध दर्ज कराया।

 

प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम द्वारा जारी नोटिस को धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर की परंपरा और धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने की अपील की।

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मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन रोड स्थित यह मंदिर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में 'नारियल वाले हनुमान जी' के नाम से प्रसिद्ध है। वर्षों से श्रद्धालु यहां मनोकामना पूर्ण होने पर नारियल चढ़ाते हैं, जो मंदिर की पहचान बन चुका है। समिति का कहना है कि मंदिर में चढ़ाए गए नारियल श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक हैं, इसलिए उन्हें हटाने संबंधी आदेश लोगों की भावनाओं को आहत करता है।

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नोटिस की जानकारी सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में लोगों का जुटना शुरू हो गया और बाद में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कलेक्ट्रेट पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि सुरक्षा संबंधी कोई चिंता है तो उसका वैकल्पिक समाधान निकाला जा सकता है, लेकिन वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कई लोग धार्मिक ध्वज और भगवान हनुमान के चित्र भी साथ लेकर पहुंचे।

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मंदिर समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि बिना समिति और श्रद्धालुओं से चर्चा किए नोटिस जारी करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि मंदिर की परंपरा प्रभावित करने का प्रयास किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

ज्ञापन लेने पहुंचे एडीएम धीरेंद्र सिंह और मंदिर समिति के प्रतिनिधियों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई। एडीएम ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा कि हाल के समय में आगजनी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। मंदिर परिसर में बड़ी मात्रा में नारियल और अन्य सामग्री जमा होने से सुरक्षा संबंधी जोखिम की आशंका बनी रहती है। इसी कारण एहतियातन पत्र जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसी धार्मिक परंपरा को समाप्त करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट के आसपास यातायात व्यवस्था भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। हालांकि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन तथा प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। मंदिर समिति ने संकेत दिए हैं कि यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर अपने रुख पर कायम है। ऐसे में यह मामला अब धार्मिक आस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बन गया है, जिस पर पूरे शहर की निगाहें टिकी हुई हैं।

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